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Chapter 18

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of India (1740-1947 AD) (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 17अध्याय 18 / 20Chapter 19

Chapter 18अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

18.1 भारत छोड़ो आंदोलन : पृष्ठभूमि

व्याख्या

18.1 भारत छोड़ो आंदोलन : पृष्ठभूमि

भारत छोड़ो आंदोलन की पृष्ठभूमि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उत्पन्न हुई जब ब्रिटिश सरकार ने भारतीयों की सहमति के बिना भारत को युद्ध में शामिल कर लिया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश सरकार के इस निर्णय का विरोध किया और स्वतंत्रता की मांग को और अधिक तीव्र किया। 1942 में क्रिप्स मिशन भारत आया, जिसका उद्देश्य भारतीयों को युद्ध के बाद सीमित स्वशासन देने का प्रस्ताव था, लेकिन कांग्रेस ने इसे अस्वीकार कर दिया। गांधीजी ने 'करो या मरो' का नारा दिया और आंदोलन की शुरुआत की। इस आंदोलन की पृष्ठभूमि में ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियाँ, भारतीयों की बढ़ती असंतुष्टि, और स्वतंत्रता के लिए जन-आंदोलन की आवश्यकता प्रमुख थी।

  • द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार ने भारतीयों की सहमति के बिना भारत को युद्ध में शामिल किया।
  • क्रिप्स मिशन का प्रस्ताव भारतीयों को स्वीकार्य नहीं था।
  • गांधीजी ने 'करो या मरो' का नारा दिया।
  • आंदोलन की पृष्ठभूमि में ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियाँ थीं।
  • भारतीयों की स्वतंत्रता की मांग तीव्र हुई।
  • 📌 क्रिप्स मिशन: ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत को सीमित स्वशासन देने का प्रस्ताव।
  • 📌 करो या मरो: गांधीजी द्वारा दिया गया आंदोलन का नारा।

18.2 भारत छोड़ो आंदोलन का आरंभ और विस्तार

व्याख्या

18.2 भारत छोड़ो आंदोलन का आरंभ और विस्तार

भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त 1942 को मुंबई में कांग्रेस के अधिवेशन में गांधीजी द्वारा 'करो या मरो' का नारा देने के साथ आरंभ हुआ। आंदोलन की शुरुआत के साथ ही ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके बावजूद आंदोलन पूरे देश में फैल गया और जनता ने स्वतःस्फूर्त तरीके से ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह किया। रेलवे स्टेशन, टेलीग्राफ कार्यालय, पुलिस चौकी आदि पर हमले हुए। आंदोलन का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों तक हुआ और कई स्थानों पर स्वतंत्र सरकारों की स्थापना की गई। आंदोलन में महिलाओं, युवाओं और विद्यार्थियों की भागीदारी उल्लेखनीय रही।

  • आंदोलन की शुरुआत 8 अगस्त 1942 को मुंबई में हुई।
  • ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार किया।
  • आंदोलन स्वतःस्फूर्त तरीके से पूरे देश में फैल गया।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में भी आंदोलन का विस्तार हुआ।
  • कई स्थानों पर स्वतंत्र सरकारों की स्थापना की गई।
  • महिलाओं, युवाओं और विद्यार्थियों की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
  • 📌 स्वतंत्र सरकार: आंदोलन के दौरान स्थानीय स्तर पर स्थापित अस्थायी सरकार।
  • 📌 करो या मरो: आंदोलन का प्रेरणादायक नारा।

18.3 ब्रिटिश सरकार की प्रतिक्रिया और दमन

व्याख्या

18.3 ब्रिटिश सरकार की प्रतिक्रिया और दमन

भारत छोड़ो आंदोलन के आरंभ के साथ ही ब्रिटिश सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया और आंदोलन को कुचलने के लिए दमनकारी नीतियाँ अपनाई गईं। पुलिस और सेना द्वारा आंदोलनकारियों पर गोलीबारी, लाठीचार्ज, और गिरफ्तारी