Chapter 2
Chapter 2 — अध्ययन नोट्स
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9.1 भूमिका
व्याख्या9.1 भूमिका
तरलों के यांत्रिक गुणों का अध्ययन भौतिक विज्ञान में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि तरल पदार्थों की विशेषताएँ और व्यवहार ठोस और गैसों से भिन्न होते हैं। इस अनुभाग में हम तरल पदार्थों के यांत्रिक गुणों की भूमिका को समझेंगे। तरल पदार्थों में अणु एक-दूसरे के निकट होते हैं, परंतु वे एक-दूसरे के सापेक्ष स्वतंत्र रूप से गतिमान होते हैं। इस कारण तरल पदार्थों का आकार परिवर्तनीय होता है, लेकिन उनका आयतन लगभग स्थिर रहता है। तरल पदार्थ बाह्य बलों के प्रति किस प्रकार प्रतिक्रिया करते हैं, यह जानना आवश्यक है ताकि हम दाब, प्रवाह, श्यानता, पृष्ठ तनाव आदि जैसे गुणों को समझ सकें। तरल पदार्थों के यांत्रिक गुणों का अध्ययन हमें न केवल प्राकृतिक घटनाओं को समझने में मदद करता है, बल्कि इंजीनियरिंग, चिकित्सा, और उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों में भी उपयोगी सिद्ध होता है। इस अध्याय के माध्यम से हम दाब, धारारेखी प्रवाह, बर्नूली का सिद्धांत, श्यानता, और पृष्ठ तनाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों का विस्तृत अध्ययन करेंगे। **Table on page 1 (9×1)** | 9.1 भूमिका | | --- | | 9.2 दाब | | 9.3 धारारेखी प्रवाह | | 9.4 बर्नूली का सिद्धांत | | 9.5 श्यानता | | 9.6 पृष्ठ तनाव | | सारांश | | विचारणीय विषय | | अभ्यास | **Table on page 13 (10×3)** | तरल | T(°C) | श्यानता (mPI) | | --- | --- | --- | | जल | 20 | 1.0 | | | 100 | 0.3 | | रक्त | 37 | 2.7 | | मशीन का तेल | 16 | 113 | | | 38 | 34 | | ग्लिसरीन | 20 | 830 | | शहद | | 200 | | वायु | 0 | 0.017 | | | 40 | 0.019 | **Table on page 22 (6×5)** | भौतिक राशि | प्रतीक | विमाएँ | मात्रक | टिप्पणी | | --- | --- | --- | --- | --- | | दाब | P | [M L⁻¹ T⁻³] | पास्कल (Pa) | 1 atm = 1,013 × 10⁵ Pa, अदिश | | घनत्व | ρ | [M L⁻³] | kg m⁻³ | अदिश | | आपेक्षिक घनत्व | | – | – | $\frac{\rho_{\text{पदार्थ}}}{\rho_{\text{जल}}}$, अदिश | | श्यानता गुणांक | η | [M L⁻¹ T⁻¹] | Pa s or पोयसुले (Pl) | अदिश | | पृष्ठ तनाव | S | [M T⁻³] | N m⁻¹ | अदिश |
- तरल पदार्थों के अणु एक-दूसरे के निकट होते हैं पर स्वतंत्र गतिमान होते हैं।
- तरल का आकार परिवर्तनीय, लेकिन आयतन स्थिर रहता है।
- तरल के यांत्रिक गुणों का अध्ययन दाब, प्रवाह, श्यानता, पृष्ठ तनाव आदि को समझने में सहायक है।
- तरल पदार्थ बाह्य बलों के प्रति विशिष्ट प्रतिक्रिया करते हैं।
- यह अध्ययन प्राकृतिक और तकनीकी दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है।
- 📌 तरल पदार्थ: वे पदार्थ जिनका निश्चित आयतन होता है लेकिन निश्चित आकार नहीं।
- 📌 यांत्रिक गुण: पदार्थ के वे गुण जो उसके बलों के प्रति प्रतिक्रिया को दर्शाते हैं।
9.2 दाब
व्याख्या9.2 दाब
