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Chapter 11

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Calculas and Differential Equations (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट
Chapter 10अध्याय 10 / 13Chapter 12

Chapter 11अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

11.1 परिचय

व्याख्या

11.1 परिचय

इस अनुभाग में समतल वक्र की लम्बाई (चापकलन) की अवधारणा का परिचय दिया गया है। गणित में वक्र की लम्बाई ज्ञात करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे हम विभिन्न ज्यामितीय एवं भौतिक समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। समतल वक्र वह वक्र है, जो समतल में स्थित होता है। चापकलन का अर्थ है – वक्र के किसी भाग (चाप) की लम्बाई ज्ञात करना। प्रारंभ में, सरल रेखा की लम्बाई ज्ञात करना आसान होता है, परंतु वक्र की लम्बाई ज्ञात करने के लिए हमें अवकलन और समाकलन का प्रयोग करना पड़ता है। इस अध्याय में, हम सीखेंगे कि समतल वक्र की लम्बाई किस प्रकार ज्ञात की जाती है, तथा इसके लिए किन-किन सूत्रों और विधियों का प्रयोग किया जाता है।

  • समतल वक्र की लम्बाई ज्ञात करना गणित की एक महत्वपूर्ण समस्या है।
  • वक्र की लम्बाई ज्ञात करने के लिए समाकलन का प्रयोग किया जाता है।
  • चापकलन का अर्थ है – वक्र के किसी भाग की लम्बाई ज्ञात करना।
  • वक्र की लम्बाई ज्ञात करने के लिए वक्र को छोटे-छोटे रेखाखंडों में विभाजित किया जाता है।
  • वक्र की लम्बाई का सूत्र वक्र के समीकरण पर निर्भर करता है।
  • समतल वक्र की लम्बाई के सूत्र को इस अध्याय में विस्तार से समझाया गया है।
  • 📌 समतल वक्र: वह वक्र जो समतल में स्थित हो।
  • 📌 चापकलन: वक्र के किसी भाग (चाप) की लम्बाई ज्ञात करने की प्रक्रिया।

11.2 वक्र की लम्बाई का सूत्र

सूत्र

11.2 वक्र की लम्बाई का सूत्र

इस अनुभाग में समतल वक्र की लम्बाई ज्ञात करने के लिए आवश्यक सूत्र का विकास किया गया है। यदि कोई वक्र y = f(x) के रूप में x-अक्ष के साथ दिया गया है, तो उसकी लम्बाई ज्ञात करने के लिए वक्र को छोटे-छोटे खंडों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक छोटे खंड की लम्बाई √(dx² + dy²) होती है। अतः, वक्र की कुल लम्बाई निम्नलिखित समाकलन द्वारा प्राप्त की जाती है: L = ∫ₐᵇ √(1 + (dy/dx)²) dx यह सूत्र तभी लागू होता है, जब वक्र x के सापेक्ष y का फलन हो। यदि वक्र x = f(y) के रूप में दिया गया हो, तो सूत्र निम्न प्रकार होगा: L = ∫_c^d √(1 + (dx/dy)²) dy यदि वक्र पैरामीट्रिक रूप में x = f(t), y = g(t), t₁ ≤ t ≤ t₂ के रूप में हो, तो लम्बाई का सूत्र है: L = ∫_{t₁}^{t₂} √((dx/dt)² + (dy/dt)²) dt इन सूत्रों का प्रयोग करके किसी भी समतल वक्र की लम्बाई ज्ञात की जा सकती है।

  • वक्र की लम्बाई ज्ञात करने के लिए समाकलन का प्रयोग किया जाता है।
  • y = f(x) के लिए लम्बाई का सूत्र: L = ∫ₐᵇ √(1 + (dy/dx)²) dx
  • x = f(y) के लिए लम्बाई का सूत्र: L = ∫_c^d √(1 + (dx/dy)²) dy
  • पैरामीट्रिक रूप के लिए: L = ∫_{t₁}^{t₂} √((dx/dt)² + (dy/dt)²) dt
  • सूत्र का चयन वक्र के समीकरण के रूप पर निर्भर करता है।
  • सूत्र का विकास पायथागोरस प्रमेय पर आधारित है।
  • 📌 समाकलन: किसी फलन के क्षेत्रफल या लम्बाई की गणना की प्रक्रिया।
  • 📌 पैरामीट्रिक रूप: जब x और y दोनों किसी तीसरे चर (जैसे t) के फलन हों।

11.3 वक्र की लम्बाई – y = f(x) के रूप में

अवधारणा

11.3 वक्र की लम्बाई – y = f(x) के रूप में

इस अनुभाग में वक्र की लम्बाई ज्ञात करने की विधि को विस्तार से समझाया गया है, जब वक्र y = f(x) के रूप में दिया गया हो। वक्र के दो बिंदुओं A(x₁, y₁) और B(x₂, y₂) के बीच की लम्बाई ज्ञात करने के लिए वक्र को n छोटे-छोटे खंडों में विभाजित किया जाता है। प्र