Ch 7निःशुल्क

Chapter 7

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Algebra (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 6अध्याय 8 / 15Chapter 8

Chapter 7अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

7.1 वलय की परिभाषा और उदाहरण

परिभाषा

7.1 वलय की परिभाषा और उदाहरण

इस अनुभाग में वलय (Ring) की औपचारिक परिभाषा दी गई है और इसके विभिन्न उदाहरणों को विस्तार से समझाया गया है। वलय बीजगणित की एक महत्वपूर्ण संरचना है, जिसमें दो द्विआधारी संक्रियाएँ परिभाषित होती हैं: योग (addition) और गुणन (multiplication)। वलय एक समुच्चय R है, जिस पर '+' और '×' संक्रियाएँ निम्नलिखित शर्तों के साथ परिभाषित होती हैं: 1. (R, +) एक एबेलियन समुच्चय (Abelian group) है। 2. (R, ×) एक सेमिग्रुप (semigroup) है। 3. गुणन का योग पर वितरण (distributive) होता है, अर्थात् a × (b + c) = a × b + a × c तथा (a + b) × c = a × c + b × c सभी a, b, c ∈ R के लिए। वलय की परिभाषा के बाद, कुछ मुख्य उदाहरण दिए गए हैं, जैसे पूर्णांक (ℤ), वास्तविक संख्याएँ (ℝ), द्विघात शून्य मैट्रिक्स, बहुपदों का समुच्चय आदि। प्रत्येक उदाहरण में वलय की शर्तों की पुष्टि की गई है।

  • वलय दो संक्रियाओं (योग और गुणन) के साथ एक समुच्चय है।
  • (R, +) एक एबेलियन समुच्चय होता है।
  • (R, ×) एक सेमिग्रुप होता है।
  • गुणन का योग पर वितरण आवश्यक है।
  • ℤ, ℝ, बहुपदों का समुच्चय वलय के उदाहरण हैं।
  • 📌 वलय: दो संक्रियाओं (योग, गुणन) के साथ एक समुच्चय जो वलय की शर्तें पूरी करता है।
  • 📌 एबेलियन समुच्चय: ऐसा समुच्चय जिसमें योग संक्रिया संक्रियात्मक, संयोज्य, प्रतिलोम और संघटक होती है।
  • 📌 सेमिग्रुप: ऐसा समुच्चय जिसमें केवल गुणन संक्रिया संघटक होती है।

7.2 वलय के प्रकार

अवधारणा

7.2 वलय के प्रकार

इस अनुभाग में वलय के विभिन्न प्रकारों का विस्तार से अध्ययन किया गया है। वलय के प्रकार मुख्यतः गुणन की विशेषताओं के आधार पर विभाजित किए जाते हैं। 1. एकात्मक वलय (Ring with Unity): यदि वलय R में एक तत्व 1 मौजूद है, जिससे किसी भी a ∈ R के लिए a × 1 = 1 × a = a, तो उसे एकात्मक वलय कहते हैं। 2. सममित वलय (Commutative Ring): यदि गुणन संक्रिया संक्रियात्मक हो, अर्थात् a × b = b × a सभी a, b ∈ R के लिए, तो वलय सममित कहलाता है। 3. विभाज्य वलय (Division Ring): यदि वलय में प्रत्येक शून्येतर तत्व का गुणनात्मक प्रतिलोम हो, तो वह विभाज्य वलय कहलाता है। 4. क्षेत्र (Field): वह सममित विभाज्य वलय जिसमें एकात्मक तत्त्व भी हो। इन प्रकारों के उदाहरण और उनके बीच के संबंधों को भी स्पष्ट किया गया है।

  • वलय के प्रकार गुणन की विशेषताओं पर आधारित होते हैं।
  • एकात्मक वलय में एक तत्त्व 1 होता है।
  • सममित वलय में a × b = b × a होता है।
  • विभाज्य वलय में प्रत्येक शून्येतर तत्त्व का प्रतिलोम होता है।
  • क्षेत्र एक सममित विभाज्य वलय है।
  • 📌 एकात्मक वलय: जिसमें एक तत्त्व 1 मौजूद हो।
  • 📌 सममित वलय: जिसमें गुणन संक्रिया संक्रियात्मक हो।
  • 📌 विभाज्य वलय: जिसमें प्रत्येक शून्येतर तत्त्व का गुणनात्मक प्रतिलोम हो।

7.3 वलय के उपवलय

परिभाषा

7.3 वलय के उपवलय

इस अनुभाग में उपवलय (Subring) की परिभाषा, शर्तें और उदाहरण दिए गए हैं। उपवलय वलय का वह उपसमुच्चय होता है, जो स्वयं भी वलय की सभी शर्तें पूरी करता है। उपवलय की शर्तें: 1. S ⊆ R 2. S, वलय R के योग और गुणन के लिए बंद (closed) हो। 3. S, वलय R के योग के ल