Ch 13निःशुल्क

Chapter 13

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Corporate Accounting (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 12अध्याय 14 / 19Chapter 14

Chapter 13अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

13.1 प्रस्तावना

व्याख्या

13.1 प्रस्तावना

इस अनुभाग में लाभ का निपटारा एवं बोनस अंश की अवधारणा का परिचय दिया गया है। कंपनियों के संचालन के दौरान अर्जित लाभ का वितरण शेयरधारकों के बीच लाभांश के रूप में किया जाता है, जबकि कुछ लाभ को कंपनी के विस्तार या अन्य उद्देश्यों के लिए सुरक्षित रखा जाता है। बोनस अंश का तात्पर्य कंपनी द्वारा अपने शेयरधारकों को मुफ्त में अतिरिक्त शेयर जारी करने से है, जो कि अर्जित लाभ या भंडार से किया जाता है। लाभ का निपटारा कंपनी के निदेशक मंडल द्वारा तय किया जाता है, जिसमें लाभांश, बोनस अंश, आरक्षित निधि में स्थानांतरण आदि शामिल होते हैं। इस प्रक्रिया में कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का पालन अनिवार्य है। लाभ का वितरण कंपनी की वित्तीय स्थिति, भविष्य की आवश्यकताओं और कानूनी प्रतिबंधों के अनुसार किया जाता है। बोनस अंश जारी करने से कंपनी की चुकता पूंजी तो बढ़ती है, लेकिन कुल संपत्ति में कोई परिवर्तन नहीं होता। यह खंड आगे के अध्याय की नींव रखता है, जिसमें लाभ के निपटारे की प्रक्रिया, बोनस अंश जारी करने की विधि, और संबंधित लेखांकन प्रविष्टियाँ विस्तार से समझाई जाएंगी।

  • लाभ का निपटारा कंपनी के निदेशक मंडल द्वारा किया जाता है।
  • बोनस अंश का तात्पर्य मुफ्त में अतिरिक्त शेयर जारी करना है।
  • लाभांश वितरण कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार होता है।
  • लाभांश और बोनस अंश के वितरण में कंपनी की वित्तीय स्थिति का ध्यान रखा जाता है।
  • बोनस अंश जारी करने से चुकता पूंजी बढ़ती है, संपत्ति नहीं।
  • 📌 लाभांश: कंपनी द्वारा शेयरधारकों को उनके निवेश पर दिया गया लाभ।
  • 📌 बोनस अंश: कंपनी द्वारा अर्जित लाभ या भंडार से जारी किए गए मुफ्त शेयर।
  • 📌 आरक्षित निधि: भविष्य की आवश्यकताओं के लिए सुरक्षित रखा गया लाभ।

13.2 लाभ का निपटारा

अवधारणा

13.2 लाभ का निपटारा

लाभ का निपटारा कंपनी के वार्षिक लाभ को विभिन्न मदों में विभाजित करने की प्रक्रिया है। इसमें लाभांश का वितरण, आरक्षित निधि में स्थानांतरण, बोनस अंश जारी करना, और अन्य प्रावधानों के लिए राशि सुरक्षित करना शामिल है। लाभ का निपटारा कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 123 के अनुसार किया जाता है। निदेशक मंडल लाभांश की दर, बोनस अंश जारी करने का निर्णय, और आरक्षित निधि में स्थानांतरण की राशि तय करता है। लाभांश केवल अर्जित लाभ या पूर्व वर्षों के संचित लाभ से ही दिया जा सकता है। लाभांश की घोषणा के बाद उसका भुगतान 30 दिन के भीतर करना अनिवार्य है। यदि लाभांश का भुगतान नहीं किया जाता तो वह 'अवितरित लाभांश' कहलाता है। लाभ का निपटारा करते समय कंपनी को भविष्य की आवश्यकताओं, विस्तार योजनाओं और कानूनी प्रतिबंधों का ध्यान रखना पड़ता है।

  • लाभ का निपटारा कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 123 के अनुसार होता है।
  • लाभांश की घोषणा निदेशक मंडल द्वारा की जाती है।
  • लाभांश का भुगतान 30 दिन के भीतर अनिवार्य है।
  • लाभांश केवल अर्जित लाभ या संचित लाभ से ही दिया जा सकता है।
  • लाभ का एक भाग आरक्षित निधि में स्थानांतरित किया जाता है।
  • 📌 अवितरित लाभांश: वह लाभांश जो घोषित होने के बाद भी शेयरधारकों को भुगतान नहीं हुआ।
  • 📌 संचित लाभ: पूर्व वर्षों के लाभ का शेष भाग।

13.3 लाभांश के प्रकार

परिभाषा

13.3 लाभांश के प्रकार

लाभांश वह राशि है जो कंपनी अपने शेयरधारकों को उनके निवेश पर लाभ के रूप में देती है। लाभांश के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं: (1) अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) और (2) अंतिम लाभांश (Final Dividend)। अंतरिम लाभांश कंपनी के वार्षिक लेखा-निर्देशन से पूर्व