Chapter 6
Chapter 6 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 314 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
पाठ्यक्रम अभिकल्प समिति
व्याख्यापाठ्यक्रम अभिकल्प समिति
इस अनुभाग में वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा द्वारा प्रकाशित 'परिचयात्मक समाजशास्त्र' पाठ्यक्रम की अभिकल्प समिति की जानकारी दी गई है। इसमें समिति के अध्यक्ष, संयोजक, सदस्य, सम्पादक, पाठ-लेखक, तथा अकादमिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित व्यक्तियों के नाम और उनके पदों का उल्लेख किया गया है। यह जानकारी पाठ्यपुस्तक की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता को दर्शाती है। समिति में विश्वविद्यालय के कुलपति, विभिन्न विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत्त और वर्तमान समाजशास्त्र विभाग के आचार्य, सहायक आचार्य, तथा अन्य संबंधित विशेषज्ञ शामिल हैं। सम्पादक और पाठ-लेखकों की सूची भी दी गई है, जिससे पाठ्यपुस्तक की सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। इसके अतिरिक्त, पाठ्यक्रम सामग्री के उत्पादन, वितरण और पुनः उत्पादन से संबंधित प्रशासनिक जानकारी भी दी गई है। साथ ही, पुस्तक के पुनः उत्पादन की तिथि, ISBN नंबर और कॉपीराइट संबंधी निर्देश भी उल्लिखित हैं।
- समिति में अनुभवी शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की भागीदारी
- सम्पादक, पाठ-लेखक, और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम
- पुस्तक की प्रामाणिकता और अधिकारिकता की पुष्टि
- कॉपीराइट और पुनः उत्पादन संबंधी निर्देश
- 📌 पाठ्यक्रम अभिकल्प समिति: वह समिति जो पाठ्यक्रम की रूपरेखा, विषयवस्तु और गुणवत्ता सुनिश्चित करती है।
- 📌 सम्पादक: वह व्यक्ति जो पाठ्यपुस्तक की सम्पादन प्रक्रिया का नेतृत्व करता है।
- 📌 पाठ-लेखक: वे विशेषज्ञ जो पाठ्यपुस्तक की सामग्री का लेखन करते हैं।
समाजशास्त्र : एक परिचायक विवेचन (विषय सूची)
व्याख्यासमाजशास्त्र : एक परिचायक विवेचन (विषय सूची)
इस अनुभाग में 'परिचयात्मक समाजशास्त्र' पुस्तक की इकाइयों और उनके शीर्षकों की सूची दी गई है। इसमें तीन खण्डों में विभाजित कुल 15 इकाइयाँ हैं। प्रत्येक इकाई का नाम और संबंधित पृष्ठ संख्या स्पष्ट रूप से दी गई है। खण्ड- I में समाजशास्त्र का उद्भव, विकास, प्रकृति, अन्य सामाजिक विज्ञानों से संबंध, अध्ययन में उपागम, और सामाजिक क्रिया जैसे विषय शामिल हैं। खण्ड- II में समाजशास्त्र की मुख्य अवधारणाएँ जैसे समाज, समुदाय, संस्कृति, संस्था, स्थिति, भूमिका, सामाजिक समूह, मानदण्ड, मूल्य, तथा सामाजिक प्रक्रियाएँ (सहयोग, प्रतियोगिता, संघर्ष) शामिल हैं। खण्ड- III में सामाजिक स्तरीकरण, समाजीकरण, सामाजिक नियंत्रण, सामाजिक परिवर्तन और उसके सिद्धांतों का परिचयात्मक विवेचन किया गया है। यह विषय सूची छात्रों को पूरे पाठ्यक्रम की रूपरेखा और अध्ययन के मुख्य विषयों की जानकारी देती है।
- पुस्तक में कुल 15 इकाइयाँ तीन खण्डों में विभाजित हैं।
- प्रत्येक इकाई का शीर्षक और पृष्ठ संख्या दी गई है।
- विषय सूची से पाठ्यक्रम के मुख्य विषयों का स्पष्ट ज्ञान मिलता है।
- 📌 इकाई: पाठ्यक्रम का एक अध्याय या भाग, जिसमें किसी विशेष विषय का अध्ययन किया जाता है।
- 📌 खण्ड: इकाइयों का समूह, जो विषय की व्यापक श्रेणी को दर्शाता है।
इकाई- 1: समाजशास्त्र का उद्भव, विकास एवं विषयवस्तु (रूपरेखा एवं उद्देश्य)
व्याख्याइकाई- 1: समाजशास्त्र का उद्भव, विकास एवं विषयवस्तु (रूपरेखा एवं उद्देश्य)
इस अनुभाग में इकाई-1 की रूपरेखा और अध्ययन के उद्देश्य दिए गए हैं। इसमें बताया गया है कि इस इकाई के अध्ययन के बाद छात्र निम्नलिखित बातों को समझ सकेंगे: - समाजशास्त्र की आवश्यकता क्यों हुई, इसका कारण समझना। - यूरोप के देशों में 18वीं और 19वीं शताब्दी
SLM - Introductory Sociology (Hindi) के सभी 16 अध्याय
Introductory Sociology · Vardhman Mahaveer Open University
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