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Chapter 12

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Algebra (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 11अध्याय 12 / 15Chapter 13

Chapter 12अध्ययन नोट्स

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12.1 समुच्चय की पुनरावृत्ति

अवधारणा

12.1 समुच्चय की पुनरावृत्ति

इस अनुभाग में समुच्चय की मूलभूत अवधारणा की पुनरावृत्ति की गई है। समुच्चय गणित की एक आधारभूत संकल्पना है, जिसमें वस्तुओं के संग्रह को एक इकाई के रूप में देखा जाता है। समुच्चय को प्रायः बड़े अक्षरों जैसे A, B, C आदि से दर्शाया जाता है। समुच्चय के तत्त्वों को छोटे अक्षरों जैसे a, b, c आदि से लिखा जाता है। यदि कोई तत्त्व a, समुच्चय A का सदस्य है, तो इसे a ∈ A से दर्शाते हैं। यदि नहीं है, तो a ∉ A लिखते हैं। समुच्चय को सूची विधि या वर्णनात्मक विधि से प्रस्तुत किया जा सकता है। उदाहरण स्वरूप, समुच्चय A = {1, 2, 3, 4} या A = {x : x प्राकृतिक संख्याएँ हैं, x ≤ 4}।

  • समुच्चय वस्तुओं का संग्रह है, जिसे एक इकाई के रूप में देखा जाता है।
  • समुच्चय के तत्त्वों को ∈ चिह्न द्वारा दर्शाया जाता है।
  • समुच्चय को सूची विधि या वर्णनात्मक विधि से लिखा जा सकता है।
  • समुच्चय के तत्त्व अद्वितीय होते हैं, दोहराव नहीं होता।
  • समुच्चय को बड़े अक्षरों से और तत्त्वों को छोटे अक्षरों से दर्शाते हैं।
  • 📌 समुच्चय: वस्तुओं का सुव्यवस्थित संग्रह।
  • 📌 तत्त्व: समुच्चय में उपस्थित प्रत्येक वस्तु।

12.2 उपसमुच्चय की परिभाषा

परिभाषा

12.2 उपसमुच्चय की परिभाषा

इस अनुभाग में उपसमुच्चय की परिभाषा दी गई है। यदि समुच्चय A के प्रत्येक तत्त्व समुच्चय B के भी तत्त्व हैं, तो A, B का उपसमुच्चय कहलाता है। इसे A ⊆ B से दर्शाते हैं। यदि A, B का उपसमुच्चय है, परन्तु A ≠ B है, तो A को B का समुचित उपसमुच्चय कहते हैं। प्रत्येक समुच्चय का स्वयं और रिक्त समुच्चय (∅) उपसमुच्चय होते हैं।

  • A ⊆ B ⇔ प्रत्येक a ∈ A के लिए a ∈ B।
  • रिक्त समुच्चय (∅) हर समुच्चय का उपसमुच्चय है।
  • हर समुच्चय स्वयं का उपसमुच्चय होता है।
  • यदि A ⊆ B और A ≠ B, तो A, B का समुचित उपसमुच्चय है।
  • 📌 उपसमुच्चय: ऐसा समुच्चय जिसके सभी तत्त्व किसी अन्य समुच्चय में भी हों।
  • 📌 समुचित उपसमुच्चय: उपसमुच्चय जो मूल समुच्चय के बराबर न हो।

12.3 उपसमुच्चयों की संख्या

व्याख्या

12.3 उपसमुच्चयों की संख्या

इस अनुभाग में बताया गया है कि किसी समुच्चय के उपसमुच्चयों की कुल संख्या कैसे ज्ञात की जाती है। यदि किसी समुच्चय A में n तत्त्व हैं, तो उसके उपसमुच्चयों की कुल संख्या 2^n होती है। इसमें रिक्त समुच्चय और स्वयं समुच्चय भी शामिल होते हैं। यदि केवल समुचित