Chapter 13
Chapter 13 — अध्ययन नोट्स
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13.1 सार्वजनिक आय की अवधारणा
अवधारणा13.1 सार्वजनिक आय की अवधारणा
सार्वजनिक आय (Public Revenue) वह आय है जो सरकार विभिन्न स्रोतों से प्राप्त करती है ताकि वह अपने कार्यों का संचालन कर सके। इसमें कर, शुल्क, लाभांश, ब्याज, सार्वजनिक उपक्रमों की आय, दंड आदि शामिल होते हैं। सार्वजनिक आय का मुख्य उद्देश्य सरकार की आवश्यकताओं की पूर्ति करना, सार्वजनिक सेवाओं का विस्तार करना तथा आर्थिक और सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करना है। सार्वजनिक आय के दो प्रमुख स्रोत होते हैं: कर राजस्व (Tax Revenue) और गैर-कर राजस्व (Non-Tax Revenue)। कर राजस्व में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर शामिल होते हैं, जबकि गैर-कर राजस्व में सरकारी संपत्ति से प्राप्त आय, शुल्क, लाभांश, दंड आदि आते हैं। सार्वजनिक आय का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसके माध्यम से सरकार समाज में न्याय, समानता और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित कर सकती है।
- सार्वजनिक आय सरकार द्वारा विभिन्न स्रोतों से प्राप्त की जाती है।
- इसका उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं व विकास कार्यों के लिए धन जुटाना है।
- मुख्य स्रोत: कर राजस्व और गैर-कर राजस्व।
- सार्वजनिक आय से सरकार सामाजिक न्याय और आर्थिक स्थिरता लाती है।
- यह देश की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने में सहायक है।
- 📌 सार्वजनिक आय: सरकार द्वारा विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कुल आय।
- 📌 कर राजस्व: सरकार द्वारा करों के माध्यम से प्राप्त आय।
- 📌 गैर-कर राजस्व: करों के अतिरिक्त अन्य स्रोतों से प्राप्त आय।
13.2 कर की परिभाषा एवं विशेषताएँ
परिभाषा13.2 कर की परिभाषा एवं विशेषताएँ
कर (Tax) वह अनिवार्य भुगतान है, जिसे सरकार नागरिकों और संस्थाओं से बिना प्रत्यक्ष प्रतिफल के वसूलती है। कर का उद्देश्य सरकारी व्यय के लिए धन एकत्र करना है। कर की प्रमुख विशेषताएँ हैं: (1) अनिवार्यता – कर का भुगतान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है, (2) प्रतिफल का अभाव – करदाता को सीधे कोई सेवा या वस्तु नहीं मिलती, (3) सरकार द्वारा लगाया जाना – केवल सरकार को कर लगाने का अधिकार है, (4) सार्वजनिक हित में उपयोग – कर से प्राप्त धन का उपयोग समाज के कल्याण के लिए किया जाता है। कर दो प्रकार के होते हैं: प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) और अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax)। प्रत्यक्ष कर वह है, जिसका बोझ भुगतानकर्ता पर ही रहता है, जैसे आयकर। अप्रत्यक्ष कर वह है, जिसका बोझ उपभोक्ता पर स्थानांतरित हो जाता है, जैसे वस्तु एवं सेवा कर (GST)।
- कर एक अनिवार्य भुगतान है, जिसका प्रत्यक्ष प्रतिफल नहीं मिलता।
- केवल सरकार को कर लगाने का अधिकार है।
- कर दो प्रकार के होते हैं: प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष।
- कर से प्राप्त धन का उपयोग सार्वजनिक सेवाओं में होता है।
- कर का उद्देश्य आर्थिक असमानता को कम करना भी है।
- 📌 कर: सरकार द्वारा अनिवार्य रूप से वसूला गया भुगतान।
- 📌 प्रत्यक्ष कर: जिसका बोझ भुगतानकर्ता पर ही रहता है।
- 📌 अप्रत्यक्ष कर: जिसका बोझ उपभोक्ता पर स्थानांतरित होता है।
13.3 कर के प्रकार
व्याख्या13.3 कर के प्रकार
कर के प्रकार दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किए जाते हैं: प्रत्यक्ष कर (Direct Taxes) और अप्रत्यक्ष कर (Indirect Taxes)। प्रत्यक्ष कर वे हैं, जिनका बोझ जिस पर लगाया गया है, उसी पर रहता है। उदाहरण: आयकर, संपत्ति कर, निगम कर। अप्रत्यक्ष कर वे हैं, जिन
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Money, Banking & Public Finance · Vardhman Mahaveer Open University
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