दाब (Pressure) वह बल है जो किसी सतह की प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लंबवत रूप से लगाया जाता है। दाब एक अदिश राशि है, जिसका मात्रक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर (N/m²) या पास्कल (Pa) होता है। तरलों में दाब का अध्ययन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दाब तरल की गहराई, घनत्व और गुरुत्वाकर्षण के कारण बदलता रहता है। किसी तरल के किसी बिंदु पर दाब उस बिंदु के ऊपर तरल के स्तम्भ के वजन के कारण उत्पन्न होता है। दाब की गणना के लिए सूत्र है: P = F/A, जहाँ F बल है और A क्षेत्रफल। दाब तरल के प्रत्येक दिशा में समान रूप से संचरित होता है, जिसे पास्कल का नियम कहते हैं। इस नियम के अनुसार, यदि किसी बंद पात्र में तरल पर बाह्य दाब लगाया जाए तो यह दाब तरल के प्रत्येक भाग में समान रूप से पहुँचता है। दाब का प्रभाव ऊर्ध्वाधर बेलनी स्तम्भ में देखा जा सकता है, जहाँ गहराई के साथ दाब बढ़ता है। द्रवस्थैतिक विरोधोक्ति के अनुसार, किसी बंद पात्र में तरल का दाब केवल उसकी गहराई पर निर्भर करता है, न कि तरल के कुल परिमाण पर। दाब मापने के लिए पारद वायुदाब मापी और मैनोमीटर जैसे उपकरणों का उपयोग किया जाता है। **Table on page 3 (10×2)** | तरल | घनत्व ρ (kg m⁻³) | | --- | --- | | जल | 1.00 × 10³ | | समुद्र जल | 1.03 × 10³ | | पारा | 13.6 × 10³ | | ऐथिल एल्कोहॉल | 0.806 × 10³ | | संपूर्ण रक्त | 1.06 × 10³ | | वायु | 1.29 | | ऑक्सीजन | 1.43 | | हाइड्रोजन | 9.0 × 10⁻² | | अंतरातारकीय आकाश | ≈10⁻²⁰ |
- दाब = बल/क्षेत्रफल, एक अदिश राशि।
- तरल में दाब गहराई, घनत्व और गुरुत्वाकर्षण पर निर्भर करता है।
- पास्कल का नियम: दाब तरल में सभी दिशाओं में समान रूप से संचरित होता है।
- द्रवस्थैतिक विरोधोक्ति: दाब केवल तरल की गहराई पर निर्भर करता है।
- दाब मापन के लिए पारद वायुदाब मापी और मैनोमीटर का उपयोग।
- 📌 दाब (Pressure): किसी सतह पर प्रति इकाई क्षेत्र पर लंबवत बल।
- 📌 पास्कल का नियम: तरल में लगाया गया बाह्य दाब तरल के हर भाग में समान रूप से फैलता है।
- 📌 घनत्व (Density): द्रव्यमान/आयतन।
9.3 धारारेखी प्रवाह
व्याख्या9.3 धारारेखी प्रवाह
धारारेखी प्रवाह (Streamline Flow) वह प्रवाह है जिसमें तरल के प्रत्येक कण का वेग, दिशा और परिमाण समय के साथ अपरिवर्तित रहता है। इस प्रकार के प्रवाह में तरल के कण एक निश्चित मार्ग का अनुसरण करते हैं, जिन्हें धारारेखाएँ (streamlines) कहा जाता है। धारारे
अभ्यास प्रश्न — Chapter 2
15 विस्तृत उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
Q1.तरल पदार्थों में अणुओं की स्थिति और गति के आधार पर, तरल पदार्थों के आकार और आयतन के बारे में सही कथन कौन सा है? A) तरल पदार्थ का आकार और आयतन दोनों स्थिर होते हैं। B) तरल पदार्थ का आकार परिवर्तनीय होता है, लेकिन आयतन लगभग स्थिर रहता है। C) तरल पदार्थ का आकार स्थिर रहता है, लेकिन आयतन परिवर्तनीय होता है। D) तरल पदार्थ में अणु स्वतंत्र रूप से नहीं गतिमान होते।
उत्तर:
तरल पदार्थ का आकार परिवर्तनीय होता है, लेकिन आयतन लगभग स्थिर रहता है।
