Chapter 14
Chapter 14 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
परिचय
व्याख्यापरिचय
इस अध्याय 'पहाड़ से ऊँचा आदमी' में तेनजिंग नोर्गे के जीवन और उनके साहसिक पर्वतारोहण की कहानी प्रस्तुत की गई है। तेनजिंग नोर्गे (सन् 1911-1998) एक प्रसिद्ध शेरपा पर्वतारोही थे, जिन्होंने एडमंड हिलरी के साथ मिलकर 29 मई 1953 को माउंट एवरेस्ट की चोटी पर विजय प्राप्त की। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनी। इस अध्याय में तेनजिंग के जीवन के संघर्ष, उनकी मेहनत, साहस और पर्वतारोहण की कठिनाइयों का वर्णन है। पाठ में बताया गया है कि कैसे तेनजिंग ने अपने कठिन बचपन और सीमित संसाधनों के बावजूद पर्वतारोहण में सफलता पाई। साथ ही, उनके व्यक्तित्व की विशेषताएँ जैसे विनम्रता, साहस और टीमवर्क को भी उजागर किया गया है। इस परिचय से विद्यार्थी तेनजिंग के जीवन और उपलब्धियों के प्रति रुचि विकसित करते हैं और आगे के पाठ में उनकी यात्रा और अनुभवों को समझने के लिए तैयार होते हैं।
- तेनजिंग नोर्गे का जन्म सन् 1911 में तिब्बत के खुम्बू क्षेत्र में हुआ।
- वे शेरपा जाति से थे, जो पर्वतारोहण के लिए प्रसिद्ध है।
- 29 मई 1953 को उन्होंने एडमंड हिलरी के साथ मिलकर माउंट एवरेस्ट की चोटी पर विजय प्राप्त की।
- उनका जीवन संघर्षों और कठिनाइयों से भरा था।
- उनकी कहानी साहस, मेहनत और टीमवर्क की मिसाल है।
- 📌 पर्वतारोहण: ऊँचे पर्वतों पर चढ़ाई करने की कला।
- 📌 शेरपा: तिब्बती मूल की एक जाति, जो पर्वतारोहण में माहिर होती है।
- 📌 माउंट एवरेस्ट: विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत, जिसकी ऊँचाई 8,848 मीटर है।
तेनजिंग नोर्गे का जीवन परिचय
व्याख्यातेनजिंग नोर्गे का जीवन परिचय
तेनजिंग नोर्गे का जन्म तिब्बत के खुम्बू क्षेत्र में हुआ था। वे शेरपा जाति से थे, जो हिमालयी क्षेत्र में पर्वतारोहण के लिए प्रसिद्ध है। उनका बचपन कठिनाइयों से भरा था, जहाँ प्राकृतिक कठोरता और सीमित संसाधनों के बीच जीवन यापन करना पड़ता था। तेनजिंग ने पर्वतारोहण की कला को अपने परिवार और समुदाय से सीखा। उन्होंने कई पर्वतारोहण अभियानों में भाग लिया और अपने कौशल और साहस से खुद को साबित किया। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही बनाया। तेनजिंग ने न केवल माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की, बल्कि अन्य कई कठिन पर्वतों पर भी सफलतापूर्वक आरोहण किया। उनका जीवन संघर्षों से भरा था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि कठिनाइयों के बावजूद लक्ष्य प्राप्ति संभव है।
- तेनजिंग का जन्म तिब्बत के खुम्बू क्षेत्र में हुआ।
- वे शेरपा जाति के थे, जो पर्वतारोहण में माहिर होती है।
- उनका बचपन कठिन परिस्थितियों में बीता।
- उन्होंने पर्वतारोहण की कला परिवार से सीखी।
- कई पर्वतारोहण अभियानों में भाग लेकर अनुभव प्राप्त किया।
- उनकी मेहनत और साहस ने उन्हें विश्व प्रसिद्ध बनाया।
- 📌 खुम्बू क्षेत्र: तिब्बत का एक क्षेत्र, जो हिमालय के पास स्थित है।
- 📌 पर्वतारोहण अभियान: किसी पर्वत पर चढ़ाई करने के लिए आयोजित यात्रा।
पर्वतारोहण की चुनौतियाँ
व्याख्यापर्वतारोहण की चुनौतियाँ
पर्वतारोहण एक अत्यंत कठिन और जोखिम भरा कार्य है। इसमें पर्वत की ऊँचाई, बर्फीली सतह, तूफानी मौसम, ऑक्सीजन की कमी, और खतरनाक रास्तों का सामना करना पड़ता है। तेनजिंग नोर्गे ने अपनी कई यात्राओं में इन सभी चुनौतियों का सामना किया। पर्वत की ऊँचाई बढ़ने पर
अभ्यास प्रश्न — Chapter 14
15 विस्तृत उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
Q1.तेनजिंग नोर्गे कौन थे और उन्होंने किस प्रसिद्ध पर्वतारोहण उपलब्धि को प्राप्त किया?
उत्तर:
एडमंड हिलरी के साथ माउंट एवरेस्ट की चोटी पर विजय प्राप्त करने वाले शेरपा पर्वतारोही
व्याख्या:
तेनजिंग नोर्गे एक प्रसिद्ध शेरपा पर्वतारोही थे जिन्होंने 29 मई 1953 को एडमंड हिलरी के साथ मिलकर माउंट एवरेस्ट की चोटी पर विजय प्राप्त की। यह उपलब्धि विश्व के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनी।
Q2.तेनजिंग नोर्गे का जन्म कहाँ हुआ था और वे किस जाति से संबंधित थे?
