Chapter 10
Chapter 10 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
10.1 बाबर का उदय और भारत में प्रवेश
व्याख्या10.1 बाबर का उदय और भारत में प्रवेश
इस अनुभाग में बाबर के उदय और भारत में प्रवेश की घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। बाबर का जन्म 1483 ई. में फरगाना (वर्तमान उज़्बेकिस्तान) में हुआ था। वह तैमूर और चंगेज़ खान की वंशावली से था, जिससे उसे एक महान योद्धा और शासक बनने की प्रेरणा मिली। बाबर को अपने राज्य फरगाना में राजनीतिक अस्थिरता और पड़ोसी राज्यों से खतरे का सामना करना पड़ा। उसने कई बार समरकंद पर अधिकार करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंततः बाबर ने अपनी दृष्टि भारत की ओर मोड़ी। भारत में उस समय दिल्ली सल्तनत कमजोर थी और लोधी वंश के इब्राहीम लोधी के शासन में असंतोष था। बाबर को पंजाब के शासक दौलत खान लोधी और अलमास खां ने भारत आने का निमंत्रण दिया। बाबर ने 1526 ई. में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहीम लोधी को हराकर दिल्ली और आगरा पर अधिकार कर लिया।
- बाबर का जन्म 1483 ई. में फरगाना में हुआ था।
- बाबर तैमूर और चंगेज़ खान की वंशावली से था।
- फरगाना में राजनीतिक अस्थिरता के कारण बाबर ने भारत की ओर ध्यान दिया।
- पंजाब के शासक दौलत खान लोधी ने बाबर को भारत आने का निमंत्रण दिया।
- 1526 ई. में पानीपत की पहली लड़ाई में बाबर ने इब्राहीम लोधी को हराया।
- बाबर ने दिल्ली और आगरा पर अधिकार कर मुगल साम्राज्य की नींव रखी।
- 📌 फरगाना: मध्य एशिया का एक क्षेत्र, बाबर का जन्मस्थान।
- 📌 पानीपत की पहली लड़ाई: 1526 ई. में बाबर और इब्राहीम लोधी के बीच लड़ी गई निर्णायक युद्ध।
10.2 पानीपत की पहली लड़ाई और मुगल साम्राज्य की स्थापना
व्याख्या10.2 पानीपत की पहली लड़ाई और मुगल साम्राज्य की स्थापना
पानीपत की पहली लड़ाई 21 अप्रैल 1526 को बाबर और इब्राहीम लोधी के बीच लड़ी गई थी। यह युद्ध भारतीय इतिहास में एक निर्णायक मोड़ था। बाबर की सेना में लगभग 12,000 सैनिक थे, जबकि इब्राहीम लोधी के पास लगभग 1,00,000 सैनिक थे। बाबर ने युद्ध में तोपों (गन पाउडर) का प्रयोग किया, जो भारतीय सेना के लिए नया था। बाबर ने तुर्की युद्ध प्रणाली 'तुलुगमा' और 'अरबा' का प्रयोग किया, जिससे उसकी सेना को रणनीतिक लाभ मिला। इब्राहीम लोधी की सेना भारी संख्या में थी, लेकिन उसमें अनुशासन और नेतृत्व की कमी थी। बाबर की रणनीति और तोपों के प्रयोग से इब्राहीम लोधी की सेना पर भारी नुकसान हुआ और इब्राहीम लोधी मारा गया। इस युद्ध के बाद बाबर ने दिल्ली और आगरा पर अधिकार कर मुगल साम्राज्य की नींव रखी।
- पानीपत की पहली लड़ाई 1526 ई. में बाबर और इब्राहीम लोधी के बीच हुई।
- बाबर ने युद्ध में तोपों और तुर्की युद्ध प्रणाली का प्रयोग किया।
- इब्राहीम लोधी की सेना संख्या में अधिक थी, लेकिन नेतृत्व कमजोर था।
- बाबर की रणनीति से इब्राहीम लोधी की सेना पर भारी नुकसान हुआ।
- इब्राहीम लोधी की मृत्यु के बाद बाबर ने दिल्ली और आगरा पर अधिकार किया।
- इस युद्ध के बाद भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना हुई।
- 📌 तुलुगमा: तुर्की युद्ध प्रणाली जिसमें सेना को छोटे समूहों में बाँटा जाता है।
- 📌 अरबा: युद्ध में रक्षा के लिए प्रयोग होने वाली गाड़ियों की पंक्ति।
10.3 बाबर के प्रशासनिक सुधार और चुनौतियाँ
व्याख्या10.3 बाबर के प्रशासनिक सुधार और चुनौतियाँ
पानीपत की विजय के बाद बाबर ने दिल्ली और आगरा में शासन स्थापित किया। बाबर को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे अफगान सरदारों का विरोध, राजपूतों की शक्ति, और स्थानीय असंतोष। बाबर ने प्रशासनिक सुधारों के तहत भूमि व्यवस्था, कर संग्रहण, और न्याय प्रणा
SLM - History of India (1200-1740 AD) (Hindi) के सभी 20 अध्याय
History of India (1200-1740 AD) · Vardhman Mahaveer Open University
5 और अध्याय — सभी देखें →