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Chapter 12

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Calculas and Differential Equations (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 11अध्याय 11 / 13Chapter 15

Chapter 12अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

12.1 परिचय

व्याख्या

12.1 परिचय

इस अनुभाग में परिवर्ती ठोस (Variable Solid) के आयतन एवं पृष्ठ की अवधारणा का परिचय दिया गया है। गणित में, जब किसी ठोस का आकार या उसका विस्तार किसी चर (variable) के अनुसार बदलता है, तो उसके आयतन (Volume) और पृष्ठ (Surface) के निर्धारण के लिए कलन (Calculus) के सिद्धांतों का प्रयोग किया जाता है। इस अध्याय में हम जानेंगे कि किस प्रकार से घूर्णन, क्रांति, या अन्य विधियों से उत्पन्न ठोसों के आयतन एवं पृष्ठ क्षेत्रफल की गणना की जाती है। साथ ही, इस अध्याय में डिफरेंशियल समीकरणों का भी उपयोग किया गया है, जिससे जटिल ठोसों के आयतन एवं पृष्ठ क्षेत्रफल की गणना संभव होती है।

  • परिवर्ती ठोस का अर्थ है – ऐसा ठोस जिसका आकार या विस्तार किसी चर के अनुसार बदलता है।
  • आयतन और पृष्ठ क्षेत्रफल की गणना के लिए कलन के सिद्धांतों का प्रयोग किया जाता है।
  • डिफरेंशियल समीकरणों की सहायता से जटिल ठोसों के आयतन एवं पृष्ठ क्षेत्रफल की गणना संभव होती है।
  • इस अध्याय में क्रांति ठोसों (Solids of Revolution) पर विशेष ध्यान दिया गया है।
  • NCERT की यह इकाई गणित के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने में सहायक है।
  • 📌 परिवर्ती ठोस: ऐसा ठोस जिसका आकार या विस्तार किसी चर के अनुसार बदलता है।
  • 📌 आयतन: किसी ठोस द्वारा घेरे गए स्थान का माप।
  • 📌 पृष्ठ क्षेत्रफल: किसी ठोस के बाहरी सतह का कुल क्षेत्रफल।

12.2 क्रांति ठोस (Solids of Revolution)

अवधारणा

12.2 क्रांति ठोस (Solids of Revolution)

क्रांति ठोस वे ठोस होते हैं, जो किसी वक्र को किसी रेखा (आमतौर पर x-अक्ष या y-अक्ष) के चारों ओर घुमाने से बनते हैं। इस प्रक्रिया में वक्र की प्रत्येक बिंदु से एक वृत्त बनता है, और इन वृत्तों के एकत्रीकरण से ठोस का निर्माण होता है। क्रांति ठोसों के उदाहरणों में बेलन, शंकु, गोला आदि आते हैं। इस अनुभाग में, क्रांति ठोसों की परिभाषा, निर्माण की विधि, और उनके आयतन एवं पृष्ठ क्षेत्रफल की गणना के सिद्धांतों की चर्चा की गई है।

  • क्रांति ठोस किसी वक्र को किसी रेखा के चारों ओर घुमाने से बनते हैं।
  • x-अक्ष या y-अक्ष के चारों ओर घुमाव सबसे सामान्य है।
  • प्रत्येक बिंदु से बनने वाले वृत्तों का एकत्रीकरण ठोस बनाता है।
  • क्रांति ठोसों के आयतन की गणना के लिए इंटीग्रल का प्रयोग किया जाता है।
  • क्रांति ठोस के पृष्ठ क्षेत्रफल की गणना भी इंटीग्रल से होती है।
  • 📌 क्रांति ठोस: वक्र को किसी रेखा के चारों ओर घुमाने से बना ठोस।
  • 📌 इंटीग्रल: किसी फलन के क्षेत्रफल या आयतन की गणना का गणितीय साधन।

12.3 क्रांति ठोस का आयतन

सूत्र

12.3 क्रांति ठोस का आयतन

क्रांति ठोस का आयतन निकालने के लिए इंटीग्रेशन का प्रयोग किया जाता है। जब कोई वक्र y = f(x), x = a से x = b तक, x-अक्ष के चारों ओर घुमाया जाता है, तो प्रत्येक छोटे खंड dx की मोटाई का एक वृत्ताकार डिस्क बनता है, जिसका त्रिज्या f(x) और मोटाई dx होती है।