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Chapter 7

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Nuclear Physics (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 6अध्याय 7 / 14कण त्वरक

Chapter 7अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

7.1 परिचय

व्याख्या

7.1 परिचय

इस अनुभाग में रेडियो सक्रियता की मूलभूत अवधारणा का परिचय दिया गया है। रेडियो सक्रियता वह प्रक्रिया है जिसमें कुछ नाभिक स्वतः अस्थिर होते हैं और वे अपने आप विघटित होकर ऊर्जा तथा कणों का उत्सर्जन करते हैं। यह प्रक्रिया प्राकृतिक तथा कृत्रिम दोनों रूपों में पाई जाती है। रेडियो सक्रियता का अध्ययन नाभिकीय भौतिकी में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे नाभिक की संरचना, ऊर्जा स्तर, तथा विभिन्न प्रकार के विकिरणों की जानकारी प्राप्त होती है। इस प्रक्रिया के माध्यम से α-कण, β-कण, और γ-किरणों का उत्सर्जन होता है। रेडियो सक्रियता के अध्ययन से न केवल विज्ञान के क्षेत्र में बल्कि चिकित्सा, ऊर्जा, तथा पर्यावरण के क्षेत्र में भी अनेक लाभ प्राप्त होते हैं।

  • रेडियो सक्रियता नाभिक की स्वतः विघटन प्रक्रिया है।
  • इस प्रक्रिया में ऊर्जा और कणों का उत्सर्जन होता है।
  • रेडियो सक्रियता प्राकृतिक और कृत्रिम दोनों रूपों में पाई जाती है।
  • रेडियो सक्रियता के अध्ययन से नाभिक की संरचना का ज्ञान होता है।
  • रेडियो सक्रियता चिकित्सा, ऊर्जा, और पर्यावरण में उपयोगी है।
  • 📌 रेडियो सक्रियता: नाभिक का स्वतः विघटन जिसमें विकिरण उत्सर्जित होते हैं।
  • 📌 नाभिक: परमाणु का केंद्रीय भाग जिसमें प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं।

7.2 रेडियो सक्रियता की खोज और इतिहास

अवधारणा

7.2 रेडियो सक्रियता की खोज और इतिहास

रेडियो सक्रियता की खोज हेनरी बेकरेल ने 1896 में की थी जब उन्होंने यूरेनियम लवणों से स्वतः उत्सर्जित विकिरणों का अवलोकन किया। इसके बाद मैरी क्यूरी और पियरे क्यूरी ने रेडियो सक्रियता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने रेडियम और पोलोनियम जैसे नए रेडियो सक्रिय तत्वों की खोज की। रेडियो सक्रियता के अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि कुछ तत्वों के नाभिक अस्थिर होते हैं और वे स्वतः विघटित होकर ऊर्जा और कणों का उत्सर्जन करते हैं। इस खोज ने नाभिकीय भौतिकी के क्षेत्र में क्रांति ला दी और चिकित्सा, ऊर्जा, तथा पर्यावरण के क्षेत्र में अनेक नई संभावनाएं उत्पन्न कीं।

  • हेनरी बेकरेल ने 1896 में रेडियो सक्रियता की खोज की।
  • मैरी क्यूरी और पियरे क्यूरी ने रेडियम और पोलोनियम की खोज की।
  • रेडियो सक्रियता के अध्ययन से नाभिक की अस्थिरता का ज्ञान हुआ।
  • इस खोज ने नाभिकीय भौतिकी के क्षेत्र में क्रांति ला दी।
  • रेडियो सक्रियता चिकित्सा और ऊर्जा के क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध हुई।
  • 📌 हेनरी बेकरेल: रेडियो सक्रियता के खोजकर्ता।
  • 📌 मैरी क्यूरी: रेडियो सक्रियता के क्षेत्र में अग्रणी वैज्ञानिक।

7.3 रेडियो सक्रियता के प्रकार

परिभाषा

7.3 रेडियो सक्रियता के प्रकार

रेडियो सक्रियता मुख्यतः तीन प्रकार की होती है: α-विघटन, β-विघटन, और γ-विघटन। α-विघटन में नाभिक से α-कण (दो प्रोटॉन और दो न्यूट्रॉन) उत्सर्जित होते हैं। β-विघटन में नाभिक से β-कण (इलेक्ट्रॉन या पॉज़िट्रॉन) उत्सर्जित होते हैं। γ-विघटन में नाभिक से γ-कि