व्याख्या:
तरल पदार्थों में अणु एक-दूसरे के निकट होते हैं और स्वतंत्र रूप से गतिमान होते हैं, इसलिए उनका आकार परिवर्तनीय होता है, लेकिन आयतन लगभग स्थिर रहता है। यह तरल पदार्थों की विशेषता है जो उन्हें ठोस और गैसों से अलग बनाती है।
Q2.नीचे दिए गए तालिका में विभिन्न तरलों के तापमान (°C) और श्यानता (mPI) दिए गए हैं: | तरल | T(°C) | श्यानता (mPI) | |-----|-------|--------------| | जल | 20 | 1.0 | | जल | 100 | 0.3 | | रक्त | 37 | 2.7 | | मशीन का तेल | 16 | 113 | | मशीन का तेल | 38 | 34 | | ग्लिसरीन | 20 | 830 | | शहद | - | 200 | | वायु | 0 | 0.017 | | वायु | 40 | 0.019 | इस तालिका के आधार पर, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? A) श्यानता तापमान बढ़ने पर सभी तरलों में बढ़ती है। B) जल की श्यानता तापमान बढ़ने पर घटती है। C) ग्लिसरीन की श्यानता सबसे कम है। D) वायु की श्यानता तापमान बढ़ने पर घटती है।
उत्तर:
जल की श्यानता तापमान बढ़ने पर घटती है।
व्याख्या:
तालिका से स्पष्ट है कि जल की श्यानता 20°C पर 1.0 mPI है जबकि 100°C पर 0.3 mPI है, जो दर्शाता है कि तापमान बढ़ने पर जल की श्यानता घटती है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि श्यानता सभी तरलों में तापमान बढ़ने पर नहीं बढ़ती और ग्लिसरीन की श्यानता सबसे अधिक है।
Q3.दाब की परिभाषा क्या है और इसका मात्रक क्या होता है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
दाब वह बल है जो किसी सतह की प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लंबवत रूप से लगाया जाता है। इसका मात्रक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर (N/m²) या पास्कल (Pa) होता है। उदाहरण के लिए, जल के स्तम्भ के नीचे दाब उस स्तम्भ के वजन के कारण होता है।
व्याख्या:
दाब का अर्थ है किसी सतह पर लगने वाला बल प्रति इकाई क्षेत्रफल। इसका मात्रक पास्कल (Pa) है, जो न्यूटन प्रति वर्ग मीटर के बराबर होता है। दाब तरल की गहराई, घनत्व और गुरुत्वाकर्षण पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, जल के किसी बिंदु पर दाब उस बिंदु के ऊपर जल के स्तम्भ के वजन के कारण उत्पन्न होता है।
Q4.पास्कल के नियम का परीक्षण करने वाले चित्र 9.2 में ABC-DEF नामक तरल के एक अवयव को दर्शाया गया है, जो इतना छोटा है कि गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव की उपेक्षा की जा सकती है। इस नियम के अनुसार, यदि किसी बंद पात्र में तरल पर बाह्य दाब लगाया जाता है, तो यह दाब तरल के प्रत्येक भाग में किस प्रकार संचरित होता है? चित्र में एक बंद पात्र में तरल का एक छोटा हिस्सा ABC-DEF दिखाया गया है।
उत्तर:
दाब तरल के प्रत्येक भाग में समान रूप से संचरित होता है।
व्याख्या:
पास्कल के नियम के अनुसार, किसी बंद पात्र में तरल पर लगाया गया बाह्य दाब तरल के प्रत्येक भाग में समान रूप से संचरित होता है। इसका अर्थ है कि दाब सभी दिशाओं में बराबर होता है। चित्र 9.2 में दिखाए गए छोटे अवयव में भी यह नियम लागू होता है।
