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Chapter 2

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Nuclear Physics (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 14Chapter 3

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

2.1 नाभिक का परिचय

व्याख्या

2.1 नाभिक का परिचय

इस अनुभाग में नाभिक (nucleus) की खोज, उसकी संरचना, तथा परमाणु के केंद्र में उसकी स्थिति का विस्तृत वर्णन किया गया है। नाभिक परमाणु का अत्यंत सूक्ष्म, घनत्वयुक्त एवं धनावेशित केंद्र होता है, जिसमें प्रोटॉन (proton) एवं न्यूट्रॉन (neutron) उपस्थित रहते हैं। रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग के माध्यम से नाभिक की खोज हुई थी, जिसमें α-कणों को पतली सोने की पन्नी पर दागा गया था। अधिकांश कण सीधे निकल गए, किंतु कुछ तीव्र कोण पर विक्षिप्त हुए, जिससे यह निष्कर्ष निकला कि परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है और उसका धनावेशित केंद्र अत्यंत छोटा है। नाभिक का आकार लगभग 10⁻¹⁵ मीटर (1 फेम्टोमीटर) के क्रम का होता है। नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन को संयुक्त रूप से न्यूक्लियॉन (nucleon) कहा जाता है। प्रोटॉन का आवेश धनात्मक होता है, जबकि न्यूट्रॉन का कोई आवेश नहीं होता। नाभिक की स्थिरता, द्रव्यमान, तथा ऊर्जा का अध्ययन नाभिकीय भौतिकी का मुख्य विषय है।

  • नाभिक परमाणु का अत्यंत छोटा, घनत्वयुक्त केंद्र है।
  • नाभिक में प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन उपस्थित रहते हैं।
  • रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग से नाभिक की खोज हुई।
  • नाभिक का आकार लगभग 10⁻¹⁵ मीटर होता है।
  • प्रोटॉन धनावेशित, न्यूट्रॉन उदासीन कण हैं।
  • नाभिक की स्थिरता व ऊर्जा का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • 📌 नाभिक: परमाणु का केंद्र, जिसमें प्रोटॉन व न्यूट्रॉन होते हैं।
  • 📌 प्रोटॉन: धनावेशित कण, नाभिक में उपस्थित।
  • 📌 न्यूट्रॉन: उदासीन कण, नाभिक में उपस्थित।

2.2 नाभिक का संघटन

अवधारणा

2.2 नाभिक का संघटन

इस अनुभाग में नाभिक के संघटन का विस्तृत अध्ययन किया गया है। प्रत्येक नाभिक में प्रोटॉन (Z) और न्यूट्रॉन (N) की निश्चित संख्या होती है। प्रोटॉन की संख्या को परमाणु संख्या (Atomic Number, Z) कहते हैं, जबकि न्यूट्रॉन की संख्या को न्यूट्रॉन संख्या (N) कहते हैं। नाभिक में कुल न्यूक्लियॉन की संख्या को द्रव्यमान संख्या (Mass Number, A) कहते हैं, जहाँ A = Z + N। विभिन्न तत्वों के समस्थानिक (isotopes), समस्थानिक (isobars) और समन्यूट्रॉनिक (isotones) की अवधारणा भी यहीं दी गई है। समस्थानिक वे परमाणु होते हैं जिनकी परमाणु संख्या समान, किंतु द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है। समस्थानिक वे होते हैं जिनकी द्रव्यमान संख्या समान, किंतु परमाणु संख्या भिन्न होती है। समन्यूट्रॉनिक वे होते हैं जिनमें न्यूट्रॉन की संख्या समान होती है।

  • प्रोटॉन की संख्या = परमाणु संख्या (Z)
  • न्यूट्रॉन की संख्या = N
  • द्रव्यमान संख्या (A) = Z + N
  • समस्थानिक: समान Z, भिन्न A
  • समस्थानिक: समान A, भिन्न Z
  • समन्यूट्रॉनिक: समान N, भिन्न Z
  • 📌 परमाणु संख्या (Z): नाभिक में प्रोटॉन की संख्या।
  • 📌 द्रव्यमान संख्या (A): नाभिक में कुल न्यूक्लियॉन की संख्या।
  • 📌 न्यूट्रॉन संख्या (N): नाभिक में न्यूट्रॉन की संख्या।

2.3 नाभिक की त्रिज्या, द्रव्यमान एवं घनत्व

व्याख्या

2.3 नाभिक की त्रिज्या, द्रव्यमान एवं घनत्व

नाभिक की त्रिज्या (radius), द्रव्यमान (mass) और घनत्व (density) का निर्धारण नाभिकीय भौतिकी का महत्वपूर्ण भाग है। नाभिक की त्रिज्या का अनुमान प्रायः निम्न empirical सूत्र से लगाया जाता है: R = R₀ × A^(1/3), जहाँ R₀ ≈ 1.2 × 10⁻¹⁵ मीटर और A द्रव्यमान सं