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Chapter 14

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Corporate Accounting (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 13अध्याय 15 / 19Chapter 15

Chapter 14अध्ययन नोट्स

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14.1 कंपनी के आंतरिक पुनर्निर्माण का अर्थ

परिभाषा

14.1 कंपनी के आंतरिक पुनर्निर्माण का अर्थ

कंपनी के आंतरिक पुनर्निर्माण का अर्थ है कंपनी की वित्तीय संरचना में परिवर्तन करना, जिससे कंपनी की पूँजी संरचना में सुधार हो सके और कंपनी के संचालन में आसानी हो। यह प्रक्रिया कंपनी के भीतर ही होती है, जिसमें कंपनी के शेयरधारकों, ऋणदाताओं और अन्य हितधारकों के अधिकारों में परिवर्तन किया जाता है, लेकिन कंपनी का अस्तित्व समाप्त नहीं होता। आंतरिक पुनर्निर्माण के अंतर्गत कंपनी के शेयरों का मूल्य घटाना, शेयरों का पुनर्गठन, पूँजी का पुनर्निर्धारण, घाटे को समायोजित करना आदि शामिल हैं। इसका उद्देश्य कंपनी को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और भविष्य में लाभकारी संचालन के लिए सक्षम बनाना है।

  • आंतरिक पुनर्निर्माण कंपनी के भीतर ही होता है।
  • इसमें कंपनी की पूँजी संरचना में बदलाव किया जाता है।
  • कंपनी का अस्तित्व समाप्त नहीं होता।
  • शेयरधारकों के अधिकारों में परिवर्तन किया जाता है।
  • घाटे को समायोजित करने के लिए पुनर्निर्माण किया जाता है।
  • कंपनी को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना इसका उद्देश्य है।
  • 📌 आंतरिक पुनर्निर्माण: कंपनी के भीतर पूँजी संरचना में बदलाव की प्रक्रिया।
  • 📌 पूँजी संरचना: कंपनी की कुल पूँजी का वितरण।

14.2 आंतरिक पुनर्निर्माण के प्रकार

अवधारणा

14.2 आंतरिक पुनर्निर्माण के प्रकार

आंतरिक पुनर्निर्माण के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं: (1) पूँजी का घटाना (Reduction of Capital) और (2) पूँजी का पुनर्गठन (Reorganisation of Capital)। पूँजी का घटाना तब किया जाता है जब कंपनी के पास भारी घाटा होता है और उसे समायोजित करने के लिए शेयरों का मूल्य घटाना पड़ता है। पूँजी का पुनर्गठन तब किया जाता है जब कंपनी की पूँजी संरचना को नए सिरे से व्यवस्थित करना होता है, जैसे शेयरों का विभाजन, समेकन या नए शेयरों का निर्गमन। दोनों प्रकार के पुनर्निर्माण का उद्देश्य कंपनी को वित्तीय संकट से उबारना और भविष्य में लाभकारी संचालन के लिए सक्षम बनाना है।

  • आंतरिक पुनर्निर्माण के दो मुख्य प्रकार हैं।
  • पूँजी घटाना घाटे को समायोजित करने के लिए किया जाता है।
  • पूँजी पुनर्गठन में पूँजी संरचना का पुनः निर्धारण होता है।
  • शेयरों का विभाजन, समेकन और पुनः निर्गमन शामिल हैं।
  • दोनों प्रकार कंपनी को आर्थिक रूप से मजबूत बनाते हैं।
  • कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है।
  • 📌 पूँजी घटाना: शेयरों का मूल्य घटाकर घाटा समायोजित करना।
  • 📌 पूँजी पुनर्गठन: पूँजी संरचना का पुनः निर्धारण।

14.3 पूँजी घटाने की प्रक्रिया

व्याख्या

14.3 पूँजी घटाने की प्रक्रिया

पूँजी घटाने की प्रक्रिया में कंपनी अपने शेयरों का मूल्य घटाती है ताकि घाटे को समायोजित किया जा सके। यह प्रक्रिया कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 66 के अंतर्गत होती है। पूँजी घटाने के लिए कंपनी को विशेष प्रस्ताव (Special Resolution) पास करना होता है और न्