Q5.तरल के दाब की गणना के लिए सूत्र $P = \frac{F}{A}$ है। यदि किसी सतह पर 400 N का बल 0.02 m² क्षेत्रफल पर लगाया जाता है, तो दाब क्या होगा? पूर्ण समाधान सहित उत्तर दीजिए।
उत्तर:
20000 Pa
व्याख्या:
Given: F = 400 N, A = 0.02 m² Find: दाब P Formula: P = F / A Solution: Step 1: P = 400 / 0.02 Step 2: P = 20000 Answer: 20000 Pa Note: क्षेत्रफल को वर्ग मीटर में लेना आवश्यक है।
Q6.नीचे दिए गए तालिका में विभिन्न तरलों के घनत्व (kg/m³) दिए गए हैं: | तरल | घनत्व ρ (kg/m³) | |-----|------------------| | जल | 1.00 × 10³ | | समुद्र जल | 1.03 × 10³ | | पारा | 13.6 × 10³ | | ऐथिल एल्कोहॉल | 0.806 × 10³ | | संपूर्ण रक्त | 1.06 × 10³ | | वायु | 1.29 | | ऑक्सीजन | 1.43 | | हाइड्रोजन | 9.0 × 10⁻² | | अंतरातारकीय आकाश | ≈10⁻²⁰ | इस तालिका के आधार पर, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? A) पारा का घनत्व जल से कम है। B) हाइड्रोजन का घनत्व वायु से अधिक है। C) समुद्र जल का घनत्व जल से अधिक है। D) अंतरातारकीय आकाश का घनत्व वायु के बराबर है।
उत्तर:
समुद्र जल का घनत्व जल से अधिक है।
व्याख्या:
तालिका के अनुसार, समुद्र जल का घनत्व 1.03 × 10³ kg/m³ है जो जल के 1.00 × 10³ kg/m³ से अधिक है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि पारा का घनत्व जल से बहुत अधिक है, हाइड्रोजन का घनत्व वायु से कम है, और अंतरातारकीय आकाश का घनत्व बहुत कम है।
Q7.धारारेखी प्रवाह (Streamline flow) की विशेषताएँ क्या हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
धारारेखी प्रवाह वह प्रवाह है जिसमें तरल के प्रत्येक कण का वेग, दिशा और परिमाण समय के साथ अपरिवर्तित रहता है। इसमें तरल की परतें बिना मिलाए एक-दूसरे के साथ बहती हैं। उदाहरण के लिए, नल से धीरे-धीरे बहता पानी धारारेखी प्रवाह होता है।
व्याख्या:
धारारेखी प्रवाह में तरल के कण एक निश्चित मार्ग (धारारेखा) का अनुसरण करते हैं और उनकी गति समय के साथ स्थिर रहती है। इस प्रवाह में परतें एक-दूसरे के साथ मिश्रित नहीं होतीं। यह प्रवाह आदर्श तरल के व्यवहार को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, नल से धीरे-धीरे बहता पानी धारारेखी प्रवाह का उदाहरण है।
Q8.चित्र 9.7 में (a) किसी तरल का प्रक्षेपी प्रपथ और (b) धारारेखी प्रभाव का क्षेत्र दर्शाया गया है। धारारेखी प्रवाह में धारारेखा क्या होती है और इसका महत्व क्या है? चित्र का वर्णन करते हुए समझाइए।
उत्तर:
धारारेखा वह काल्पनिक रेखा है जिसके साथ तरल के कण बिना मिलाए बहते हैं।
व्याख्या:
धारारेखा वह काल्पनिक रेखा होती है जिसके साथ तरल के कण स्थिर गति से बहते हैं और परतें एक-दूसरे के साथ मिश्रित नहीं होतीं। चित्र 9.7 (a) में तरल के कणों का प्रक्षेपी प्रपथ दिखाया गया है और (b) में धारारेखी प्रभाव का क्षेत्र है, जो धारारेखा की व्याख्या करता है।
Bhautiki-II के सभी 7 अध्याय
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