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Chapter 9

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Calculus and Differential Equations (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 8अध्याय 8 / 13Chapter 10

Chapter 9अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

9.1 अवलोप का परिचय

व्याख्या

9.1 अवलोप का परिचय

इस अनुभाग में अवलोप (Differentiation) की मूलभूत अवधारणा का परिचय दिया गया है। अवकलन गणित की वह शाखा है जिसमें किसी फलन (Function) के परिवर्तन की दर (Rate of Change) का अध्ययन किया जाता है। यदि y = f(x) कोई फलन है, तो x में अत्यल्प परिवर्तन (Δx) के कारण y में होने वाले परिवर्तन (Δy) का अनुपात Δy/Δx कहलाता है। जब Δx शून्य की ओर अग्रसर होता है, तो यह अनुपात अवकलज (Derivative) कहलाता है। अवकलन भौतिकी, अभियांत्रिकी, अर्थशास्त्र, जीवविज्ञान आदि में अत्यंत उपयोगी है, जैसे - गति, वेग, त्वरित, अधिकतम-न्यूनतम मान आदि के अध्ययन में। अवकलन का इतिहास न्यूटन और लाइबनिट्ज़ द्वारा 17वीं शताब्दी में विकसित किया गया था।

  • अवलोप किसी फलन के परिवर्तन की दर को मापता है।
  • अवलोप का गणितीय संकेत d/dx या f'(x) द्वारा किया जाता है।
  • अवलोप का प्रयोग गति, वेग, अधिकतम-न्यूनतम मान ज्ञात करने में होता है।
  • अवलोप के विकास में न्यूटन और लाइबनिट्ज़ का योगदान है।
  • अवलोप भौतिकी, अभियांत्रिकी, अर्थशास्त्र आदि में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • 📌 अवलोप (Differentiation): किसी फलन के परिवर्तन की दर ज्ञात करने की विधि।
  • 📌 अवकलज (Derivative): फलन के अवकलन का परिणाम।

9.2 अवलोप के नियम

सूत्र

9.2 अवलोप के नियम

इस अनुभाग में अवलोप के प्रमुख नियमों का विवेचन किया गया है। अवकलन करते समय कुछ निश्चित नियमों का पालन करना आवश्यक है, जिससे अवकलन करना सरल हो जाता है। मुख्य नियम हैं - योग का नियम, गुणन का नियम, भाग का नियम, श्रेणी का नियम (Chain Rule)। इन नियमों के माध्यम से जटिल फलनों का अवकलन सरलता से किया जा सकता है।

  • योग का नियम: दो या अधिक फलनों के योग का अवकलन उनके अवकलनों के योग के बराबर होता है।
  • गुणन का नियम: दो फलनों के गुणन का अवकलन विशेष सूत्र से किया जाता है।
  • भाग का नियम: दो फलनों के भाग का अवकलन विशेष सूत्र से किया जाता है।
  • श्रृंखला नियम: एक फलन के भीतर दूसरा फलन हो तो उसका अवकलन करने का नियम।
  • इन नियमों से जटिल फलनों का अवकलन संभव है।
  • 📌 योग का नियम (Sum Rule): दो फलनों के योग का अवकलन उनके अवकलनों के योग के बराबर।
  • 📌 गुणन का नियम (Product Rule): दो फलनों के गुणन का अवकलन विशेष सूत्र से।
  • 📌 भाग का नियम (Quotient Rule): दो फलनों के भाग का अवकलन विशेष सूत्र से।

9.3 साधारण फलनों के अवकलज

सूत्र

9.3 साधारण फलनों के अवकलज

इस अनुभाग में कुछ प्रमुख साधारण फलनों के अवकलज दिए गए हैं, जिनका प्रयोग आगे जटिल फलनों के अवकलन में किया जाता है। ये फलन गणित, भौतिकी, अभियांत्रिकी आदि में बार-बार आते हैं। तालिका में बहुपद, त्रिकोणमितीय, घातांक, लघुगणक, तथा अन्य फलनों के अवकलज दिए ग