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Chapter 19

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of India (1200-1740 AD) (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 18अध्याय 19 / 20Chapter 20

Chapter 19अध्ययन नोट्स

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परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अध्याय का आरंभ मराठा शक्ति के उदय और उसके विस्तार की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से होता है। 17वीं शताब्दी के मध्य में महाराष्ट्र क्षेत्र में शिवाजी के नेतृत्व में मराठा शक्ति का अभूतपूर्व विकास हुआ। शिवाजी ने न केवल स्थानीय प्रशासन और सेना का पुनर्गठन किया, बल्कि मुगलों और अन्य विदेशी शासकों के विरुद्ध मराठा स्वतंत्रता की नींव रखी। इस परिचय में मराठा समाज की संरचना, राजनीतिक परिस्थितियाँ, और शिवाजी के उदय से पूर्व की स्थिति का विश्लेषण किया गया है।

  • मराठा शक्ति का उदय 17वीं शताब्दी में हुआ।
  • शिवाजी ने मराठा समाज को संगठित किया।
  • मुगल सत्ता के विरुद्ध मराठा संघर्ष की शुरुआत।
  • शिवाजी के पूर्व महाराष्ट्र में राजनीतिक अस्थिरता थी।
  • मराठा शक्ति का विस्तार दक्षिण भारत तक हुआ।
  • 📌 मराठा शक्ति: महाराष्ट्र क्षेत्र में विकसित एक प्रमुख राजनीतिक और सैन्य शक्ति।
  • 📌 शिवाजी: मराठा शक्ति के संस्थापक और महान शासक।

शिवाजी का जीवन और प्रारंभिक संघर्ष

व्याख्या

शिवाजी का जीवन और प्रारंभिक संघर्ष

शिवाजी का जन्म 1630 ई. में शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। उनके पिता शाहजी भोसले बीजापुर के अधीन थे। शिवाजी की माता जीजाबाई ने उन्हें धार्मिक और वीरता की शिक्षा दी। शिवाजी ने बचपन से ही स्वतंत्रता और स्वाभिमान की भावना को अपनाया। उन्होंने 1645 ई. में स्वराज्य की स्थापना का संकल्प लिया। प्रारंभिक संघर्षों में शिवाजी ने तोरणा, रायगढ़, और पुरंदर जैसे किलों पर अधिकार किया। बीजापुर और मुगलों के खिलाफ उनकी नीति चतुराई और साहस से भरी थी।

  • शिवाजी का जन्म 1630 ई. में हुआ।
  • शिवाजी ने स्वराज्य की स्थापना का संकल्प लिया।
  • प्रारंभिक संघर्षों में कई किलों पर अधिकार किया।
  • शिवाजी की माता जीजाबाई का महत्वपूर्ण योगदान।
  • बीजापुर और मुगलों के विरुद्ध रणनीति अपनाई।
  • 📌 स्वराज्य: स्वशासन की अवधारणा, जिसे शिवाजी ने अपनाया।
  • 📌 अफजल खान: बीजापुर का सेनापति, जिसे शिवाजी ने पराजित किया।

शिवाजी का प्रशासन

व्याख्या

शिवाजी का प्रशासन

शिवाजी ने अपने राज्य में एक संगठित प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की। उन्होंने आठ मंत्रियों की परिषद 'अष्टप्रधान' बनाई, जिसमें प्रत्येक मंत्री का विशिष्ट कार्य था। शिवाजी ने भूमि राजस्व प्रणाली को सुधारते हुए किसानों को संरक्षण दिया। न्याय व्यवस्था को सु