Chapter 8
Chapter 8 — अध्ययन नोट्स
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8.1 ऋणपत्र का अर्थ एवं विशेषताएँ
परिभाषा8.1 ऋणपत्र का अर्थ एवं विशेषताएँ
ऋणपत्र (Debenture) एक प्रकार का दीर्घकालिक ऋण साधन है, जिसे कंपनियाँ पूंजी जुटाने के लिए जारी करती हैं। यह एक लिखित वचनपत्र होता है, जिसमें कंपनी यह स्वीकार करती है कि वह धारक को निर्दिष्ट अवधि के बाद मूलधन तथा निश्चित ब्याज का भुगतान करेगी। ऋणपत्रों में आमतौर पर निश्चित ब्याज दर होती है, जो वार्षिक या अर्द्धवार्षिक रूप से चुकाई जाती है। ऋणपत्रधारक कंपनी के कर्जदाता होते हैं, न कि मालिक। ऋणपत्र जारी करने के लिए कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है। ऋणपत्रों की कुछ प्रमुख विशेषताएँ हैं: निश्चित ब्याज दर, पुनर्भुगतान की निश्चित अवधि, कंपनी की संपत्ति पर दावा, और स्थानांतरणीयता।
- ऋणपत्र एक लिखित वचनपत्र है, जिसमें निश्चित ब्याज दर का उल्लेख होता है।
- ऋणपत्रधारक कंपनी के कर्जदाता होते हैं, न कि मालिक।
- ऋणपत्रों की अवधि निश्चित होती है, जिसके बाद उनका पुनर्भुगतान किया जाता है।
- ऋणपत्रों को आसानी से स्थानांतरित किया जा सकता है।
- ऋणपत्रों पर ब्याज कंपनी के लाभ या हानि से स्वतंत्र रूप से देना पड़ता है।
- ऋणपत्रधारकों को कंपनी की परिसंपत्तियों पर प्राथमिक दावा होता है।
- 📌 ऋणपत्र: कंपनी द्वारा जारी किया गया लिखित वचनपत्र, जिसमें निश्चित ब्याज और पुनर्भुगतान की तिथि होती है।
- 📌 ब्याज दर: वह प्रतिशत, जिस पर ऋणपत्रधारक को वार्षिक भुगतान किया जाता है।
8.2 ऋणपत्रों के प्रकार
अवधारणा8.2 ऋणपत्रों के प्रकार
ऋणपत्रों के कई प्रकार होते हैं, जिन्हें विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है। प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं: (1) साधारण ऋणपत्र (Simple Debenture): ये बिना किसी संपत्ति के गारंटी के जारी किए जाते हैं। (2) प्रतिभूत ऋणपत्र (Secured Debenture): इन पर कंपनी की किसी संपत्ति का चार्ज होता है। (3) परिवर्तनीय ऋणपत्र (Convertible Debenture): इन्हें एक निश्चित अवधि के बाद शेयरों में बदला जा सकता है। (4) गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र (Non-convertible Debenture): इन्हें शेयरों में नहीं बदला जा सकता। (5) रिडीमेबल ऋणपत्र (Redeemable Debenture): इन्हें एक निश्चित अवधि के बाद चुकाया जाता है। (6) अनरिडीमेबल ऋणपत्र (Irredeemable Debenture): इन्हें कंपनी की समाप्ति पर ही चुकाया जाता है। (7) रजिस्टर्ड ऋणपत्र (Registered Debenture): इनका रिकॉर्ड कंपनी के पास रहता है। (8) बेयरर ऋणपत्र (Bearer Debenture): इनका रिकॉर्ड कंपनी के पास नहीं रहता, और धारक को ही भुगतान किया जाता है।
- ऋणपत्रों को संपत्ति के आधार पर साधारण और प्रतिभूत ऋणपत्रों में बाँटा जाता है।
- परिवर्तनीय ऋणपत्रों को शेयरों में बदला जा सकता है।
- रिडीमेबल ऋणपत्रों का पुनर्भुगतान एक निश्चित अवधि के बाद होता है।
- रजिस्टर्ड ऋणपत्रों का रिकॉर्ड कंपनी के पास रहता है।
- बेयरर ऋणपत्रों का भुगतान धारक को किया जाता है।
- प्रत्येक प्रकार के ऋणपत्र की अपनी विशेषताएँ और लाभ-हानि होती है।
- 📌 साधारण ऋणपत्र: बिना किसी संपत्ति के गारंटी के जारी किए गए ऋणपत्र।
- 📌 प्रतिभूत ऋणपत्र: कंपनी की संपत्ति पर चार्ज के साथ जारी किए गए ऋणपत्र।
- 📌 परिवर्तनीय ऋणपत्र: जिन्हें शेयरों में बदला जा सकता है।
8.3 ऋणपत्रों का निर्गम (Issue of Debentures)
व्याख्या8.3 ऋणपत्रों का निर्गम (Issue of Debentures)
कंपनियाँ पूंजी जुटाने के लिए ऋणपत्र जारी करती हैं। ऋणपत्रों का निर्गम विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है: (1) अंकित मूल्य पर (At Par): जब ऋणपत्रों को उनके अंकित मूल्य पर जारी किया जाता है। (2) प्रीमियम पर (At Premium): जब ऋणपत्रों को अंकित मूल्य से अध
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Corporate Accounting · Vardhman Mahaveer Open University
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