Ch 3निःशुल्क

Chapter 3

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Numerical Analysis and Vector Calculus (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट
Chapter 2अध्याय 5 / 18Chapter 3

Chapter 3अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

3.1 प्रस्तावना

व्याख्या

3.1 प्रस्तावना

इस अनुभाग में समान अंतराल द्वारा अंतर्वेशन (Interpolation with Equal Intervals) की आवश्यकता और महत्त्व को समझाया गया है। जब हमें किसी फलन के कुछ निश्चित बिंदुओं पर मान ज्ञात होते हैं और हमें इन बिंदुओं के मध्य किसी अन्य बिंदु पर फलन का मान ज्ञात करना होता है, तब अंतर्वेशन विधियों का उपयोग किया जाता है। विशेष रूप से, जब दिए गए बिंदुओं के x-अक्ष पर अंतराल समान होते हैं, तो समान अंतराल द्वारा अंतर्वेशन विधियाँ अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती हैं। इस अध्याय में न्यूटन की अग्रगामी (Forward) और पश्चगामी (Backward) अंतरवल विधियों का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा। इन विधियों का उपयोग सांख्यिकी, भौतिकी, अभियांत्रिकी, अर्थशास्त्र आदि क्षेत्रों में किया जाता है, जहाँ प्रायः प्रायोगिक अथवा सांख्यिकीय आँकड़ों के मध्य मानों का अनुमान आवश्यक होता है।

  • अंतर्वेशन का अर्थ ज्ञात बिंदुओं के मध्य मान ज्ञात करना है।
  • समान अंतराल का तात्पर्य है कि सभी x-बिंदुओं के बीच का अंतर समान हो।
  • समान अंतराल द्वारा अंतर्वेशन विधियाँ गणना को सरल बनाती हैं।
  • न्यूटन की अग्रगामी और पश्चगामी विधियाँ मुख्य रूप से प्रयुक्त होती हैं।
  • इन विधियों का उपयोग वास्तविक जीवन की समस्याओं में किया जाता है।
  • 📌 अंतर्वेशन: ज्ञात बिंदुओं के मध्य मान ज्ञात करने की प्रक्रिया।
  • 📌 समान अंतराल: सभी बिंदुओं के बीच x का अंतर समान होना।

3.2 अंतरवल के लिए आवश्यक शर्तें

अवधारणा

3.2 अंतरवल के लिए आवश्यक शर्तें

इस अनुभाग में अंतर्वेशन विधियों के सफल उपयोग के लिए आवश्यक शर्तों का वर्णन किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि सभी बिंदुओं के x-अक्ष पर अंतराल समान होने चाहिए, अर्थात् x₁ - x₀ = x₂ - x₁ = ... = h (जहाँ h समान अंतराल है)। इसके अतिरिक्त, फलन का व्यवहार भी अपेक्षाकृत नियमित होना चाहिए, ताकि बहुपद द्वारा उसका सन्निकटन संभव हो सके। यदि अंतराल असमान हैं, तो अन्य विधियाँ (जैसे लैग्रांज विधि) प्रयुक्त होती हैं।

  • सभी बिंदुओं के बीच x का अंतर समान होना चाहिए।
  • फलन का व्यवहार नियमित (smooth) होना चाहिए।
  • असमान अंतराल के लिए अन्य अंतर्वेशन विधियाँ प्रयुक्त होती हैं।
  • समान अंतराल विधियाँ गणना को सरल बनाती हैं।
  • 📌 समान अंतराल: सभी x-बिंदुओं के बीच का अंतर समान होना।
  • 📌 असमान अंतराल: बिंदुओं के बीच x का अंतर अलग-अलग होना।

3.3 अग्रगामी अंतरवल सूत्र (Newton’s Forward Interpolation Formula)

सूत्र

3.3 अग्रगामी अंतरवल सूत्र (Newton’s Forward Interpolation Formula)

इस अनुभाग में न्यूटन के अग्रगामी अंतरवल सूत्र का विस्तार से वर्णन किया गया है। जब ज्ञात बिंदुओं के x-अक्ष पर समान अंतराल होते हैं और हमें प्रारंभिक बिंदु के समीप किसी बिंदु पर फलन का मान ज्ञात करना होता है, तब अग्रगामी अंतरवल सूत्र का उपयोग किया जाता