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Political and Administrative Reorganization of Rajasthan

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State Administrative Services (RAS)अध्याय 12 / 12

Political and Administrative Reorganization of Rajasthanअध्ययन नोट्स

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राजस्थान का राजनीतिक पुनर्गठन (Political Reorganization of Rajasthan)

व्याख्या

राजस्थान का राजनीतिक पुनर्गठन (Political Reorganization of Rajasthan)

राजस्थान का राजनीतिक पुनर्गठन भारत की स्वतंत्रता के बाद विभिन्न रियासतों के एकीकरण और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से हुआ। 1947 से 1956 तक राजस्थान में सात चरणों में पुनर्गठन हुआ। प्रारंभ में राजस्थान क्षेत्र विभिन्न रियासतों, प्रमुखताओं और ब्रिटिश अधीनस्थ क्षेत्रों में विभाजित था। इन रियासतों को एकीकृत करने के लिए भारत सरकार ने कई समझौते एवं अधिनियम लागू किए। 1948 में राजस्थान संघ का गठन हुआ, जिसमें 9 रियासतें शामिल थीं। 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम (States Reorganization Act) के तहत राजस्थान का अंतिम स्वरूप निर्धारित हुआ। पुनर्गठन के दौरान जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर आदि रियासतों का विलय हुआ। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राजस्थान की स्थापना 30 मार्च 1949 को हुई • राजस्थान पुनर्गठन 1956 में पूर्ण हुआ • राजस्थान की राजधानी जयपुर है • राजस्थान पुनर्गठन के सात चरणों की तिथियों को याद रखें • राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं

  • राजस्थान का पुनर्गठन 7 चरणों में हुआ (1948-1956)
  • राजस्थान संघ का गठन 25 मार्च 1948 को हुआ
  • 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत वर्तमान राजस्थान का स्वरूप बना
  • जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटा, सिरोही आदि रियासतों का विलय
  • राजस्थान की राजधानी जयपुर 7 अप्रैल 1949 को घोषित हुई
  • 📌 राज्य पुनर्गठन अधिनियम: 1956 में लागू हुआ, जिससे राजस्थान का अंतिम स्वरूप बना
  • 📌 राजस्थान संघ: 1948 में गठित 9 रियासतों का समूह

राज्यपाल: राजस्थान के संवैधानिक प्रमुख (Governor of Rajasthan)

अवधारणा

राज्यपाल: राजस्थान के संवैधानिक प्रमुख (Governor of Rajasthan)

राज्यपाल (Governor) राजस्थान राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, परंतु राष्ट्रपति की इच्छा पर कार्यकाल कम या अधिक हो सकता है। राज्यपाल राज्य की कार्यपालिका का प्रमुख होता है और विधानसभा के कार्यों की निगरानी करता है। राज्यपाल को विशेषाधिकार प्राप्त हैं जैसे- अध्यादेश जारी करना, मंत्रिपरिषद की नियुक्ति, विधानसभा को भंग करना आदि। राजस्थान के प्रथम राज्यपाल महाराज सवाई मानसिंह द्वितीय थे। वर्तमान राज्यपाल (2024) श्री कलराज मिश्र हैं। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्ष होता है • राज्यपाल विधानसभा के सत्र बुला सकते हैं • राज्यपाल मंत्रिपरिषद की नियुक्ति करते हैं • राज्यपाल की शक्तियों और नियुक्ति प्रक्रिया पर आधारित प्रश्न अक्सर आते हैं • राज्यपाल के विशेषाधिकार (अध्यादेश, विधानसभा भंग) को याद रखें

  • राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है
  • राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्ष (President's pleasure)
  • राज्यपाल विधानसभा को भंग/स्थगित कर सकते हैं
  • राज्यपाल अध्यादेश (Ordinance) जारी कर सकते हैं
  • राज्यपाल मंत्रिपरिषद की नियुक्ति करते हैं
  • 📌 अध्यादेश: राज्यपाल द्वारा विधानसभा के सत्र न होने पर जारी आदेश
  • 📌 President's Pleasure: राष्ट्रपति की इच्छा पर राज्यपाल का कार्यकाल

राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly)

व्याख्या

राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly)

राजस्थान विधानसभा (Legislative Assembly) राज्य की विधायिका है। विधानसभा में सदस्यों की संख्या 200 है, जिनका चुनाव प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा होता है। विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्ष होता है। विधानसभा के प्रमुख अधिकारी अध्यक्ष (Speaker), उपाध्यक्ष (Deputy