Chapter 5
Chapter 5 — अध्ययन नोट्स
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इकाई की रूपरेखा
व्याख्याइकाई की रूपरेखा
इस अनुभाग में इकाई 1 'समाजशास्त्र का उद्भव, विकास एवं विषयवस्तु' की संपूर्ण रूपरेखा दी गई है। इसमें इकाई के सभी प्रमुख उपविषयों का क्रमबद्ध उल्लेख किया गया है, जिससे विद्यार्थी को अध्ययन की दिशा और मुख्य बिंदुओं की जानकारी मिलती है। रूपरेखा के अनुसार, इकाई में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाएगा: समाजशास्त्र के उद्भव एवं विकास की पृष्ठभूमि, यूरोप में राजनीतिक और औद्योगिक क्रांतियाँ, समाजवादी दृष्टिकोण, नगरीकरण की प्रक्रिया, धार्मिक परिवर्तन, विज्ञान का प्रभाव, भारत में समाजशास्त्र का विकास (स्वतंत्रता पूर्व और पश्चात), समाजशास्त्र की विषयवस्तु एवं अध्ययन क्षेत्र, संस्थापकों का दृष्टिकोण, परम्परागत विषयवस्तु, नवीन आयाम, सारांश, बोध प्रश्न, उत्तर, शब्दावली, और सन्दर्भ ग्रंथ। यह रूपरेखा विद्यार्थियों को इकाई के अध्ययन में मार्गदर्शन प्रदान करती है।
- इकाई के सभी उपविषयों का क्रमबद्ध उल्लेख
- विद्यार्थी को अध्ययन की दिशा का संकेत
- प्रत्येक उपविषय के लिए अलग-अलग अनुभाग निर्धारित
- 📌 रूपरेखा: किसी इकाई या पाठ के प्रमुख बिंदुओं का संक्षिप्त क्रमबद्ध विवरण
1.0 उद्देश्य
व्याख्या1.0 उद्देश्य
इस अनुभाग में इकाई 1 के अध्ययन के उद्देश्य स्पष्ट रूप से बताए गए हैं। विद्यार्थी इस इकाई का अध्ययन करने के बाद निम्नलिखित बातों को समझ सकेंगे: (1) समाजशास्त्र की आवश्यकता क्यों हुई, (2) यूरोप के देशों में 18वीं और 19वीं शताब्दी की महत्वपूर्ण घटनाएँ, (3) समाजशास्त्र के विकास का क्रम, (4) भारत में समाजशास्त्र का विकास, (5) स्वतंत्रता पूर्व और पश्चात समाजशास्त्र की स्थिति, (6) समाजशास्त्र विषय में अध्ययन किए जाने वाले तत्व, (7) वर्तमान युग में समाजशास्त्र की विषयवस्तु में जुड़े नए आयाम। उद्देश्य स्पष्ट रूप से बताते हैं कि विद्यार्थी को किन-किन बिंदुओं पर जानकारी और समझ प्राप्त करनी है।
- समाजशास्त्र की आवश्यकता का विश्लेषण
- यूरोप की ऐतिहासिक घटनाओं की समझ
- समाजशास्त्र के विकास का क्रम
- भारत में समाजशास्त्र का विकास
- स्वतंत्रता पूर्व और पश्चात की स्थिति
- समाजशास्त्र के अध्ययन तत्व
- विषयवस्तु के नवीन आयाम
- 📌 उद्देश्य: किसी अध्ययन या इकाई से प्राप्त होने वाली मुख्य शिक्षण उपलब्धियाँ
1.1 प्रस्तावना
व्याख्या1.1 प्रस्तावना
इस अनुभाग में समाजशास्त्र विषय की पृष्ठभूमि और उसकी आवश्यकता को समझाया गया है। समाजशास्त्र अन्य समाज विज्ञानों (जैसे राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान) की तुलना में नया विषय है, जिसकी विकास यात्रा लगभग 170 वर्ष पुरानी मानी जाती है। प्रारंभ में
SLM - Introductory Sociology (Hindi) के सभी 16 अध्याय
Introductory Sociology · Vardhman Mahaveer Open University
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