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Chapter 2

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Social Research (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 14Chapter 3

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अनुभाग में सामाजिक अनुसंधान के प्रकार अध्याय का परिचय दिया गया है। सामाजिक अनुसंधान समाज के विभिन्न पहलुओं को समझने, विश्लेषण करने और व्याख्या करने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। यह समाजशास्त्र, मानवशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र आदि विषयों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामाजिक अनुसंधान के माध्यम से समाज में व्याप्त समस्याओं, प्रवृत्तियों, व्यवहारों और संरचनाओं का अध्ययन किया जाता है। यह अध्याय सामाजिक अनुसंधान के विभिन्न प्रकारों, उनकी विशेषताओं, विधियों और महत्व को विस्तार से समझाता है। सामाजिक अनुसंधान के प्रकारों को समझना इसलिए आवश्यक है क्योंकि इससे शोधकर्ता को उपयुक्त विधि का चयन करने में सहायता मिलती है।

  • सामाजिक अनुसंधान समाज के वैज्ञानिक अध्ययन की प्रक्रिया है।
  • यह समाज के व्यवहार, संरचना और समस्याओं को समझने में सहायक है।
  • विभिन्न प्रकार के अनुसंधान समाज के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करते हैं।
  • सामाजिक अनुसंधान के प्रकारों का ज्ञान शोध की दिशा तय करता है।
  • यह अध्याय अनुसंधान के प्रकारों, उनकी विशेषताओं और महत्व को स्पष्ट करता है।
  • 📌 सामाजिक अनुसंधान: समाज के वैज्ञानिक अध्ययन की प्रक्रिया।
  • 📌 प्रकार: अनुसंधान के विभिन्न रूप या श्रेणियाँ।

मूल अनुसंधान (Fundamental Research)

अवधारणा

मूल अनुसंधान (Fundamental Research)

मूल अनुसंधान, जिसे बुनियादी या शुद्ध अनुसंधान भी कहा जाता है, का उद्देश्य ज्ञान का विस्तार करना है न कि किसी तात्कालिक समस्या का समाधान करना। यह अनुसंधान किसी सिद्धांत, नियम या अवधारणा को विकसित करने या उसकी पुष्टि करने के लिए किया जाता है। इसमें शोधकर्ता किसी सामाजिक घटना के मूल कारणों, सिद्धांतों या संरचनाओं की खोज करते हैं। मूल अनुसंधान अमूर्त और सैद्धांतिक होता है, जिसका प्रत्यक्ष व्यावहारिक उपयोग तुरंत नहीं दिखता, परंतु दीर्घकाल में यह समाज के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।

  • मूल अनुसंधान ज्ञान के विस्तार के लिए किया जाता है।
  • यह तात्कालिक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित नहीं होता।
  • इसका उद्देश्य सिद्धांतों का विकास या पुष्टि करना है।
  • यह अनुसंधान अमूर्त और सैद्धांतिक होता है।
  • दीर्घकाल में समाज के लिए लाभकारी सिद्ध होता है।
  • 📌 मूल अनुसंधान: ज्ञान के विस्तार हेतु किया गया अनुसंधान।
  • 📌 सिद्धांत: किसी घटना या व्यवहार को समझाने वाला नियम।

अनुप्रयुक्त अनुसंधान (Applied Research)

अवधारणा

अनुप्रयुक्त अनुसंधान (Applied Research)

अनुप्रयुक्त अनुसंधान का मुख्य उद्देश्य किसी तात्कालिक सामाजिक समस्या का समाधान खोजना है। यह अनुसंधान व्यावहारिक समस्याओं के समाधान हेतु किया जाता है और इसके निष्कर्ष सीधे समाज या नीति निर्माण में उपयोगी होते हैं। अनुप्रयुक्त अनुसंधान में शोधकर्ता किस