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Chapter 5

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Issues in Indian Economic Development (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट
Chapter 5अध्याय 8 / 17Chapter 6

Chapter 5अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

5.1 प्रस्तावना

व्याख्या

5.1 प्रस्तावना

इस अनुभाग में जनसंख्या में विस्फोटक वृद्धि की समस्या की प्रस्तावना दी गई है। भारत में जनसंख्या वृद्धि एक प्रमुख सामाजिक और आर्थिक मुद्दा है। स्वतंत्रता के बाद भारत में जनसंख्या वृद्धि की दर में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई, जिससे संसाधनों पर दबाव बढ़ा है। जनसंख्या वृद्धि के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, और खाद्य सुरक्षा जैसी समस्याएँ उत्पन्न हुई हैं। इस अध्याय में जनसंख्या वृद्धि के कारणों, प्रभावों और नियंत्रण के उपायों का विश्लेषण किया गया है। प्रस्तावना में बताया गया है कि जनसंख्या वृद्धि के कारण आर्थिक विकास की गति धीमी हो जाती है, क्योंकि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग नहीं हो पाता।

  • भारत में जनसंख्या वृद्धि एक गंभीर समस्या है।
  • जनसंख्या विस्फोट के कारण संसाधनों पर दबाव बढ़ा है।
  • आर्थिक विकास की गति जनसंख्या वृद्धि से प्रभावित होती है।
  • जनसंख्या वृद्धि के कारण सामाजिक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
  • इस अध्याय में जनसंख्या वृद्धि के कारणों और नियंत्रण के उपायों का अध्ययन किया गया है।
  • 📌 जनसंख्या विस्फोट: जनसंख्या में तेज़ और अनियंत्रित वृद्धि।
  • 📌 संसाधन: मानव उपयोग के लिए उपलब्ध प्राकृतिक और आर्थिक वस्तुएँ।

5.2 भारत में जनसंख्या वृद्धि की ऐतिहासिक प्रवृत्तियाँ

अवधारणा

5.2 भारत में जनसंख्या वृद्धि की ऐतिहासिक प्रवृत्तियाँ

इस अनुभाग में भारत में जनसंख्या वृद्धि की ऐतिहासिक प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया गया है। भारत में जनसंख्या वृद्धि की दर विभिन्न कालों में भिन्न रही है। 1921 को 'जनसंख्या विस्फोट का वर्ष' माना जाता है, क्योंकि इसके बाद जनसंख्या वृद्धि की दर में तीव्र वृद्धि देखी गई। 1901-1921 के बीच जनसंख्या वृद्धि की दर बहुत कम थी, जबकि 1921-1951 के बीच यह दर थोड़ी बढ़ी। 1951 के बाद जनसंख्या वृद्धि की दर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई, जिससे भारत विश्व के सबसे अधिक जनसंख्या वाले देशों में शामिल हो गया। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या 121 करोड़ थी।

  • 1921 को जनसंख्या विस्फोट का वर्ष कहा जाता है।
  • 1901-1921 के बीच जनसंख्या वृद्धि की दर बहुत कम थी।
  • 1951 के बाद जनसंख्या वृद्धि की दर में तीव्र वृद्धि हुई।
  • 2011 में भारत की जनसंख्या 121 करोड़ थी।
  • जनसंख्या वृद्धि की ऐतिहासिक प्रवृत्तियाँ आर्थिक विकास को प्रभावित करती हैं।
  • 📌 जनगणना: देश की जनसंख्या की गणना का सरकारी कार्य।
  • 📌 जनसंख्या वृद्धि दर: किसी अवधि में जनसंख्या में प्रतिशत वृद्धि।

5.3 जनसंख्या वृद्धि के कारण

व्याख्या

5.3 जनसंख्या वृद्धि के कारण

इस अनुभाग में भारत में जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारणों का विश्लेषण किया गया है। जनसंख्या वृद्धि के कारणों में मृत्यु दर में कमी, जन्म दर में वृद्धि, सामाजिक और धार्मिक मान्यताएँ, बाल विवाह, अशिक्षा, और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार शामिल हैं। मृत्यु दर