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Chapter 2

🎓 Class 11📖 Bhautiki-II📖 7 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~11 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 7Chapter 3

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 7 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

9.1 भूमिका

व्याख्या

9.1 भूमिका

तरलों के यांत्रिक गुणों का अध्ययन भौतिक विज्ञान में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि तरल पदार्थों की विशेषताएँ और व्यवहार ठोस और गैसों से भिन्न होते हैं। इस अनुभाग में हम तरल पदार्थों के यांत्रिक गुणों की भूमिका को समझेंगे। तरल पदार्थों में अणु एक-दूसरे के निकट होते हैं, परंतु वे एक-दूसरे के सापेक्ष स्वतंत्र रूप से गतिमान होते हैं। इस कारण तरल पदार्थों का आकार परिवर्तनीय होता है, लेकिन उनका आयतन लगभग स्थिर रहता है। तरल पदार्थ बाह्य बलों के प्रति किस प्रकार प्रतिक्रिया करते हैं, यह जानना आवश्यक है ताकि हम दाब, प्रवाह, श्यानता, पृष्ठ तनाव आदि जैसे गुणों को समझ सकें। तरल पदार्थों के यांत्रिक गुणों का अध्ययन हमें न केवल प्राकृतिक घटनाओं को समझने में मदद करता है, बल्कि इंजीनियरिंग, चिकित्सा, और उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों में भी उपयोगी सिद्ध होता है। इस अध्याय के माध्यम से हम दाब, धारारेखी प्रवाह, बर्नूली का सिद्धांत, श्यानता, और पृष्ठ तनाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों का विस्तृत अध्ययन करेंगे। **Table on page 1 (9×1)** | 9.1 भूमिका | | --- | | 9.2 दाब | | 9.3 धारारेखी प्रवाह | | 9.4 बर्नूली का सिद्धांत | | 9.5 श्यानता | | 9.6 पृष्ठ तनाव | | सारांश | | विचारणीय विषय | | अभ्यास | **Table on page 13 (10×3)** | तरल | T(°C) | श्यानता (mPI) | | --- | --- | --- | | जल | 20 | 1.0 | | | 100 | 0.3 | | रक्त | 37 | 2.7 | | मशीन का तेल | 16 | 113 | | | 38 | 34 | | ग्लिसरीन | 20 | 830 | | शहद | | 200 | | वायु | 0 | 0.017 | | | 40 | 0.019 | **Table on page 22 (6×5)** | भौतिक राशि | प्रतीक | विमाएँ | मात्रक | टिप्पणी | | --- | --- | --- | --- | --- | | दाब | P | [M L⁻¹ T⁻³] | पास्कल (Pa) | 1 atm = 1,013 × 10⁵ Pa, अदिश | | घनत्व | ρ | [M L⁻³] | kg m⁻³ | अदिश | | आपेक्षिक घनत्व | | – | – | $\frac{\rho_{\text{पदार्थ}}}{\rho_{\text{जल}}}$, अदिश | | श्यानता गुणांक | η | [M L⁻¹ T⁻¹] | Pa s or पोयसुले (Pl) | अदिश | | पृष्ठ तनाव | S | [M T⁻³] | N m⁻¹ | अदिश |

  • तरल पदार्थों के अणु एक-दूसरे के निकट होते हैं पर स्वतंत्र गतिमान होते हैं।
  • तरल का आकार परिवर्तनीय, लेकिन आयतन स्थिर रहता है।
  • तरल के यांत्रिक गुणों का अध्ययन दाब, प्रवाह, श्यानता, पृष्ठ तनाव आदि को समझने में सहायक है।
  • तरल पदार्थ बाह्य बलों के प्रति विशिष्ट प्रतिक्रिया करते हैं।
  • यह अध्ययन प्राकृतिक और तकनीकी दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है।
  • 📌 तरल पदार्थ: वे पदार्थ जिनका निश्चित आयतन होता है लेकिन निश्चित आकार नहीं।
  • 📌 यांत्रिक गुण: पदार्थ के वे गुण जो उसके बलों के प्रति प्रतिक्रिया को दर्शाते हैं।

