Chapter 10
Chapter 10 — अध्ययन नोट्स
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10.1 नाभिकीय विखंडन की खोज
व्याख्या10.1 नाभिकीय विखंडन की खोज
नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission) की खोज 1938 में जर्मन वैज्ञानिकों ओटो हान और फ्रिट्ज स्ट्रासमैन द्वारा की गई थी। उन्होंने यूरेनियम पर न्यूट्रॉन की बमबारी की और पाया कि यूरेनियम का नाभिक छोटे नाभिकों में विभाजित हो जाता है। इस प्रक्रिया में भारी मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है। बाद में लीज़े माइटनर और ओटो फ्रिश ने इस घटना को 'नाभिकीय विखंडन' नाम दिया और इसकी व्याख्या की। नाभिकीय विखंडन में एक भारी नाभिक (जैसे यूरेनियम-235) न्यूट्रॉन के साथ प्रतिक्रिया कर दो या अधिक हल्के नाभिकों में टूट जाता है, जिससे अतिरिक्त न्यूट्रॉन और ऊर्जा निकलती है। इस खोज ने नाभिकीय ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति ला दी और परमाणु रिएक्टरों तथा परमाणु बमों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया।
- नाभिकीय विखंडन की खोज 1938 में ओटो हान और फ्रिट्ज स्ट्रासमैन ने की।
- यूरेनियम-235 पर न्यूट्रॉन की बमबारी से विखंडन होता है।
- लीज़े माइटनर और ओटो फ्रिश ने विखंडन की व्याख्या की।
- इस प्रक्रिया में भारी मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है।
- नाभिकीय विखंडन से परमाणु ऊर्जा का विकास संभव हुआ।
- 📌 नाभिकीय विखंडन: भारी नाभिक का छोटे नाभिकों में टूटना
- 📌 न्यूट्रॉन: नाभिक का विद्युत-रहित कण
10.2 नाभिकीय विखंडन की प्रक्रिया
अवधारणा10.2 नाभिकीय विखंडन की प्रक्रिया
नाभिकीय विखंडन की प्रक्रिया में एक भारी नाभिक (जैसे यूरेनियम-235) न्यूट्रॉन के साथ टकराकर अस्थिर हो जाता है और दो या अधिक हल्के नाभिकों में विभाजित हो जाता है। इस विभाजन के दौरान अतिरिक्त न्यूट्रॉन और ऊर्जा (गर्मी और विकिरण) निकलती है। विखंडन के लिए आवश्यक है कि न्यूट्रॉन की ऊर्जा उपयुक्त हो; सामान्यतः धीमे न्यूट्रॉन (थर्मल न्यूट्रॉन) अधिक प्रभावी होते हैं। विखंडन के उत्पादों में विभिन्न हल्के तत्व (जैसे बैरियम, क्रिप्टॉन) और 2-3 न्यूट्रॉन निकलते हैं। यह प्रक्रिया स्वतः नहीं होती, बल्कि न्यूट्रॉन के बाहरी स्रोत की आवश्यकता होती है।
- नाभिकीय विखंडन में भारी नाभिक छोटे नाभिकों में टूटता है।
- विखंडन के लिए न्यूट्रॉन की बमबारी आवश्यक है।
- विखंडन में ऊर्जा और अतिरिक्त न्यूट्रॉन निकलते हैं।
- थर्मल न्यूट्रॉन विखंडन के लिए अधिक प्रभावी होते हैं।
- विखंडन के उत्पाद हल्के तत्व और न्यूट्रॉन होते हैं।
- 📌 थर्मल न्यूट्रॉन: कम ऊर्जा वाले न्यूट्रॉन
- 📌 विखंडन उत्पाद: विखंडन के बाद बनने वाले हल्के तत्व
10.3 विखंडन ऊर्जा की गणना
सूत्र10.3 विखंडन ऊर्जा की गणना
नाभिकीय विखंडन में उत्पन्न ऊर्जा की गणना मास-डिफेक्ट (द्रव्यमान दोष) और आइंस्टीन के समीकरण E = mc² द्वारा की जाती है। विखंडन के दौरान, कुल उत्पादों का द्रव्यमान मूल नाभिक और न्यूट्रॉन के द्रव्यमान से कम होता है। यह द्रव्यमान अंतर ऊर्जा के रूप में निक
SLM - Nuclear Physics (Hindi) के सभी 14 अध्याय
Nuclear Physics · Vardhman Mahaveer Open University