Chapter 3
Chapter 3 — अध्ययन नोट्स
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सामाजिक सर्वेक्षण : परिचय
व्याख्यासामाजिक सर्वेक्षण : परिचय
सामाजिक सर्वेक्षण सामाजिक अनुसंधान की एक महत्वपूर्ण विधि है, जिसका उद्देश्य समाज में घटित होने वाली विविध घटनाओं, समस्याओं और प्रवृत्तियों का वैज्ञानिक अध्ययन करना है। सामाजिक सर्वेक्षण के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं जैसे जनसंख्या, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, परिवार, विवाह, अपराध, आदि की विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाती है। सर्वेक्षण विधि का प्रयोग सामाजिक विज्ञानों में विशेष रूप से किया जाता है, क्योंकि इसके माध्यम से सामाजिक तथ्यों को संख्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। सर्वेक्षण के दौरान शोधकर्ता निर्धारित क्षेत्र, समूह या समुदाय में जाकर प्रत्यक्ष रूप से जानकारी एकत्रित करता है। यह जानकारी प्रश्नावली, साक्षात्कार, प्रेक्षण, आदि के माध्यम से प्राप्त की जाती है। सर्वेक्षण विधि के विकास में ब्रिटेन, अमेरिका और भारत के समाजशास्त्रियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भारत में सामाजिक सर्वेक्षण का प्रयोग 19वीं शताब्दी में जनगणना और सामाजिक समस्याओं के अध्ययन के लिए प्रारंभ हुआ था।
- सामाजिक सर्वेक्षण समाज के विविध पहलुओं का वैज्ञानिक अध्ययन है।
- सर्वेक्षण विधि में प्रत्यक्ष जानकारी एकत्रित की जाती है।
- प्रश्नावली, साक्षात्कार, प्रेक्षण आदि सर्वेक्षण के मुख्य उपकरण हैं।
- भारत में सर्वेक्षण का प्रयोग 19वीं शताब्दी से प्रारंभ हुआ।
- सर्वेक्षण विधि सामाजिक विज्ञानों में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी संख्यात्मक रूप में प्रस्तुत की जाती है।
- 📌 सामाजिक सर्वेक्षण: समाज के विभिन्न पहलुओं का वैज्ञानिक अध्ययन।
- 📌 प्रश्नावली: प्रश्नों की सूची, जिससे जानकारी एकत्रित की जाती है।
- 📌 साक्षात्कार: व्यक्ति से प्रत्यक्ष बातचीत द्वारा जानकारी प्राप्त करना।
सामाजिक सर्वेक्षण का अर्थ
परिभाषासामाजिक सर्वेक्षण का अर्थ
सामाजिक सर्वेक्षण का अर्थ है समाज में घटित होने वाली घटनाओं, समस्याओं, प्रवृत्तियों, और सामाजिक संरचनाओं का व्यवस्थित, वैज्ञानिक एवं वस्तुनिष्ठ अध्ययन। इसमें शोधकर्ता किसी निश्चित क्षेत्र, समुदाय या समूह में जाकर प्रत्यक्ष रूप से जानकारी एकत्रित करता है। सर्वेक्षण का उद्देश्य समाज की वास्तविक स्थिति को जानना, समस्याओं की पहचान करना, और उनके समाधान के लिए सुझाव देना होता है। सामाजिक सर्वेक्षण में तथ्यों को संख्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे निष्कर्ष अधिक विश्वसनीय और प्रमाणिक होते हैं। सर्वेक्षण में प्रश्नावली, साक्षात्कार, प्रेक्षण, आदि विधियों का प्रयोग किया जाता है।
- सामाजिक सर्वेक्षण का अर्थ है समाज का वैज्ञानिक अध्ययन।
- सर्वेक्षण में प्रत्यक्ष जानकारी एकत्रित की जाती है।
- तथ्यों को संख्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
- सर्वेक्षण का उद्देश्य समस्याओं की पहचान और समाधान है।
- प्रश्नावली, साक्षात्कार, प्रेक्षण सर्वेक्षण के मुख्य उपकरण हैं।
- 📌 वस्तुनिष्ठता: निष्पक्षता, जिसमें व्यक्तिगत राय या पूर्वाग्रह नहीं होता।
- 📌 संख्यात्मक प्रस्तुति: तथ्यों को संख्या के रूप में प्रस्तुत करना।
सामाजिक सर्वेक्षण की प्रकृति
अवधारणासामाजिक सर्वेक्षण की प्रकृति
सामाजिक सर्वेक्षण की प्रकृति वैज्ञानिक, व्यवस्थित, वस्तुनिष्ठ और संख्यात्मक होती है। सर्वेक्षण विधि में शोधकर्ता पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार कार्य करता है। इसमें शोध की समस्या का चयन, उद्देश्य निर्धारण, क्षेत्र का चयन, नमूना निर्धारण, जानकारी एकत
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