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Chapter 18

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Corporate Accounting (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 17अध्याय 19 / 19

Chapter 18अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

समापन की स्थिति में कंपनी के खातों का परिचय

व्याख्या

समापन की स्थिति में कंपनी के खातों का परिचय

इस अनुभाग में कंपनी के समापन (liquidation) की स्थिति में खातों के महत्व और प्रक्रिया का परिचय दिया गया है। जब कोई कंपनी अपने व्यापार को बंद करने का निर्णय लेती है या उसे कानूनन बंद करना पड़ता है, तो उसे अपने सभी खातों का समुचित समापन करना आवश्यक होता है। समापन की प्रक्रिया में कंपनी की संपत्तियों को बेचना, देनदारियों का भुगतान करना और शेष राशि को शेयरधारकों में बाँटना शामिल है। इस प्रक्रिया को विधिवत रूप से पूरा करने के लिए समापन के विशेष खाते बनाए जाते हैं, जैसे कि परिसमापन खाता (Liquidator’s Account), ऋणदाताओं का खाता, और शेयरधारकों का खाता। समापन की प्रक्रिया में कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। इस अध्याय में आप जानेंगे कि समापन की प्रक्रिया के दौरान खातों को कैसे व्यवस्थित किया जाता है, कौन-कौन से खाते बनाए जाते हैं, और उनकी प्रविष्टियाँ किस प्रकार की जाती हैं।

  • कंपनी के समापन की प्रक्रिया में खातों का विशेष महत्व है।
  • संपत्तियों की बिक्री और देनदारियों के भुगतान के लिए विशेष खाते बनाए जाते हैं।
  • शेष राशि का वितरण शेयरधारकों में किया जाता है।
  • समापन के दौरान कंपनी अधिनियम के नियमों का पालन आवश्यक है।
  • प्रत्येक लेन-देन का समुचित लेखांकन आवश्यक है।
  • 📌 समापन (Liquidation): कंपनी के व्यापार को स्थायी रूप से बंद करना।
  • 📌 परिसमापक (Liquidator): वह व्यक्ति जिसे कंपनी के समापन की प्रक्रिया का दायित्व सौंपा जाता है।

परिसमापक की नियुक्ति एवं कर्तव्य

अवधारणा

परिसमापक की नियुक्ति एवं कर्तव्य

कंपनी के समापन की प्रक्रिया में परिसमापक (Liquidator) की नियुक्ति एक महत्वपूर्ण चरण है। परिसमापक का चयन कंपनी के सदस्यों, कर्जदाताओं या न्यायालय द्वारा किया जा सकता है। परिसमापक का मुख्य कर्तव्य कंपनी की संपत्तियों को बेचना, देनदारियों का भुगतान करना और शेष राशि को शेयरधारकों में बाँटना है। परिसमापक को कंपनी के सभी खातों का निरीक्षण करना होता है और समापन के दौरान लेन-देन का रिकॉर्ड रखना होता है। परिसमापक को कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 275 से 277 के अंतर्गत नियुक्त किया जाता है। परिसमापक को समापन के दौरान न्यायालय या रजिस्ट्रार को समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है।

  • परिसमापक की नियुक्ति सदस्यों, कर्जदाताओं या न्यायालय द्वारा होती है।
  • परिसमापक कंपनी की संपत्तियों का नियंत्रण अपने हाथ में लेता है।
  • परिसमापक का कर्तव्य संपत्तियों की बिक्री, देनदारियों का भुगतान और शेष राशि का वितरण है।
  • परिसमापक को समापन के दौरान सभी खातों का रिकॉर्ड रखना होता है।
  • परिसमापक को रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी होती है।
  • 📌 परिसमापक (Liquidator): समापन की प्रक्रिया का प्रभारी व्यक्ति।
  • 📌 समापन रिपोर्ट: परिसमापक द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट।

परिसमापक खाता (Liquidator’s Account)

व्याख्या

परिसमापक खाता (Liquidator’s Account)

परिसमापक खाता कंपनी के समापन के दौरान बनाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण खातों में से एक है। इस खाते में कंपनी की संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि, देनदारियों के भुगतान, समापन व्यय, और शेष राशि का वितरण दर्ज किया जाता है। परिसमापक खाता एक वास्तविक खा