9.2 दाब

व्याख्या

9.2 दाब

दाब (Pressure) वह बल है जो किसी सतह की प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लंबवत रूप से लगाया जाता है। दाब एक अदिश राशि है, जिसका मात्रक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर (N/m²) या पास्कल (Pa) होता है। तरलों में दाब का अध्ययन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दाब तरल की गहराई, घनत्व और गुरुत्वाकर्षण के कारण बदलता रहता है। किसी तरल के किसी बिंदु पर दाब उस बिंदु के ऊपर तरल के स्तम्भ के वजन के कारण उत्पन्न होता है। दाब की गणना के लिए सूत्र है: P = F/A, जहाँ F बल है और A क्षेत्रफल। दाब तरल के प्रत्येक दिशा में समान रूप से संचरित होता है, जिसे पास्कल का नियम कहते हैं। इस नियम के अनुसार, यदि किसी बंद पात्र में तरल पर बाह्य दाब लगाया जाए तो यह दाब तरल के प्रत्येक भाग में समान रूप से पहुँचता है। दाब का प्रभाव ऊर्ध्वाधर बेलनी स्तम्भ में देखा जा सकता है, जहाँ गहराई के साथ दाब बढ़ता है। द्रवस्थैतिक विरोधोक्ति के अनुसार, किसी बंद पात्र में तरल का दाब केवल उसकी गहराई पर निर्भर करता है, न कि तरल के कुल परिमाण पर। दाब मापने के लिए पारद वायुदाब मापी और मैनोमीटर जैसे उपकरणों का उपयोग किया जाता है। **Table on page 3 (10×2)** | तरल | घनत्व ρ (kg m⁻³) | | --- | --- | | जल | 1.00 × 10³ | | समुद्र जल | 1.03 × 10³ | | पारा | 13.6 × 10³ | | ऐथिल एल्कोहॉल | 0.806 × 10³ | | संपूर्ण रक्त | 1.06 × 10³ | | वायु | 1.29 | | ऑक्सीजन | 1.43 | | हाइड्रोजन | 9.0 × 10⁻² | | अंतरातारकीय आकाश | ≈10⁻²⁰ |

  • दाब = बल/क्षेत्रफल, एक अदिश राशि।
  • तरल में दाब गहराई, घनत्व और गुरुत्वाकर्षण पर निर्भर करता है।
  • पास्कल का नियम: दाब तरल में सभी दिशाओं में समान रूप से संचरित होता है।
  • द्रवस्थैतिक विरोधोक्ति: दाब केवल तरल की गहराई पर निर्भर करता है।
  • दाब मापन के लिए पारद वायुदाब मापी और मैनोमीटर का उपयोग।
  • 📌 दाब (Pressure): किसी सतह पर प्रति इकाई क्षेत्र पर लंबवत बल।
  • 📌 पास्कल का नियम: तरल में लगाया गया बाह्य दाब तरल के हर भाग में समान रूप से फैलता है।
  • 📌 घनत्व (Density): द्रव्यमान/आयतन।

9.3 धारारेखी प्रवाह

व्याख्या

9.3 धारारेखी प्रवाह

धारारेखी प्रवाह (Streamline Flow) वह प्रवाह है जिसमें तरल के प्रत्येक कण का वेग, दिशा और परिमाण समय के साथ अपरिवर्तित रहता है। इस प्रकार के प्रवाह में तरल के कण एक निश्चित मार्ग का अनुसरण करते हैं, जिन्हें धारारेखाएँ (streamlines) कहा जाता है। धारारे

अभ्यास प्रश्नChapter 2

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.9.1 स्पष्ट कीजिए क्यों (a) मस्तिष्क की अपेक्षा मानव का पैरों पर रक्त चाप अधिक होता है। (b) 6 km ऊँचाई पर वायुमण्डलीय दाब समुद्र तल पर वायुमण्डलीय दाब का लगभग आधा हो जाता है, यद्यपि वायुमण्डल का विस्तार 100 km से भी अधिक ऊँचाई तक है। (c) यद्यपि दाब, प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला बल होता है तथापि द्रवस्थैतिक दाब एक अदिश राशि है।

उत्तर:

