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Chapter 4

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Introductory Sociology (Hindi)📖 327 नोट्स⏱️ ~491 मिनट
Chapter 4अध्याय 5 / 16Chapter 5

Chapter 4अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 327 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

इकाई की रूपरेखा

व्याख्या

इकाई की रूपरेखा

इस भाग में इकाई 1 की रूपरेखा दी गई है, जिसमें समाजशास्त्र के उद्भव, विकास एवं विषयवस्तु से संबंधित सभी प्रमुख उपविषयों का उल्लेख किया गया है। इसमें यह बताया गया है कि इस इकाई में किन-किन पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा, जैसे कि समाजशास्त्र के उद्भव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, यूरोप में राजनीतिक और औद्योगिक क्रांतियाँ, समाजवादी दृष्टिकोण, नगरीकरण, धार्मिक परिवर्तन, विज्ञान का प्रभाव, भारत में समाजशास्त्र का विकास, विषयवस्तु एवं अध्ययन क्षेत्र, और प्रमुख संस्थापकों का दृष्टिकोण। यह रूपरेखा विद्यार्थियों को इकाई के अध्ययन के लिए एक स्पष्ट दिशा प्रदान करती है।

  • समाजशास्त्र के उद्भव एवं विकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का अध्ययन
  • यूरोप में राजनीतिक, औद्योगिक क्रांति, समाजवादी दृष्टिकोण, नगरीकरण, धार्मिक परिवर्तन, विज्ञान का प्रभाव
  • भारत में समाजशास्त्र का विकास - स्वतंत्रता से पूर्व और पश्चात
  • समाजशास्त्र की विषयवस्तु एवं अध्ययन क्षेत्र
  • समाजशास्त्र के संस्थापकों का दृष्टिकोण
  • परम्परागत एवं नवीन विषयवस्तु के आयाम
  • 📌 रूपरेखा: किसी इकाई या विषय के अध्ययन के लिए बनाई गई विषयवस्तु की सूची या संरचना

1.0 उद्देश्य

व्याख्या

1.0 उद्देश्य

इस खंड में इकाई 1 के अध्ययन के उद्देश्य स्पष्ट रूप से बताए गए हैं। विद्यार्थियों को यह समझाया गया है कि इस इकाई के अध्ययन के पश्चात वे समाजशास्त्र की आवश्यकता, यूरोप में 18वीं-19वीं शताब्दी की घटनाएँ, समाजशास्त्र के विकास की प्रक्रिया, भारत में समाजशास्त्र के विकास की स्थिति (स्वतंत्रता पूर्व एवं पश्चात), समाजशास्त्र की विषयवस्तु, और वर्तमान में जुड़े नवीन आयामों को समझ सकेंगे। उद्देश्य स्पष्ट करते हैं कि विद्यार्थी केवल ऐतिहासिक घटनाओं को ही नहीं, बल्कि समाजशास्त्र के अध्ययन के क्षेत्र, उसकी आवश्यकता और विकास के विभिन्न पहलुओं को भी समझेंगे।

  • समाजशास्त्र की आवश्यकता को समझना
  • यूरोप की 18वीं-19वीं शताब्दी की घटनाओं का विश्लेषण
  • समाजशास्त्र के विकास के क्रम का अध्ययन
  • भारत में समाजशास्त्र के विकास की जानकारी
  • स्वतंत्रता पूर्व एवं पश्चात की स्थिति का अध्ययन
  • समाजशास्त्र की विषयवस्तु एवं नवीन आयामों की समझ
  • 📌 उद्देश्य: अध्ययन या कार्य के पीछे का मुख्य कारण या लक्ष्य

1.1 प्रस्तावना

व्याख्या

1.1 प्रस्तावना

इस खंड में समाजशास्त्र विषय की नवीनता और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को रेखांकित किया गया है। समाजशास्त्र अन्य समाज विज्ञानों जैसे राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान की तुलना में नया विषय है, जिसकी उत्पत्ति लगभग 170 वर्ष पूर्व मानी जाती है। प्रारंभ