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Chapter 11

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Economic Policy & Rural Development (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 10अध्याय 12 / 17Chapter 12

Chapter 11अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

11.1 विदेशी व्यापार का अर्थ एवं महत्व

व्याख्या

11.1 विदेशी व्यापार का अर्थ एवं महत्व

विदेशी व्यापार का अर्थ है दो या दो से अधिक देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और तकनीकी का आदान-प्रदान। यह व्यापार भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विदेशी व्यापार से देश को आवश्यक वस्तुएं प्राप्त होती हैं, जिससे घरेलू उत्पादन में वृद्धि होती है। इसके अलावा, भारत को विदेशी मुद्रा भी प्राप्त होती है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है। विदेशी व्यापार के माध्यम से भारत अपनी अतिरिक्त वस्तुओं का निर्यात कर सकता है और आवश्यक वस्तुओं का आयात कर सकता है। इससे उत्पादन, रोजगार और राजस्व में वृद्धि होती है। विदेशी व्यापार के महत्व को समझने के लिए हमें यह जानना आवश्यक है कि यह देश की आर्थिक नीति, औद्योगिक नीति, और ग्रामीण विकास से कैसे जुड़ा है।

  • विदेशी व्यापार दो देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान है।
  • यह देश को आवश्यक वस्तुएं और तकनीकी उपलब्ध कराता है।
  • विदेशी व्यापार से विदेशी मुद्रा अर्जित होती है।
  • यह घरेलू उत्पादन, रोजगार और राजस्व में वृद्धि करता है।
  • विदेशी व्यापार आर्थिक नीति और ग्रामीण विकास से जुड़ा है।
  • 📌 विदेशी व्यापार: दो या दो से अधिक देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान।
  • 📌 विदेशी मुद्रा: अन्य देशों से प्राप्त मुद्रा।

11.2 विदेशी व्यापार नियंत्रण की आवश्यकता

अवधारणा

11.2 विदेशी व्यापार नियंत्रण की आवश्यकता

विदेशी व्यापार नियंत्रण का अर्थ है सरकार द्वारा विदेशी व्यापार को नियमों और कानूनों के माध्यम से नियंत्रित करना। इसकी आवश्यकता इसलिए होती है क्योंकि अनियंत्रित व्यापार से देश के आर्थिक हितों को नुकसान पहुँच सकता है। नियंत्रण के माध्यम से देश अपनी आर्थिक नीति के अनुसार आयात-निर्यात को दिशा दे सकता है। इससे घरेलू उद्योगों की रक्षा, विदेशी मुद्रा की बचत, और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। नियंत्रण के बिना, देश में अनावश्यक वस्तुओं का आयात बढ़ सकता है, जिससे घरेलू उद्योगों को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, नियंत्रण से देश की आर्थिक नीति को लागू करना आसान होता है।

  • विदेशी व्यापार नियंत्रण सरकार द्वारा व्यापार को नियमों के तहत संचालित करना है।
  • यह घरेलू उद्योगों की रक्षा करता है।
  • विदेशी मुद्रा की बचत सुनिश्चित करता है।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने में मदद करता है।
  • आर्थिक नीति को लागू करने में सहायक है।
  • 📌 विदेशी व्यापार नियंत्रण: सरकार द्वारा व्यापार को नियमों के तहत संचालित करना।
  • 📌 आयात शुल्क: आयातित वस्तुओं पर लगाया गया कर।

11.3 विदेशी व्यापार नियंत्रण के उपाय

व्याख्या

11.3 विदेशी व्यापार नियंत्रण के उपाय

विदेशी व्यापार नियंत्रण के विभिन्न उपाय हैं: (1) आयात-निर्यात लाइसेंस प्रणाली, (2) आयात शुल्क, (3) कोटा प्रणाली, (4) विदेशी मुद्रा विनियमन, (5) तकनीकी मानक और गुणवत्ता नियंत्रण। आयात-निर्यात लाइसेंस प्रणाली के तहत सरकार व्यापारियों को लाइसेंस जारी कर