उत्तर: (a) मानव शरीर में रक्त का दाब मस्तिष्क की अपेक्षा पैरों पर अधिक होता है क्योंकि रक्त को गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध ऊपर की ओर पंप करना पड़ता है। पैरों तक रक्त पहुँचाने के लिए हृदय को अधिक दबाव उत्पन्न करना पड़ता है, जिससे पैरों में रक्तचाप अधिक होता है। (b) वायुमण्डल का दाब ऊँचाई के साथ घटता है क्योंकि वायु का घनत्व ऊँचाई पर कम होता है। 6 km की ऊँचाई पर वायुमण्डलीय दाब समुद्र तल के दाब का लगभग आधा होता है क्योंकि वायु का अधिकांश द्रव्यमान समुद्र तल के निकट होता है। वायुमण्डल 100 km से अधिक ऊँचाई तक फैला है, परन्तु वहाँ वायु अत्यंत विरल होती है, इसलिए दाब बहुत कम होता है। (c) दाब एक अदिश राशि है क्योंकि यह किसी बिंदु पर सभी दिशाओं में समान होता है। द्रवस्थैतिक दाब किसी दिशा विशेष में नहीं, बल्कि सभी दिशाओं में समान रूप से कार्य करता है, अतः यह एक अदिश राशि है।

व्याख्या:

प्रत्येक भाग में दाब और द्रव के गुणों का भौतिक कारण समझाया गया है।

MediumNCERT
Q2.9.2 स्पष्ट कीजिए क्यों (a) पारे का काँच के साथ स्पर्श कोण अधिक कोण होता है जबकि जल का काँच के साथ स्पर्श कोण न्यून कोण होता है। (b) काँच के स्वच्छ समतल पृष्ठ पर जल फैलने का प्रयास करता है जबकि पारा उसी पृष्ठ पर बूँदें बनाने का प्रयास करता है। (दूसरे शब्दों में जल काँच को गीला कर देता है जबकि पारा ऐसा नहीं करता है।) (c) किसी द्रव का पृष्ठ तनाव पृष्ठ के क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता है। (d) जल में चूल अपमार्जकों के स्पर्श कोणों का मान कम होना चाहिए। (e) यदि किसी बाह्य बल का प्रभाव न हो, तो द्रव बूँद की आकृति सदैव गोलाकार होती है।

उत्तर:

उत्तर: (a) पारा काँच के साथ अधिक स्पर्श कोण बनाता है क्योंकि पारे और काँच के बीच आकर्षण बल कम होते हैं, जिससे पारा काँच को गीला नहीं करता। जल काँच के साथ अधिक आकर्षित होता है, इसलिए जल का स्पर्श कोण कम होता है। (b) जल काँच को गीला करता है इसलिए वह काँच पर फैलता है, जबकि पारा काँच को गीला नहीं करता इसलिए वह बूँदें बनाता है। (c) पृष्ठ तनाव द्रव के अणुओं के बीच आकर्षण बलों पर निर्भर करता है, जो क्षेत्रफल से स्वतंत्र होते हैं। अतः पृष्ठ तनाव क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता। (d) जल में चूल अपमार्जकों के स्पर्श कोण कम होने चाहिए ताकि वे जल के साथ अच्छी तरह गीला हो सकें और जल में अच्छी तरह फैल सकें। (e) बाह्य बल न होने पर द्रव बूँद की आकृति सतह तनाव के कारण न्यूनतम सतह क्षेत्रफल वाली होती है, जो कि गोलाकार होती है।

व्याख्या:

प्रत्येक भाग में द्रव के पृष्ठ तनाव और स्पर्श कोण के भौतिक कारणों को समझाया गया है।

