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Chapter 3

🎓 Class 12📖 Swatantra Bharat Mein Rajniti-II📖 8 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~12 मिनट
Chapter 2अध्याय 3 / 8Chapter 4

Chapter 3अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

आर्थिक विकास की चुनौतियाँ

व्याख्या

आर्थिक विकास की चुनौतियाँ

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत ने एक आधुनिक राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बनाने के लिए अनेक प्रयास किए। शुरुआती दो दशकों में सार्वजनिक क्षेत्र की विकास परियोजनाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आर्थिक विकास की चुनौती बहुत जटिल और गहरी थी, क्योंकि इसे सामाजिक न्याय, गरीबी उन्मूलन, औद्योगीकरण, कृषि विकास, पर्यावरण संरक्षण और विभिन्न सामाजिक समूहों के हितों के संतुलन के साथ जोड़कर देखना था। इस अध्याय में हम आर्थिक विकास से जुड़ी मुख्य राजनीतिक चुनौतियों, विकास की विभिन्न धारणाओं, नियोजित विकास की राजनीति, योजना आयोग की भूमिका, पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत, औद्योगीकरण की प्रक्रिया, विकेंद्रीकृत नियोजन के उदाहरण और अंततः विकास की राजनीति में वामपंथ और दक्षिणपंथ की भूमिका को विस्तार से समझेंगे। आर्थिक विकास की चुनौतियाँ केवल आर्थिक नीतियों तक सीमित नहीं थीं, बल्कि इनमें सामाजिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय आयाम भी शामिल थे। इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे कि कैसे भारत ने विकास के लिए एक विशिष्ट मॉडल अपनाया और किन कारणों से उसे चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

  • स्वतंत्रता के बाद भारत ने आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी।
  • आर्थिक विकास की चुनौतियाँ सामाजिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय थीं।
  • सरकारी क्षेत्र की विकास परियोजनाओं ने शुरुआती दशकों में मुख्य भूमिका निभाई।
  • विकास की विभिन्न धारणाएँ विभिन्न सामाजिक समूहों के लिए अलग थीं।
  • आर्थिक विकास के लिए राजनीतिक फैसले आवश्यक थे।
  • इस अध्याय में नियोजित विकास, योजना आयोग और पंचवर्षीय योजनाओं पर चर्चा होगी।
  • 📌 आर्थिक विकास: किसी देश की आर्थिक स्थिति में सुधार और समृद्धि।
  • 📌 सार्वजनिक क्षेत्र: सरकार द्वारा संचालित उद्योग और परियोजनाएँ।
  • 📌 विकास की धारणाएँ: विभिन्न सामाजिक समूहों के लिए विकास का अलग-अलग अर्थ।

नियोजित विकास की राजनीति

व्याख्या

नियोजित विकास की राजनीति

आर्थिक विकास के लिए राजनीतिक निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि विकास के विभिन्न पहलुओं में हितों का टकराव होता है। उड़ीसा में लौह-अयस्क के विशाल भंडार का दोहन इसका एक प्रमुख उदाहरण है। राज्य सरकार ने इस्पात उद्योग स्थापित करने की योजना बनाई, जिससे पूंजी निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। लेकिन आदिवासी समुदाय को अपने विस्थापन और आजीविका छिनने का भय था, वहीं पर्यावरणविदों को पर्यावरण प्रदूषण का डर था। केंद्र सरकार को चिंता थी कि उद्योग लगाने से इंकार करने पर पूंजी निवेश में बाधा आएगी। इस उदाहरण में विभिन्न हितों के बीच टकराव स्पष्ट है। इस तरह के फैसले सामाजिक समूहों के हित, वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के हितों के संतुलन पर आधारित होते हैं। लोकतंत्र में ऐसे निर्णय जनप्रतिनिधियों द्वारा लिए जाते हैं, जो जनता की भावनाओं को समझते हैं। इस प्रकार, नियोजित विकास की राजनीति में राजनीतिक टकराव, सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाना आवश्यक होता है।