उत्तर:
तिब्बत के खुम्बू क्षेत्र में, शेरपा जाति से
व्याख्या:
तेनजिंग नोर्गे का जन्म तिब्बत के खुम्बू क्षेत्र में हुआ था और वे शेरपा जाति से थे, जो हिमालयी क्षेत्र में पर्वतारोहण के लिए प्रसिद्ध है।
Q3.पर्वतारोहण के दौरान तेनजिंग नोर्गे को किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा? निम्नलिखित में से कौन सी चुनौती पर्वतारोहण की नहीं है?
उत्तर:
गर्मी और आर्द्रता का अत्यधिक स्तर
व्याख्या:
पर्वतारोहण में ऑक्सीजन की कमी, बर्फीली सतह, तूफानी मौसम, हिमस्खलन और खतरनाक रास्ते जैसी चुनौतियाँ आती हैं। गर्मी और आर्द्रता पर्वतारोहण की सामान्य चुनौतियाँ नहीं हैं, खासकर ऊँचे हिमालयी क्षेत्रों में।
Q4.29 मई 1953 को तेनजिंग नोर्गे और एडमंड हिलरी ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर विजय प्राप्त की। एवरेस्ट की ऊँचाई कितनी है?
उत्तर:
8,848 मीटर
व्याख्या:
माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई 8,848 मीटर है, जो पृथ्वी की सबसे ऊँची चोटी है। तेनजिंग नोर्गे और एडमंड हिलरी ने इसी ऊँचाई पर विजय प्राप्त की।
Q5.पर्वतारोहण के दौरान ऑक्सीजन की कमी क्यों होती है और इसका पर्वतारोही पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
ऑक्सीजन की कमी पर्वत की ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने के कारण होती है। इससे पर्वतारोही को श्वास लेने में कठिनाई होती है और शरीर पर थकान तथा कमजोरी का प्रभाव पड़ता है। उदाहरण के लिए, माउंट एवरेस्ट की चोटी पर ऑक्सीजन की मात्रा बहुत कम होती है, इसलिए पर्वतारोही ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग करते हैं।
व्याख्या:
पर्वत की ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे पर्वतारोही को सांस लेने में कठिनाई होती है। यह शारीरिक थकान, कमजोरी और हाइपोक्सिया जैसी समस्याएँ उत्पन्न करता है। इसलिए ऊँचाई पर ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग आवश्यक होता है। यह पर्वतारोहण की एक मुख्य चुनौती है।
Q6.तेनजिंग नोर्गे ने अपनी पर्वतारोहण यात्राओं में किन गुणों का प्रदर्शन किया? कम से कम तीन गुण लिखिए।
उत्तर:
तेनजिंग नोर्गे ने साहस, धैर्य और टीमवर्क के गुणों का प्रदर्शन किया। वे विनम्र और सहनशील भी थे। उदाहरण के लिए, उन्होंने माउंट एवरेस्ट पर एडमंड हिलरी के साथ मिलकर कठिन परिस्थितियों में सफलता प्राप्त की।
व्याख्या:
तेनजिंग नोर्गे का व्यक्तित्व साहस, धैर्य, टीमवर्क, विनम्रता और सहनशीलता से भरा था। इन गुणों ने उन्हें कठिन पर्वतारोहण अभियानों में सफल बनाया। उनकी यह विशेषताएँ पाठ में स्पष्ट रूप से वर्णित हैं।
Q7.निम्नलिखित कथन पर विचार कीजिए: "एवरेस्ट विजय केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं थी, बल्कि मानव साहस और धैर्य की जीत थी।" इस कथन को तेनजिंग के अनुभवों के आधार पर समझाइए।
उत्तर:
(a) परिचय: एवरेस्ट विजय तेनजिंग और हिलरी की व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ मानवता के साहस और धैर्य का प्रतीक है। (b) कठिनाइयाँ: इस यात्रा में अत्यधिक ठंड, ऑक्सीजन की कमी, बर्फीले तूफान और खतरनाक रास्तों का सामना करना पड़ा। (c) मानसिक दृढ़ता: तेनजिंग ने बताया कि यह केवल शारीरिक क्षमता का परीक्षण नहीं था, बल्कि मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास का भी परिक्षण था। (d) टीमवर्क और अनुशासन: सफलता में टीमवर्क और अनुशासन का महत्वपूर्ण योगदान था। (e) निष्कर्ष: इसलिए, एवरेस्ट विजय मानव साहस, धैर्य और सहयोग की जीत थी, जो आज भी प्रेरणा स्रोत है।
व्याख्या:
एवरेस्ट विजय केवल शारीरिक उपलब्धि नहीं थी, बल्कि इसमें मानसिक दृढ़ता, साहस, धैर्य और टीमवर्क की भूमिका भी महत्वपूर्ण थी। तेनजिंग के अनुभव बताते हैं कि कठिनाइयों के बावजूद आत्मविश्वास और अनुशासन से सफलता प्राप्त की जा सकती है। यह उपलब्धि मानवता के साहस और धैर्य की जीत के रूप में देखी जाती है।
Q8.नीचे दिए गए चित्र में तेनजिंग नोर्गे का जीवनकाल दर्शाया गया है। इस चित्र में उनके जन्म और मृत्यु के वर्ष कौन से हैं? चित्र विवरण: एक सरल कालक्रम जिसमें 1911 से 1998 तक का समय दर्शाया गया है।
उत्तर:
1911 से 1998
व्याख्या:
चित्र में तेनजिंग नोर्गे का जीवनकाल 1911 से 1998 तक दर्शाया गया है, जो उनके जन्म और मृत्यु के वर्ष हैं। यह जानकारी अध्याय के परिचय और जीवन परिचय खंड में दी गई है।
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