MediumNCERT
Q3.9.3 प्रत्येक प्रकथन के साथ संलग्न सूची में से उपयुक्त शब्द छाँटकर उस प्रकथन के रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए: (a) व्यापक रूप में द्रवों का पृष्ठ तनाव ताप बढ़ने पर ………… है। (बढ़ता/घटता) (b) गैसों की श्यानता ताप बढ़ने पर ………… है, जबकि द्रवों की श्यानता ताप बढ़ने पर ………… है। (बढ़ती/घटती) (c) दुःखता प्रत्यास्थता गुणांक वाले ठोसों के लिए अपरूपण प्रतिबल……………, के अनुक्रमानुपाती होता है, जबकि द्रवों के लिए वह ……………… के अनुक्रमानुपाती होता है। (अपरूपण विकृति/अपरूपण विकृति की दर) (d) किसी तरल के अपरिवर्ती प्रवाह में आए किसी संकीर्णन पर प्रवाह की चाल में वृद्धि में ………… का अनुसरण होता है। (संहति का संरक्षण/बर्नूली सिद्धांत) (e) किसी वायु सुरंग में किसी वायुयान के मॉडल में प्रक्षोभ की चाल वास्तविक वायुयान के प्रक्षोभ के लिए क्रांतिक चाल की तुलना में………… होती है। (अधिक/कम)

उत्तर:

उत्तर: (a) घटता (b) बढ़ती, घटती (c) अपरूपण विकृति, अपरूपण विकृति की दर (d) बर्नूली सिद्धांत (e) कम

व्याख्या:

प्रत्येक रिक्त स्थान में द्रव और गैसों के यांत्रिक गुणों के अनुसार सही शब्द भरा गया है।

EasyNCERT
Q4.9.4 निम्नलिखित के कारण स्पष्ट कीजिए : (a) किसी कागज की पट्टी को क्षैतिज रखने के लिए आपको उस कागज पर ऊपर की ओर हवा फूँकनी चाहिए, नीचे की ओर नहीं। (b) जब हम किसी जल टॉंटी को अपनी उँगलियों द्वारा बंद करने का प्रयास करते हैं, तो उँगलियों के बीच की खाली जगह से तीव्र जल धाराएँ फूट निकलती हैं। (c) इंजेक्शन लगाते समय डॉक्टर के अँगूठे द्वारा आरोपित दाब की अपेक्षा सुई का आकार दवाई की बहिःप्रवाही धारा को अधिक अच्छा नियंत्रित करता है। (d) किसी पात्र के बारीक छिद्र से निकलने वाला तरल उस पर पीछे की ओर प्रणोद आरोपित करता है। (e) कोई प्रचक्रमान क्रिकेट की गेंद वायु में परवलीय प्रपथ का अनुसरण नहीं करती।

उत्तर:

उत्तर: (a) कागज की पट्टी को क्षैतिज रखने के लिए ऊपर की ओर हवा फूँकने से नीचे का दाब कम हो जाता है जिससे ऊपर की ओर बल लगता है, जो कागज को क्षैतिज रखता है। नीचे की ओर हवा फूँकने से दाब बढ़ता है, जो कागज को नीचे गिरा देता है। (b) उँगलियों के बीच की खाली जगह संकीर्ण होती है, जिससे जल की गति बढ़ जाती है (बर्नूली सिद्धांत के अनुसार), इसलिए तीव्र जल धाराएँ फूटती हैं। (c) सुई का आकार दवाई की बहिःप्रवाही धारा को नियंत्रित करता है क्योंकि सुई का व्यास छोटा होता है, जिससे दाब अधिक होता है और दवा नियंत्रित गति से निकलती है। (d) बारीक छिद्र से निकलने वाला तरल पीछे की ओर प्रणोद (रिएक्शन फोर्स) उत्पन्न करता है क्योंकि तरल के प्रवाह के कारण क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम लागू होता है। (e) प्रचक्रमान क्रिकेट की गेंद परवलीय प्रपथ का अनुसरण नहीं करती क्योंकि उस पर घूर्णन के कारण मैग्नस प्रभाव और हवा के प्रतिरोध के कारण असामान्य बल लगते हैं।

व्याख्या:

प्रत्येक भाग में द्रव और बलों के प्रभावों को भौतिक नियमों के आधार पर समझाया गया है।

MediumNCERT
Q5.9.5 ऊँची एडी के जूते पहने 50 kg संहति की कोई बालिका अपने शरीर को 1.0 cm व्यास की एक ही वृत्ताकार एडी पर संतुलित किए हुए है। क्षैतिज फर्श पर एडी द्वारा आरोपित दाब ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

