Chapter 6
Chapter 6 — अध्ययन नोट्स
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6.1 प्रस्तावना
व्याख्या6.1 प्रस्तावना
इस अनुभाग में विश्व व्यापार संगठन (WTO) के गठन की पृष्ठभूमि, उद्देश्य तथा भारतीय कृषि पर इसके प्रभाव की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। 1995 में स्थापित WTO ने वैश्विक व्यापार के नियमों को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत जैसे विकासशील देशों के लिए WTO के नियमों का विशेष महत्व है, क्योंकि ये नियम कृषि उत्पादों के निर्यात, सब्सिडी, और आयात-निर्यात नीति को प्रभावित करते हैं। इस अध्याय के माध्यम से छात्रों को WTO के गठन, कार्यप्रणाली, और भारतीय कृषि के संदर्भ में इसके प्रभावों की गहन समझ प्रदान की जाती है।
- WTO की स्थापना 1995 में हुई।
- WTO का उद्देश्य वैश्विक व्यापार को सुगम बनाना है।
- भारतीय कृषि पर WTO के नियमों का गहरा प्रभाव है।
- WTO के तहत कृषि उत्पादों की सब्सिडी और व्यापार नियमों में बदलाव आया।
- भारत जैसे विकासशील देशों के लिए WTO के नियम चुनौतीपूर्ण हैं।
- 📌 विश्व व्यापार संगठन (WTO): एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन जो वैश्विक व्यापार के नियमों को नियंत्रित करता है।
- 📌 सब्सिडी: सरकार द्वारा किसानों या उत्पादकों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता।
6.2 विश्व व्यापार संगठन (WTO) का गठन
व्याख्या6.2 विश्व व्यापार संगठन (WTO) का गठन
इस अनुभाग में WTO के गठन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उद्देश्य, और कार्यप्रणाली का विस्तार से वर्णन किया गया है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को सुचारू और निष्पक्ष बनाने के लिए GATT (General Agreement on Tariffs and Trade) की स्थापना 1948 में हुई थी। GATT के स्थान पर 1 जनवरी 1995 को WTO की स्थापना की गई। WTO का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापार बाधाओं को कम करना, व्यापार विवादों का समाधान करना, और वैश्विक व्यापार को अधिक पारदर्शी बनाना है। WTO के अंतर्गत कृषि, सेवा, बौद्धिक संपदा अधिकार, और औद्योगिक उत्पादों के व्यापार को नियंत्रित किया जाता है।
- WTO की स्थापना 1 जनवरी 1995 को हुई।
- GATT (1948) WTO का पूर्ववर्ती संगठन था।
- WTO के 164 सदस्य देश हैं (2024 तक)।
- WTO व्यापार विवादों का समाधान करता है।
- WTO कृषि, सेवा, और बौद्धिक संपदा अधिकारों को भी कवर करता है।
- 📌 GATT: व्यापार और शुल्क पर सामान्य समझौता, WTO का पूर्ववर्ती संगठन।
- 📌 बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR): रचनात्मक कार्यों पर कानूनी अधिकार।
6.3 WTO के उद्देश्य एवं कार्य
अवधारणा6.3 WTO के उद्देश्य एवं कार्य
WTO के उद्देश्य वैश्विक व्यापार को सुगम, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। इसके मुख्य कार्यों में सदस्य देशों के बीच व्यापार विवादों का समाधान, व्यापार नियमों का निर्माण, और व्यापार बाधाओं को कम करना शामिल है। WTO कृषि, सेवा, और बौद्धिक संपदा अधिकारों क
SLM - Economic Policy & Rural Development (Hindi) के सभी 17 अध्याय
Economic Policy & Rural Development · Vardhman Mahaveer Open University
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