Chapter 4
Chapter 4 — अध्ययन नोट्स
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4.1 निर्धनता : एक परिचय
व्याख्या4.1 निर्धनता : एक परिचय
निर्धनता (Poverty) का अर्थ है – वह स्थिति जिसमें व्यक्ति अपनी मूलभूत आवश्यकताओं (भोजन, वस्त्र, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा) की पूर्ति करने में असमर्थ रहता है। निर्धनता केवल आय की कमी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की निम्न गुणवत्ता, अवसरों की कमी, सामाजिक भेदभाव, और असमानता से भी जुड़ी है। निर्धनता के कारण व्यक्ति समाज की मुख्यधारा से कट जाता है और उसके जीवन में असुरक्षा, अपमान, और सामाजिक बहिष्कार की भावना घर कर जाती है। भारत जैसे विकासशील देश में निर्धनता एक गंभीर सामाजिक-आर्थिक समस्या है, जो स्वतंत्रता के बाद से ही नीति-निर्माताओं के लिए चुनौती बनी हुई है। निर्धनता का अध्ययन इसलिए आवश्यक है ताकि समाज के सबसे कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ बनाई जा सकें और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
- निर्धनता का अर्थ केवल आय की कमी नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता की कमी भी है।
- निर्धनता के कारण व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकताएँ पूरी नहीं हो पातीं।
- भारत में निर्धनता एक प्रमुख सामाजिक-आर्थिक समस्या है।
- निर्धनता से सामाजिक असमानता और बहिष्कार बढ़ता है।
- निर्धनता के उन्मूलन के लिए सरकारी योजनाएँ बनाई जाती हैं।
- 📌 निर्धनता: वह स्थिति जिसमें व्यक्ति अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पाता।
- 📌 मूलभूत आवश्यकताएँ: भोजन, वस्त्र, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा।
4.2 निर्धनता का मापन
अवधारणा4.2 निर्धनता का मापन
निर्धनता के मापन के लिए विभिन्न मानक और विधियाँ अपनाई जाती हैं। निर्धनता रेखा (Poverty Line) वह न्यूनतम आय या उपभोग स्तर है, जिसके नीचे व्यक्ति या परिवार को निर्धन माना जाता है। भारत में निर्धनता रेखा के निर्धारण के लिए मुख्यतः उपभोग व्यय (खाद्य एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं पर खर्च) को आधार बनाया जाता है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) द्वारा समय-समय पर उपभोग व्यय के आंकड़े एकत्र किए जाते हैं। निर्धनता रेखा के निर्धारण के लिए कैलोरी की आवश्यकता (ग्रामीण क्षेत्र में 2400 कैलोरी और शहरी क्षेत्र में 2100 कैलोरी प्रतिदिन) को भी ध्यान में रखा जाता है। निर्धनता मापन के लिए मुख्यतः दो विधियाँ अपनाई जाती हैं – (1) आय या उपभोग व्यय विधि, (2) बहुआयामी निर्धनता सूचकांक।
- निर्धनता रेखा न्यूनतम आय या उपभोग स्तर को दर्शाती है।
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2400 कैलोरी और शहरी क्षेत्रों के लिए 2100 कैलोरी प्रतिदिन का मानक है।
- NSSO द्वारा उपभोग व्यय के आंकड़े एकत्र किए जाते हैं।
- निर्धनता मापन के लिए आय विधि और बहुआयामी सूचकांक का प्रयोग होता है।
- निर्धनता रेखा समय-समय पर बदलती रहती है।
- 📌 निर्धनता रेखा: न्यूनतम आय या उपभोग स्तर, जिसके नीचे व्यक्ति निर्धन माना जाता है।
- 📌 NSSO: राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन, जो उपभोग व्यय के आंकड़े एकत्र करता है।
4.3 निर्धनता के प्रकार
अवधारणा4.3 निर्धनता के प्रकार
निर्धनता के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं – (1) निरपेक्ष निर्धनता (Absolute Poverty) और (2) सापेक्ष निर्धनता (Relative Poverty)। निरपेक्ष निर्धनता वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपनी न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति भी नहीं कर पाता। इसमें निर्धनता रेखा के नीचे
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Issues in Indian Economic Development · Vardhman Mahaveer Open University
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