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Chapter 10

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Social Research (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 9अध्याय 10 / 14Chapter 11

Chapter 10अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

10.1 सामाजिक अनुसंधान की परिभाषा और प्रकृति

परिभाषा

10.1 सामाजिक अनुसंधान की परिभाषा और प्रकृति

सामाजिक अनुसंधान वह वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से समाज, सामाजिक संबंधों, संस्थाओं और प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है। इसका उद्देश्य समाज में घटित होने वाली घटनाओं, व्यवहारों और परिवर्तनों को समझना और उनकी व्याख्या करना है। सामाजिक अनुसंधान में वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग किया जाता है जिससे निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ जानकारी प्राप्त की जा सके। यह अनुसंधान समाजशास्त्र, मानवशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र आदि विषयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सामाजिक अनुसंधान की प्रकृति वैज्ञानिक, व्यवस्थित, तर्कसंगत और उद्देश्यपूर्ण होती है। इसमें तथ्यों का संग्रहण, विश्लेषण और व्याख्या की जाती है। यह अनुसंधान मात्रात्मक (quantitative) और गुणात्मक (qualitative) दोनों प्रकार का हो सकता है। सामाजिक अनुसंधान के माध्यम से समाज की समस्याओं का समाधान, नीतियों का निर्माण तथा सामाजिक विकास में सहायता मिलती है।

  • सामाजिक अनुसंधान समाज और सामाजिक संबंधों का वैज्ञानिक अध्ययन है।
  • यह निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और व्यवस्थित प्रक्रिया है।
  • मात्रात्मक और गुणात्मक दोनों प्रकार के अनुसंधान इसमें शामिल हैं।
  • इसका उद्देश्य सामाजिक समस्याओं को समझना और समाधान प्रस्तुत करना है।
  • यह समाजशास्त्र, मानवशास्त्र, राजनीति विज्ञान आदि विषयों में उपयोगी है।
  • सामाजिक अनुसंधान समाज के विकास और नीति निर्माण में सहायक है।
  • 📌 सामाजिक अनुसंधान: समाज और सामाजिक संबंधों का वैज्ञानिक अध्ययन।
  • 📌 मात्रात्मक अनुसंधान: आँकड़ों और संख्याओं के माध्यम से अध्ययन।
  • 📌 गुणात्मक अनुसंधान: विचारों, अनुभवों और भावनाओं का अध्ययन।

10.2 सामाजिक अनुसंधान का महत्व एवं उद्देश्य

अवधारणा

10.2 सामाजिक अनुसंधान का महत्व एवं उद्देश्य

सामाजिक अनुसंधान समाज के गूढ़ तथ्यों को उजागर करने, समस्याओं की पहचान करने और उनके समाधान प्रस्तुत करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त समस्याओं, प्रवृत्तियों और परिवर्तनों को समझना है। सामाजिक अनुसंधान के माध्यम से वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है, जिससे समाज के विभिन्न पहलुओं का गहन विश्लेषण संभव होता है। यह नीति निर्माण, सामाजिक सुधार, विकास योजनाओं के निर्माण और कार्यान्वयन में सहायक होता है। अनुसंधान के उद्देश्य में ज्ञान का विस्तार, सामाजिक सिद्धांतों की पुष्टि या खंडन, सामाजिक नीतियों का मूल्यांकन, तथा समाज के भविष्य के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करना शामिल है।

  • सामाजिक अनुसंधान समाज की समस्याओं की पहचान और समाधान में सहायक है।
  • यह नीति निर्माण और सामाजिक सुधार के लिए आधार प्रदान करता है।
  • अनुसंधान से वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तर्कशीलता का विकास होता है।
  • यह सामाजिक सिद्धांतों की पुष्टि या खंडन करता है।
  • समाज के भविष्य के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करता है।
  • ज्ञान के विस्तार और सामाजिक विकास में योगदान देता है।
  • 📌 महत्व: किसी वस्तु या प्रक्रिया का समाज में योगदान।
  • 📌 उद्देश्य: अनुसंधान से प्राप्त होने वाले लक्षित परिणाम।

10.3 सामाजिक अनुसंधान के प्रकार

अवधारणा

10.3 सामाजिक अनुसंधान के प्रकार

सामाजिक अनुसंधान के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं – मौलिक अनुसंधान (Fundamental Research) और अनुप्रयुक्त अनुसंधान (Applied Research)। मौलिक अनुसंधान का उद्देश्य ज्ञान का विस्तार करना होता है, जबकि अनुप्रयुक्त अनुसंधान किसी विशेष समस्या के समाधान हेतु कि