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Chapter 15

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Money, Banking & Public Finance (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Chapter 14अध्याय 14 / 16Chapter 16

Chapter 15अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

15.1 सार्वजनिक व्यय: परिभाषा और महत्व

परिभाषा

15.1 सार्वजनिक व्यय: परिभाषा और महत्व

सार्वजनिक व्यय का अर्थ है सरकार द्वारा विभिन्न कार्यों के लिए किए गए खर्च। इसमें प्रशासन, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, और बुनियादी ढांचे के निर्माण जैसे कार्यों पर खर्च शामिल होता है। सार्वजनिक व्यय का महत्व इस बात में है कि यह आर्थिक विकास, सामाजिक कल्याण, और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण में सहायक होता है। सार्वजनिक व्यय से सरकार आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करती है, बेरोजगारी कम करती है, और सामाजिक असमानता को दूर करती है। यह व्यय देश की आर्थिक नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके माध्यम से सरकार अपने उद्देश्यों को प्राप्त करती है।

  • सार्वजनिक व्यय सरकार द्वारा किए गए खर्च को दर्शाता है।
  • यह आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण में सहायक है।
  • सार्वजनिक व्यय से बेरोजगारी कम होती है।
  • संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित होता है।
  • यह सरकार की आर्थिक नीति का मुख्य उपकरण है।
  • सार्वजनिक व्यय से सामाजिक असमानता में कमी आती है।
  • 📌 सार्वजनिक व्यय: सरकार द्वारा विभिन्न कार्यों के लिए किए गए खर्च।
  • 📌 आर्थिक विकास: देश की आर्थिक स्थिति में सुधार।

15.2 सार्वजनिक व्यय का वर्गीकरण

अवधारणा

15.2 सार्वजनिक व्यय का वर्गीकरण

सार्वजनिक व्यय को विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है। मुख्य रूप से इसे विकासात्मक और गैर-विकासात्मक व्यय में बांटा जाता है। विकासात्मक व्यय वे हैं जो आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण को बढ़ाते हैं, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, और औद्योगिक विकास पर खर्च। गैर-विकासात्मक व्यय वे हैं जो प्रशासन, रक्षा, न्याय, और ऋण भुगतान जैसे कार्यों पर खर्च होते हैं। इसके अलावा, सार्वजनिक व्यय को राजस्व व्यय और पूंजी व्यय में भी विभाजित किया जाता है। राजस्व व्यय में वे खर्च आते हैं जो नियमित संचालन के लिए होते हैं, जबकि पूंजी व्यय में वे खर्च आते हैं जो संपत्ति निर्माण या दीर्घकालिक निवेश के लिए होते हैं।

  • सार्वजनिक व्यय का वर्गीकरण विकासात्मक और गैर-विकासात्मक आधार पर होता है।
  • राजस्व व्यय नियमित संचालन के लिए होता है।
  • पूंजी व्यय संपत्ति निर्माण या निवेश के लिए होता है।
  • विकासात्मक व्यय आर्थिक विकास को बढ़ाता है।
  • गैर-विकासात्मक व्यय प्रशासन और रक्षा पर खर्च होता है।
  • वर्गीकरण से व्यय की प्रकृति और उद्देश्य स्पष्ट होते हैं।
  • 📌 विकासात्मक व्यय: आर्थिक विकास और कल्याण को बढ़ाने वाला खर्च।
  • 📌 गैर-विकासात्मक व्यय: प्रशासन, रक्षा आदि पर खर्च।
  • 📌 राजस्व व्यय: नियमित संचालन के लिए खर्च।

15.3 सार्वजनिक व्यय के नियम

व्याख्या

15.3 सार्वजनिक व्यय के नियम

सार्वजनिक व्यय के नियम सरकार द्वारा व्यय करने के तरीके और सीमाओं को निर्धारित करते हैं। ये नियम सुनिश्चित करते हैं कि व्यय उचित, पारदर्शी और प्रभावी हो। मुख्य नियमों में अर्थव्यवस्था का सिद्धांत, दक्षता का सिद्धांत, और न्याय का सिद्धांत शामिल हैं। अर