Ch 11निःशुल्क

State Administrative Services (RAS)

🎓 Rajasthan General Knowledge📖 राजस्थान की राजव्यवस्था📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

State Administrative Services (RAS)अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

राज्यपाल (Governor) — नियुक्ति, शक्तियाँ एवं कार्य

व्याख्या

राज्यपाल (Governor) — नियुक्ति, शक्तियाँ एवं कार्य

राजस्थान के राज्यपाल (Governor) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 153 से 162 के अंतर्गत राज्य के संवैधानिक प्रमुख होते हैं। राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जो पाँच वर्षों के लिए होती है, परंतु राष्ट्रपति की इच्छा पर राज्यपाल को हटाया भी जा सकता है। राज्यपाल का मुख्य कार्य राज्य सरकार का संचालन करना, विधानसभा को बुलाना, स्थगित करना तथा भंग करना, मंत्रिपरिषद की नियुक्ति करना, अध्यादेश जारी करना आदि है। राज्यपाल के पास कार्यकारी, विधायी, न्यायिक और विवेकाधीन शक्तियाँ होती हैं। राजस्थान के प्रथम राज्यपाल श्रीमंत माहराज मानसिंह द्वितीय थे, जबकि वर्तमान (2024) में श्री कलराज मिश्र राज्यपाल हैं। राज्यपाल राज्य की विधायी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जैसे विधेयकों को स्वीकृति देना, बजट पारित करना, तथा विशेष परिस्थितियों में राष्ट्रपति शासन (President's Rule) की संस्तुति करना। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राजस्थान के वर्तमान राज्यपाल: श्री कलराज मिश्र (सितंबर 2019 से) • राज्यपाल का वेतन: 3.5 लाख रुपये प्रति माह (2023 के अनुसार) • राज्यपाल की शक्तियाँ अनुच्छेद 153-162 में वर्णित हैं • राज्यपाल की शक्तियाँ और अनुच्छेद (153-162) अक्सर पूछे जाते हैं • राज्यपाल की नियुक्ति, कार्यकाल, और हटाने की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दें

  • राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है (अनुच्छेद 155)
  • राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है (अनुच्छेद 156)
  • राजस्थान के प्रथम राज्यपाल: श्रीमंत माहराज मानसिंह द्वितीय (1949-1956)
  • राज्यपाल के पास अध्यादेश जारी करने की शक्ति (अनुच्छेद 213)
  • राज्यपाल विधानसभा को बुला, स्थगित या भंग कर सकते हैं
  • 📌 राज्यपाल: राज्य का संवैधानिक प्रमुख
  • 📌 अध्यादेश (Ordinance): राज्यपाल द्वारा जारी अस्थायी कानून

राजस्थान विधानसभा (Legislative Assembly) — संरचना, कार्य एवं शक्तियाँ

व्याख्या

राजस्थान विधानसभा (Legislative Assembly) — संरचना, कार्य एवं शक्तियाँ

राजस्थान विधानसभा (Legislative Assembly) राज्य की एकमात्र विधायी संस्था है, जिसे 'एकसदनीय' (Unicameral) कहा जाता है। इसकी स्थापना 1952 में हुई थी। वर्तमान में (2024) राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सदस्य हैं, जिन्हें प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा 5 वर्षों के लिए चुना जाता है। विधानसभा का मुख्य कार्य राज्य के लिए कानून बनाना, बजट पारित करना, सरकार को उत्तरदायी बनाना और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करना है। विधानसभा का सत्र राज्यपाल द्वारा बुलाया जाता है और अध्यक्ष (Speaker) उसकी अध्यक्षता करते हैं। विधानसभा में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित सीटें भी हैं। विधानसभा के प्रमुख पदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता शामिल हैं। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • पहली विधानसभा के अध्यक्ष: श्री नारायण सिंह • वर्तमान अध्यक्ष: डॉ. सी. पी. जोशी (2024) • विधानसभा के सत्र की न्यूनतम संख्या: वर्ष में दो • विधानसभा की कुल सीटें, आरक्षित सीटें, और कार्यकाल से जुड़े प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं • पहली और वर्तमान विधानसभा के अध्यक्षों के नाम याद रखें

  • राजस्थान विधानसभा की स्थापना 31 मार्च 1952 को हुई
  • कुल सदस्य: 200 (2024 के अनुसार)
  • अनुसूचित जाति के लिए 34, अनुसूचित जनजाति के लिए 25 सीटें आरक्षित
  • विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्ष (अनुच्छेद 172)
  • विधानसभा का मुख्यालय: जयपुर
  • 📌 विधानसभा: राज्य की विधायी संस्था
  • 📌 अध्यक्ष (Speaker): विधानसभा का अध्यक्षीय पद

राज्य मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) — गठन, कार्य एवं उत्तरदायित्व

व्याख्या

राज्य मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) — गठन, कार्य एवं उत्तरदायित्व

राजस्थान राज्य में मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) का गठन मुख्यमंत्री (Chief Minister) के नेतृत्व में राज्यपाल द्वारा किया जाता है। मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। मंत्रिपरिषद में कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उप