Chapter 5
Chapter 5 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
परिचय
व्याख्यापरिचय
इस अनुभाग में मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल (1325-1351 ई.) की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके व्यक्तित्व, शासन की विशेषताओं तथा तत्कालीन सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों का परिचय दिया गया है। मुहम्मद बिन तुगलक दिल्ली सल्तनत के तुगलक वंश का दूसरा शासक था, जिसे उसकी असाधारण योजनाओं, प्रशासनिक प्रयोगों और विवादास्पद निर्णयों के लिए जाना जाता है। उसके शासनकाल में सल्तनत का विस्तार अपने चरम पर था, लेकिन उसकी नीतियों के कारण कई विद्रोह और असंतोष भी उत्पन्न हुए। इस खंड में यह भी बताया गया है कि किस प्रकार उसके निर्णयों ने भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ दिया।
- मुहम्मद बिन तुगलक का शासनकाल 1325-1351 ई. तक रहा।
- वह गयासुद्दीन तुगलक का पुत्र था।
- उसकी नीतियाँ अत्यंत महत्वाकांक्षी थीं, परंतु व्यवहारिकता की कमी थी।
- उसके शासन में सल्तनत का क्षेत्रफल सर्वाधिक था।
- उसकी असफलताओं ने सल्तनत की नींव कमजोर की।
- उसके प्रयोगों ने प्रशासनिक इतिहास में विशेष स्थान पाया।
- 📌 सल्तनत: मुस्लिम शासकों का शासनकाल
- 📌 तुगलक वंश: दिल्ली सल्तनत का तीसरा वंश
मुहम्मद बिन तुगलक का व्यक्तित्व एवं शासन की विशेषताएँ
अवधारणामुहम्मद बिन तुगलक का व्यक्तित्व एवं शासन की विशेषताएँ
इस खंड में मुहम्मद बिन तुगलक के व्यक्तित्व, उसकी शिक्षा, धार्मिक दृष्टिकोण, प्रशासनिक योग्यता और उसकी नीतियों की विशेषताओं का विश्लेषण किया गया है। वह विद्वान, बहुभाषाविद्, तर्कशील और नवाचारप्रिय शासक था। उसकी सोच में दूरदर्शिता थी, किंतु व्यवहारिकता की कमी के कारण उसके कई प्रयोग असफल रहे। वह न्यायप्रिय था, परंतु कठोर दंड देने में भी संकोच नहीं करता था। उसके शासन की प्रमुख विशेषताएँ थीं—प्रशासनिक केंद्रीकरण, धार्मिक सहिष्णुता, नवीन प्रयोगों के प्रति झुकाव, और कर व्यवस्था में सुधार की कोशिशें।
- मुहम्मद बिन तुगलक अत्यंत शिक्षित और तर्कशील शासक था।
- उसने प्रशासनिक केंद्रीकरण का प्रयास किया।
- वह धार्मिक दृष्टि से सहिष्णु था।
- उसकी योजनाएँ दूरदर्शी थीं, परंतु व्यवहारिकता की कमी थी।
- उसने न्यायप्रियता का प्रदर्शन किया, परंतु कठोर दंड भी दिए।
- उसकी असफलताएँ प्रशासनिक कमजोरी का कारण बनीं।
- 📌 केंद्रीकरण: सत्ता का एक ही स्थान पर संकेन्द्रित होना
- 📌 धार्मिक सहिष्णुता: विभिन्न धर्मों के प्रति सहनशीलता
राजधानी का स्थानांतरण (दिल्ली से दौलताबाद)
व्याख्याराजधानी का स्थानांतरण (दिल्ली से दौलताबाद)
मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल का सबसे चर्चित प्रयोग था राजधानी का स्थानांतरण। 1327 ई. में उसने दिल्ली से दौलताबाद (महाराष्ट्र) राजधानी स्थानांतरित करने का आदेश दिया। इसका उद्देश्य सल्तनत के दक्षिणी भागों पर नियंत्रण मजबूत करना, साम्राज्य के केंद्र को
SLM - History of India (1200-1740 AD) (Hindi) के सभी 20 अध्याय
History of India (1200-1740 AD) · Vardhman Mahaveer Open University
5 और अध्याय — सभी देखें →