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Chapter 9

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Numerical Analysis and Vector Calculus (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 8अध्याय 12 / 18Chapter 10

Chapter 9अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

9.1 परिचय

व्याख्या

9.1 परिचय

इस खंड में बीजीय तथा अबीजीय समीकरणों के संख्यात्मक हल का परिचय दिया गया है। बीजीय समीकरण वे समीकरण होते हैं जिनमें चर की घातें पूर्णांक होती हैं, जैसे x² + 3x + 2 = 0। अबीजीय समीकरणों में चर की घातें या अन्य गणितीय क्रियाएँ (जैसे त्रिकोणमितीय, लघुगणकीय, आदि) होती हैं, उदाहरणस्वरूप sin(x) = x। संख्यात्मक विश्लेषण में इन समीकरणों के हल के लिए विशिष्ट विधियाँ अपनाई जाती हैं क्योंकि कई बार इनका विश्लेषणात्मक हल संभव नहीं होता। इस अध्याय में हम विभिन्न संख्यात्मक विधियों (जैसे बाइसेक्शन विधि, नियूटन-रैफसन विधि, आदि) का अध्ययन करेंगे।

  • बीजीय समीकरणों में चर की घातें पूर्णांक होती हैं।
  • अबीजीय समीकरणों में चर की घातें या अन्य गणितीय क्रियाएँ होती हैं।
  • संख्यात्मक विश्लेषण में समीकरणों के हल के लिए विशेष विधियाँ अपनाई जाती हैं।
  • कई समीकरणों का विश्लेषणात्मक हल संभव नहीं होता।
  • इस अध्याय में संख्यात्मक हल की विभिन्न विधियाँ पढ़ेंगे।
  • 📌 बीजीय समीकरण: वह समीकरण जिसमें चर की घातें पूर्णांक होती हैं।
  • 📌 अबीजीय समीकरण: वह समीकरण जिसमें चर की घातें या अन्य गणितीय क्रियाएँ होती हैं।
  • 📌 संख्यात्मक विश्लेषण: समीकरणों के हल के लिए गणितीय विधियाँ।

9.2 बीजीय समीकरणों के संख्यात्मक हल

अवधारणा

9.2 बीजीय समीकरणों के संख्यात्मक हल

बीजीय समीकरणों के संख्यात्मक हल के लिए कई विधियाँ उपलब्ध हैं। इनमें सबसे प्रमुख बाइसेक्शन विधि, नियूटन-रैफसन विधि, और फॉल्स पोजिशन विधि हैं। इन विधियों का उपयोग तब किया जाता है जब समीकरण का विश्लेषणात्मक हल प्राप्त करना कठिन होता है। संख्यात्मक विधियाँ समीकरण के वास्तविक हल के समीप एक अनुमानित मान देती हैं, जिसे इच्छित सटीकता तक सुधारा जा सकता है। इन विधियों में प्रारंभिक अनुमान, पुनरावृत्ति, और सटीकता की जाँच शामिल होती है।

  • संख्यात्मक विधियाँ अनुमानित हल देती हैं।
  • प्रमुख विधियाँ: बाइसेक्शन, नियूटन-रैफसन, फॉल्स पोजिशन।
  • इन विधियों में पुनरावृत्ति का प्रयोग होता है।
  • समीकरण का विश्लेषणात्मक हल कठिन होने पर इन विधियों का प्रयोग होता है।
  • सटीकता की जाँच आवश्यक है।
  • 📌 बाइसेक्शन विधि: दो बिंदुओं के बीच मध्य बिंदु का चयन।
  • 📌 नियूटन-रैफसन विधि: स्पर्शरेखा आधारित पुनरावृत्ति विधि।
  • 📌 फॉल्स पोजिशन विधि: रेखीय अनुमान पर आधारित विधि।

9.3 बाइसेक्शन विधि

व्याख्या

9.3 बाइसेक्शन विधि

बाइसेक्शन विधि एक सरल और विश्वसनीय संख्यात्मक विधि है। इसमें समीकरण f(x) = 0 के हल के लिए दो प्रारंभिक बिंदु a और b चुने जाते हैं, जहाँ f(a) और f(b) के चिन्ह विपरीत होते हैं। इसका अर्थ है कि हल a और b के बीच में है। फिर मध्य बिंदु x₁ = (a + b)/2 लिया