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Chapter 6

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Social Research (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 5अध्याय 6 / 14Chapter 7

Chapter 6अध्ययन नोट्स

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6.1 तथ्य की अवधारणा

अवधारणा

6.1 तथ्य की अवधारणा

तथ्य सामाजिक अनुसंधान में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तथ्य वह जानकारी या डेटा है जो वास्तविकता का प्रतिनिधित्व करता है और जिसे प्रमाणित किया जा सकता है। तथ्य वस्तुनिष्ठ होते हैं, अर्थात् वे व्यक्तिगत राय या पूर्वाग्रह से मुक्त होते हैं। सामाजिक विज्ञान में तथ्य समाज, व्यक्ति, समूह, संस्थाओं आदि से संबंधित होते हैं। तथ्य का संग्रहण, विश्लेषण और व्याख्या अनुसंधान की प्रक्रिया का मूल आधार है। तथ्य को समझने के लिए हमें यह जानना आवश्यक है कि वे किस प्रकार के होते हैं, उनके स्रोत क्या हैं, और उनका उपयोग कैसे किया जाता है। तथ्य के प्रकार और स्रोत को समझना अनुसंधान की गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

  • तथ्य वास्तविकता का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • तथ्य वस्तुनिष्ठ होते हैं, अर्थात् वे पूर्वाग्रह से मुक्त होते हैं।
  • सामाजिक अनुसंधान में तथ्य का संग्रहण और विश्लेषण आवश्यक है।
  • तथ्य समाज, व्यक्ति, समूह आदि से संबंधित होते हैं।
  • तथ्य अनुसंधान की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
  • 📌 तथ्य: वास्तविकता का प्रमाणित डेटा।
  • 📌 वस्तुनिष्ठता: पूर्वाग्रह से मुक्त होना।

6.2 तथ्य के प्रकार

व्याख्या

6.2 तथ्य के प्रकार

सामाजिक अनुसंधान में तथ्य के विभिन्न प्रकार होते हैं, जिनका वर्गीकरण उनके स्वरूप और उपयोग के आधार पर किया जाता है। मुख्यतः तथ्य दो प्रकार के होते हैं: (1) मात्रात्मक तथ्य (Quantitative Facts) और (2) गुणात्मक तथ्य (Qualitative Facts)। मात्रात्मक तथ्य वे होते हैं जिन्हें संख्याओं के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जैसे - जनसंख्या, आय, शिक्षा स्तर आदि। गुणात्मक तथ्य वे होते हैं जिन्हें शब्दों या वर्णन के रूप में व्यक्त किया जाता है, जैसे - सामाजिक स्थिति, मूल्य, परंपराएं आदि। इसके अतिरिक्त, तथ्य को प्राथमिक और द्वितीयक तथ्य के रूप में भी वर्गीकृत किया जाता है। प्राथमिक तथ्य वे होते हैं जिन्हें शोधकर्ता स्वयं एकत्र करता है, जबकि द्वितीयक तथ्य वे होते हैं जो पहले से उपलब्ध स्रोतों से प्राप्त होते हैं।

  • तथ्य मुख्यतः मात्रात्मक और गुणात्मक होते हैं।
  • मात्रात्मक तथ्य संख्याओं में व्यक्त किए जाते हैं।
  • गुणात्मक तथ्य शब्दों या वर्णन में व्यक्त होते हैं।
  • तथ्य को प्राथमिक और द्वितीयक भी कहा जाता है।
  • प्राथमिक तथ्य शोधकर्ता द्वारा सीधे एकत्र किए जाते हैं।
  • द्वितीयक तथ्य पहले से उपलब्ध स्रोतों से लिए जाते हैं।
  • 📌 मात्रात्मक तथ्य: संख्यात्मक डेटा।
  • 📌 गुणात्मक तथ्य: वर्णनात्मक डेटा।
  • 📌 प्राथमिक तथ्य: शोधकर्ता द्वारा एकत्रित डेटा।

6.3 तथ्य के स्रोत

व्याख्या

6.3 तथ्य के स्रोत

तथ्य के स्रोत वे माध्यम हैं जिनसे शोधकर्ता तथ्य एकत्र करता है। सामाजिक अनुसंधान में तथ्य के स्रोत मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं: (1) प्राथमिक स्रोत (Primary Sources) और (2) द्वितीयक स्रोत (Secondary Sources)। प्राथमिक स्रोत वे होते हैं जिनसे तथ्य सी