  • उड़ीसा में लौह-अयस्क के दोहन को लेकर विभिन्न हितों का टकराव।
  • आदिवासी समुदाय के विस्थापन और आजीविका के खतरे।
  • पर्यावरण प्रदूषण की आशंका।
  • केंद्र सरकार की पूंजी निवेश को बढ़ावा देने की चिंता।
  • राजनीतिक निर्णय सामाजिक-आर्थिक हितों के संतुलन पर आधारित।
  • लोकतंत्र में ऐसे फैसले जनप्रतिनिधियों द्वारा लिए जाते हैं।
  • 📌 नियोजित विकास: सरकार द्वारा आर्थिक विकास के लिए योजना बनाना और उसे लागू करना।
  • 📌 राजनीतिक टकराव: विभिन्न सामाजिक समूहों के हितों का संघर्ष।
  • 📌 विस्थापन: किसी समुदाय का अपने निवास स्थान से हटाया जाना।

क्या है वामपंथ और क्या है दक्षिणपंथ?

व्याख्या

क्या है वामपंथ और क्या है दक्षिणपंथ?

राजनीति में वामपंथ और दक्षिणपंथ की अवधारणाएँ सामाजिक बदलाव और आर्थिक पुनर्वितरण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। वामपंथी विचारधारा राज्य के आर्थिक नियंत्रण और नियोजन की पक्षधर होती है, जो आर्थिक समानता और सामाजिक न्याय पर जोर देती है। इसके विपरीत, दक्

अभ्यास प्रश्नChapter 3

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.अवधारणा -श्वेत क्रांति श्वेत क्रांति संबंधित है-
A.दूध के उत्पादन से
B.गेहूं के उत्पादन से
C.फलों के उत्पादन से
D.चावल के उत्पादन से

उत्तर:

दूध के उत्पादन से

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Q2.अवधारणा -विकास की धारणाएं उदारवादी मॉडल का समर्थक देश था-
A.भारत
B.चीन
C.अमेरिका
D.रूस

उत्तर:

अमेरिका

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Q3.अवधारणा -हरित क्रांति हरित क्रांति के परिणाम स्वरूप किस चीज के उत्पाद में अत्यधिक वृद्धि हुई -
A.गेहूं
B.चावल
C.ईख
D.दाल

उत्तर:

गेहूं

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Q4.अवधारणा- खाद्य संकट 1965- 1967 बीच देश के अनेक हिस्सों में सूखा पड़ा जिनमें मुख्य राज्य था-
A.गुजरात
B.उत्तर प्रदेश
C.बिहार
D.राजस्थान

उत्तर:

बिहार

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Q5.अवधारणा -मुख्य परिणाम बुनियाद सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग हैं
A.परिवहन क्षेत्र
B.रक्षा उत्पादन
C.सिंचाई परियोजना
D.भारी उद्योग

उत्तर:

रक्षा उत्पादन

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Q6.अवधारणा -निजी क्षेत्र बनाम सार्वजनिक क्षेत्र पूंजीवादी मॉडल में विकास का क्षेत्र-
A.ग्रामीण क्षेत्र
B.शहरी क्षेत्र
C.निजी क्षेत्र
D.सार्वजनिक क्षेत्र

उत्तर:

निजी क्षेत्र

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Q7.अवधारणा- औद्योगिकरण की तेज रफ्तार दूसरी पंचवर्षीय योजना के प्रमुख
A.जवाहरलाल नेहरू
B.पी सी महालनोविस
C.जी डी बिरला
D.के एन राज

उत्तर:

पी सी महालनोविस

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Q8.अवधारणा प्रथम पंचवर्षीय योजना प्रथम पंचवर्षीय योजना का मुख्य क्षेत्र
A.तकनीकी क्षेत्र
B.औद्योगिक क्षेत्र
C.कृषि क्षेत्र
D.वन क्षेत्र

उत्तर:

कृषि क्षेत्र

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