दिया गया: भार (W) = 50 kg × 9.8 m/s² = 490 N व्यास (d) = 1.0 cm = 0.01 m त्रिज्या (r) = d/2 = 0.005 m क्षेत्रफल (A) = πr² = 3.1416 × (0.005)² = 7.854 × 10⁻⁵ m² दाब (P) = बल / क्षेत्रफल = 490 N / 7.854 × 10⁻⁵ m² = 6.24 × 10⁶ Pa अतः एडी द्वारा फर्श पर आरोपित दाब लगभग 6.24 MPa है।

व्याख्या:

दाब की परिभाषा के अनुसार बल को क्षेत्रफल से भाग देकर दाब ज्ञात किया गया।

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Q6.9.6 टॉरिसिली के वायुदाब मापी में पारे का उपयोग किया गया था। पास्कल ने ऐसा ही वायुदाब मापी 984 kg m⁻³ घनत्व की फ्रेंच शराब का उपयोग करके बनाया। सामान्य वायुमंडलीय दाब के लिए शराब-स्तंभ की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

दिया गया: घनत्व (ρ) = 984 kg/m³ पारे का सामान्य ऊँचाई (h_Hg) = 0.76 m पारे का घनत्व (ρ_Hg) = 13600 kg/m³ सामान्य वायुमंडलीय दाब (P) = ρ_Hg × g × h_Hg शराब के लिए ऊँचाई (h_spirit) = P / (ρ × g) = (ρ_Hg × h_Hg) / ρ = (13600 × 0.76) / 984 = 10.5 m अतः शराब-स्तंभ की ऊँचाई लगभग 10.5 मीटर होगी।

व्याख्या:

समान दाब के लिए स्तंभ की ऊँचाई घनत्व के व्युत्क्रमानुपाती होती है।

MediumNCERT
Q7.9.7 समुद्र तट से दूर कोई ऊर्ध्वाधर संरचना 10⁹ Pa के अधिकतम प्रतिबल को सहन करने के लिए बनाई गई है। क्या यह संरचना किसी महासागर के भीतर किसी तेल कूप के शिखर पर रखे जाने के लिए उपयुक्त है? महासागर की गहराई लगभग 3 km है। समुद्री धाराओं की उपेक्षा कीजिए।

उत्तर:

दिया गया: अधिकतम प्रतिबल = 10⁹ Pa गहराई (h) = 3 km = 3000 m जल का घनत्व (ρ) ≈ 1000 kg/m³ गुरुत्वाकर्षण त्वरण (g) = 9.8 m/s² दाब = ρ g h = 1000 × 9.8 × 3000 = 2.94 × 10⁷ Pa चूँकि दाब 2.94 × 10⁷ Pa है जो 10⁹ Pa से कम है, अतः संरचना इस दाब को सहन कर सकती है। अतः यह संरचना महासागर के भीतर तेल कूप के शिखर पर रखी जा सकती है।

व्याख्या:

संरचना पर लगने वाला दाब अधिकतम प्रतिबल से कम है, इसलिए उपयुक्त है।

MediumNCERT
Q8.9.8 किसी द्रवचालित आटोमोबाइल लिफ्ट की संरचना अधिकतम 3000 kg संहति की कारों को उठाने के लिए की गई है। बोझ को उठाने वाले पिस्टन की अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल 425 cm² है। छोटे पिस्टन को कितना अधिकतम दाब सहन करना होगा?

उत्तर:

दिया गया: भार (m) = 3000 kg क्षेत्रफल (A) = 425 cm² = 425 × 10⁻⁴ m² = 0.0425 m² गुरुत्वाकर्षण त्वरण (g) = 9.8 m/s² बल (F) = m × g = 3000 × 9.8 = 29400 N पिस्टन पर लगने वाला दाब (P) = F / A = 29400 / 0.0425 = 691764.7 Pa ≈ 6.92 × 10⁵ Pa अतः छोटे पिस्टन को लगभग 6.92 × 10⁵ Pa दाब सहन करना होगा।

व्याख्या:

पिस्टन पर लगने वाला दाब बल को क्षेत्रफल से भाग देकर ज्ञात किया गया।

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