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Chapter 6

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of India (1200-1740 AD) (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 5अध्याय 6 / 20Chapter 7

Chapter 6अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस खंड में फिरोजशाह तुगलक के शासनकाल (1351-1388 ई.) की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उनके शासन में आए बदलावों और तत्कालीन भारतीय समाज की स्थिति का परिचय दिया गया है। फिरोजशाह तुगलक तुगलक वंश के एक महत्वपूर्ण सुल्तान थे, जिन्होंने अपने शासनकाल में प्रशासनिक, आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों में अनेक सुधार किए। उनके शासन का काल दिल्ली सल्तनत के मध्यकालीन इतिहास में एक संक्रमण काल के रूप में देखा जाता है। इस काल में तैमूर के आक्रमण से पूर्व सल्तनत की शक्ति और सीमाओं में कई बदलाव आए। फिरोजशाह के शासन की विशेषता थी – धार्मिक नीति में रूढ़िवादिता, प्रशासनिक सुधार, सिंचाई व्यवस्था का विकास, और जनता के कल्याण हेतु योजनाएँ।

  • फिरोजशाह तुगलक का शासनकाल 1351-1388 ई. तक रहा।
  • उन्होंने प्रशासनिक, आर्थिक और धार्मिक क्षेत्रों में कई सुधार किए।
  • उनका शासन सल्तनत के मध्यकालीन इतिहास में संक्रमण काल माना जाता है।
  • फिरोजशाह ने सिंचाई, कृषि, और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए।
  • उनकी धार्मिक नीति रूढ़िवादी थी, जिससे गैर-मुस्लिमों पर दबाव बढ़ा।
  • उनके शासन के अंत में सल्तनत की शक्ति कमजोर हुई।
  • 📌 सल्तनत – मुस्लिम शासकों द्वारा स्थापित शासन व्यवस्था।
  • 📌 रूढ़िवादिता – परंपराओं और धार्मिक नियमों का कठोर पालन।

फिरोजशाह तुगलक का प्रारंभिक जीवन और गद्दी पर बैठना

व्याख्या

फिरोजशाह तुगलक का प्रारंभिक जीवन और गद्दी पर बैठना

फिरोजशाह तुगलक का जन्म 1309 ई. में हुआ था। वे गयासुद्दीन तुगलक के परिवार से संबंधित थे और मुहम्मद बिन तुगलक के चचेरे भाई थे। मुहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु के बाद, सल्तनत में सत्ता का संकट उत्पन्न हुआ। अमीरों और सरदारों की सहमति से फिरोजशाह को 1351 ई. में दिल्ली के सिंहासन पर बैठाया गया। गद्दी पर बैठने के बाद, उन्होंने अपने शासन को स्थिर करने के लिए कई कदम उठाए। उन्होंने अपने शासन की वैधता के लिए धार्मिक नेताओं और अमीरों का समर्थन प्राप्त किया। प्रारंभिक वर्षों में, फिरोजशाह ने सल्तनत के बिखरे हुए क्षेत्रों को एकत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन सीमाओं की रक्षा में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

  • फिरोजशाह तुगलक का जन्म 1309 ई. में हुआ।
  • वे मुहम्मद बिन तुगलक के चचेरे भाई थे।
  • 1351 ई. में अमीरों की सहमति से सुल्तान बने।
  • गद्दी पर बैठने के बाद शासन को स्थिर करने के प्रयास किए।
  • धार्मिक नेताओं और अमीरों का समर्थन प्राप्त किया।
  • सीमाओं की रक्षा में कठिनाइयाँ आईं।
  • 📌 अमीर – सल्तनत के उच्च अधिकारी और सरदार।
  • 📌 वैधता – शासन के अधिकार की सामाजिक और धार्मिक स्वीकृति।

प्रशासनिक सुधार

व्याख्या

प्रशासनिक सुधार

फिरोजशाह तुगलक ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए। उन्होंने कर प्रणाली को सरल और न्यायसंगत बनाया। भूमि राजस्व वसूली के लिए 'इक्ता' प्रणाली को पुनः व्यवस्थित किया गया। उन्होंने 'दीवान-ए-खैरात' (दान विभाग) की स्थापना की