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Chapter 6

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Numerical Analysis and Vector Calculus (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 5अध्याय 9 / 18Chapter 7

Chapter 6अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

6.1 प्रस्तावना

व्याख्या

6.1 प्रस्तावना

इस अनुभाग में प्रतिलोम अंतर्वेशन (Inverse Interpolation) की आवश्यकता, महत्व और इसकी भूमिका का परिचय दिया गया है। सामान्यतः अंतर्वेशन (Interpolation) का प्रयोग ज्ञात डेटा बिंदुओं के बीच किसी अज्ञात मान का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है। परंतु कई बार हमें किसी फलन के मान के लिए वह स्वतंत्र चर (independent variable) ज्ञात करना होता है, जिसके लिए फलन का मान ज्ञात है। ऐसे में प्रतिलोम अंतर्वेशन का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी तापमान तालिका में तापमान के विभिन्न मानों के लिए दबाव ज्ञात है, तो किसी विशेष दबाव के लिए तापमान ज्ञात करना प्रतिलोम अंतर्वेशन कहलाता है। यह अध्याय प्रतिलोम अंतर्वेशन की विधियों, उनके गणितीय आधार और व्यावहारिक अनुप्रयोगों को विस्तार से समझाता है।

  • प्रतिलोम अंतर्वेशन ज्ञात फलन मान के लिए स्वतंत्र चर का अनुमान लगाने की विधि है।
  • यह सामान्य अंतर्वेशन का विपरीत (inverse) रूप है।
  • यह विधि सांख्यिकीय तालिकाओं, भौतिकी, अभियांत्रिकी आदि में अत्यंत उपयोगी है।
  • इसकी आवश्यकता तब होती है जब फलन का मान ज्ञात हो और स्वतंत्र चर ज्ञात करना हो।
  • अध्याय में विभिन्न प्रतिलोम अंतर्वेशन विधियाँ दी गई हैं।
  • 📌 प्रतिलोम अंतर्वेशन: ज्ञात फलन मान के लिए स्वतंत्र चर का अनुमान लगाने की प्रक्रिया।
  • 📌 स्वतंत्र चर: वह चर जिसे स्वतंत्र रूप से बदला जा सकता है।

6.2 प्रतिलोम अंतर्वेशन की आवश्यकता

अवधारणा

6.2 प्रतिलोम अंतर्वेशन की आवश्यकता

इस अनुभाग में प्रतिलोम अंतर्वेशन की आवश्यकता और उसके उपयोग के कारणों को विस्तार से समझाया गया है। जब किसी फलन y = f(x) के लिए x के विभिन्न मानों के लिए y ज्ञात हो, लेकिन किसी विशेष y के लिए x ज्ञात करना हो, तो सामान्य अंतर्वेशन विधि पर्याप्त नहीं होती। ऐसे में प्रतिलोम अंतर्वेशन की आवश्यकता होती है। यह विधि भौतिकी, सांख्यिकी, अभियांत्रिकी, वित्त, रसायन विज्ञान आदि क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, तापमान और दबाव की तालिका में किसी विशेष दबाव के लिए तापमान ज्ञात करना, या ब्याज दर तालिका में किसी निश्चित ब्याज के लिए दर ज्ञात करना।

  • सामान्य अंतर्वेशन में y ज्ञात किया जाता है, प्रतिलोम अंतर्वेशन में x ज्ञात किया जाता है।
  • तालिकाओं में प्रतिलोम अंतर्वेशन का प्रयोग अत्यंत उपयोगी है।
  • यह विधि व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में सहायक है।
  • कई बार फलन का प्रतिलोम निकालना कठिन होता है, तब यह विधि उपयोगी है।
  • 📌 तालिका: डेटा का सारणीबद्ध रूप।
  • 📌 फलन: दो चर के बीच संबंध।

6.3 प्रतिलोम अंतर्वेशन की सामान्य विधि

व्याख्या

6.3 प्रतिलोम अंतर्वेशन की सामान्य विधि

इस अनुभाग में प्रतिलोम अंतर्वेशन की सामान्य विधि को विस्तार से समझाया गया है। सामान्यतः, यदि y = f(x) के लिए x के विभिन्न मानों के लिए y ज्ञात हो, तो किसी विशेष y के लिए x ज्ञात करने हेतु निम्नलिखित चरण अपनाए जाते हैं: 1. सबसे पहले, दिए गए y के निकटत