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Chapter 13

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Macro Economics (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

Chapter 13अध्ययन नोट्स

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13.1 आर्थिक विकास का अर्थ

परिभाषा

13.1 आर्थिक विकास का अर्थ

आर्थिक विकास का अर्थ किसी देश की अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक अवधि में उत्पादन, आय, और जीवन स्तर में सतत वृद्धि से है। यह केवल वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन की मात्रा में वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज की संरचना, संस्थाओं, तकनीकी प्रगति, और जीवन की गुणवत्ता में सुधार भी शामिल है। आर्थिक विकास में आर्थिक, सामाजिक, और संस्थागत परिवर्तन होते हैं, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिलता है। यह विकास केवल आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गरीबी, बेरोजगारी, और असमानता को कम करने के प्रयास भी शामिल हैं। आर्थिक विकास के मापदंडों में प्रति व्यक्ति आय, औद्योगिकीकरण, शहरीकरण, साक्षरता दर, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, और जीवन प्रत्याशा शामिल हैं। आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है कि उत्पादन के साधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग हो, तकनीकी नवाचार हों, और मानव संसाधनों का विकास हो।

  • आर्थिक विकास का अर्थ उत्पादन, आय, और जीवन स्तर में दीर्घकालिक वृद्धि है।
  • यह केवल आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि सामाजिक व संस्थागत परिवर्तन भी है।
  • गरीबी, बेरोजगारी, और असमानता को कम करना भी आर्थिक विकास का उद्देश्य है।
  • प्रति व्यक्ति आय, औद्योगिकीकरण, शहरीकरण आदि इसके प्रमुख मापदंड हैं।
  • तकनीकी प्रगति और मानव संसाधन विकास इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • 📌 आर्थिक विकास: दीर्घकालिक अवधि में उत्पादन, आय, और जीवन स्तर में सतत वृद्धि।
  • 📌 आर्थिक वृद्धि: उत्पादन की मात्रा में मात्रात्मक वृद्धि।

13.2 आर्थिक विकास और आर्थिक वृद्धि में अंतर

अवधारणा

13.2 आर्थिक विकास और आर्थिक वृद्धि में अंतर

आर्थिक विकास और आर्थिक वृद्धि दो अलग-अलग अवधारणाएँ हैं, जिन्हें अक्सर एक-दूसरे के स्थान पर प्रयोग किया जाता है, लेकिन दोनों में मौलिक अंतर है। आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) से तात्पर्य है किसी देश की वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन की मात्रा में मात्रात्मक वृद्धि। यह आमतौर पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) या प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि द्वारा मापी जाती है। दूसरी ओर, आर्थिक विकास (Economic Development) एक व्यापक अवधारणा है, जिसमें न केवल उत्पादन की मात्रा में वृद्धि शामिल है, बल्कि समाज की संरचना, संस्थाओं, जीवन स्तर, शिक्षा, स्वास्थ्य, और सामाजिक कल्याण में भी सुधार शामिल है। आर्थिक विकास में गुणात्मक परिवर्तन होते हैं, जैसे गरीबी, बेरोजगारी, और असमानता में कमी, जबकि आर्थिक वृद्धि केवल मात्रात्मक परिवर्तन को दर्शाती है।

  • आर्थिक वृद्धि मात्रात्मक है, जबकि आर्थिक विकास गुणात्मक और मात्रात्मक दोनों है।
  • आर्थिक विकास में सामाजिक और संस्थागत परिवर्तन भी शामिल हैं।
  • आर्थिक वृद्धि का माप GDP या प्रति व्यक्ति आय से होता है।
  • आर्थिक विकास का माप जीवन स्तर, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि से होता है।
  • आर्थिक विकास में गरीबी, बेरोजगारी, और असमानता को कम करने पर बल है।
  • 📌 आर्थिक वृद्धि: उत्पादन की मात्रा में मात्रात्मक वृद्धि।
  • 📌 आर्थिक विकास: उत्पादन, जीवन स्तर, और सामाजिक कल्याण में गुणात्मक व मात्रात्मक सुधार।

13.3 आर्थिक विकास के मापदंड

व्याख्या

13.3 आर्थिक विकास के मापदंड

आर्थिक विकास को मापने के लिए विभिन्न मापदंडों का प्रयोग किया जाता है। इनमें सबसे प्रमुख है प्रति व्यक्ति आय, जो किसी देश की कुल आय को उसकी जनसंख्या से विभाजित करके प्राप्त की जाती है। इसके अलावा, मानव विकास सूचकांक (HDI), जीवन प्रत्याशा, साक्षरता दर,