Chapter 3
Chapter 3 — अध्ययन नोट्स
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3.1 समूहों की पुनरावृत्ति
व्याख्या3.1 समूहों की पुनरावृत्ति
इस अनुभाग में समूह (Group) की परिभाषा, उसके गुणधर्म, और कुछ महत्वपूर्ण उदाहरणों की पुनरावृत्ति की गई है। समूह एक बीजगणितीय संरचना है जिसमें एक सेट G और एक बाइनरी संक्रिया * दी जाती है, जिससे निम्नलिखित चार गुणधर्म संतुष्ट होते हैं: (i) बंदता (Closure), (ii) संघटनशीलता (Associativity), (iii) तटस्थ तत्व (Identity element), और (iv) प्रतिलोम (Inverse)। समूह के उदाहरणों में पूर्णांकों का जोड़ के साथ समूह, वास्तविक संख्याओं का गुणन के साथ समूह (शून्य को छोड़कर), तथा मैट्रिक्स का समूह आदि आते हैं। इस अनुभाग में समूहों के उपसमूह (Subgroup) की भी चर्चा की गई है, जिसमें उपसमूह की परिभाषा और उसके गुणधर्मों को समझाया गया है।
- समूह चार मुख्य गुणधर्मों को संतुष्ट करता है।
- समूह का तटस्थ तत्व अद्वितीय होता है।
- हर तत्व का एक अद्वितीय प्रतिलोम होता है।
- समूह के उपसमूह भी समूह के सभी गुणधर्मों का पालन करते हैं।
- समूह के उदाहरण: पूर्णांक, वास्तविक संख्याएँ, मैट्रिक्स।
- 📌 समूह: एक सेट जिसमें एक बाइनरी संक्रिया दी गई हो और चार गुणधर्म संतुष्ट हों।
- 📌 उपसमूह: समूह का एक उपसेट जो स्वयं भी समूह हो।
- 📌 तटस्थ तत्व: ऐसा तत्व जो किसी भी तत्व के साथ संक्रिया करने पर वही तत्व दे।
3.2 सहकुलक (Cosets) की परिभाषा
परिभाषा3.2 सहकुलक (Cosets) की परिभाषा
इस अनुभाग में सहकुलक (Coset) की परिभाषा दी गई है। यदि G एक समूह है और H उसका उपसमूह है, तथा a ∈ G, तो aH = {a * h : h ∈ H} को H का बायाँ सहकुलक (Left Coset) कहा जाता है। इसी प्रकार, Ha = {h * a : h ∈ H} को H का दायाँ सहकुलक (Right Coset) कहते हैं। सहकुलक, उपसमूह के तत्वों को समूह के अन्य तत्वों के साथ संक्रिया करके प्राप्त सेट होते हैं।
- सहकुलक दो प्रकार के होते हैं: बायाँ और दायाँ।
- हर a ∈ G के लिए aH और Ha उपसमूह H के सहकुलक होते हैं।
- सभी सहकुलक समान आकार (कार्डिनैलिटी) के होते हैं।
- यदि H सामान्य उपसमूह है, तो बायाँ और दायाँ सहकुलक समान होते हैं।
- 📌 सहकुलक: उपसमूह के तत्वों के साथ समूह के किसी तत्व की संक्रिया से बना सेट।
- 📌 बायाँ सहकुलक: aH, जहाँ a समूह का तत्व है।
- 📌 दायाँ सहकुलक: Ha, जहाँ a समूह का तत्व है।
3.3 सहकुलकों के गुणधर्म
अवधारणा3.3 सहकुलकों के गुणधर्म
इस अनुभाग में सहकुलकों के मुख्य गुणधर्मों की चर्चा की गई है। (i) किसी समूह G के उपसमूह H के दो सहकुलक या तो पूर्णतः असंपृक्त (disjoint) होते हैं या समान होते हैं। (ii) समूह G को H के सहकुलकों के असंपृक्त संघ (disjoint union) के रूप में लिखा जा सकता ह
SLM - Algebra (Hindi) के सभी 15 अध्याय
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