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A total System Approach: The system approach is one that integrates all the variables affecting

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Organizational Behaviour (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
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A total System Approach: The system approach is one that integrates all the variables affectingअध्ययन नोट्स

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परिचय: प्रणाली दृष्टिकोण की आवश्यकता

व्याख्या

परिचय: प्रणाली दृष्टिकोण की आवश्यकता

इस अनुभाग में प्रणाली दृष्टिकोण (System Approach) की आवश्यकता और महत्व को विस्तार से समझाया गया है। संगठनात्मक व्यवहार के अध्ययन में पारंपरिक दृष्टिकोणों की सीमाओं को रेखांकित करते हुए बताया गया है कि क्यों एक समग्र, एकीकृत प्रणाली की आवश्यकता महसूस हुई। पारंपरिक दृष्टिकोण जैसे कि शास्त्रीय, व्यवहारवादी, और मात्रात्मक दृष्टिकोण, संगठन के विभिन्न भागों को पृथक-पृथक रूप में देखते थे। लेकिन वास्तविकता में संगठन एक जटिल, गतिशील और अंतर्संबंधित इकाई है, जिसमें कई चर (variables) एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। प्रणाली दृष्टिकोण संगठन को एक खुली प्रणाली (Open System) के रूप में देखता है, जो अपने पर्यावरण से निरंतर इनपुट लेता है, उन्हें प्रक्रिया करता है और आउटपुट के रूप में परिणाम देता है। इस दृष्टिकोण के अनुसार, संगठन के सभी अंग—लोग, संरचना, तकनीक, कार्यप्रणाली—आपस में जुड़े होते हैं और किसी एक में परिवर्तन का प्रभाव अन्य सभी पर पड़ता है।

  • प्रणाली दृष्टिकोण संगठन को एक समग्र इकाई के रूप में देखता है।
  • संगठन के सभी भाग आपस में अंतर्संबंधित होते हैं।
  • पारंपरिक दृष्टिकोणों की सीमाएँ प्रणाली दृष्टिकोण की आवश्यकता को दर्शाती हैं।
  • संगठन एक खुली प्रणाली है, जो पर्यावरण से प्रभावित होता है।
  • इनपुट, प्रक्रिया और आउटपुट के माध्यम से संगठन कार्य करता है।
  • परिवर्तनशील पर्यावरण के अनुसार संगठन को अनुकूलन करना पड़ता है।
  • 📌 प्रणाली (System): आपस में जुड़े हुए तत्वों का समूह, जो एक विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए कार्य करता है।
  • 📌 खुली प्रणाली (Open System): ऐसी प्रणाली जो अपने पर्यावरण से निरंतर आदान-प्रदान करती है।

प्रणाली दृष्टिकोण की परिभाषा और विशेषताएँ

परिभाषा

प्रणाली दृष्टिकोण की परिभाषा और विशेषताएँ

प्रणाली दृष्टिकोण को संगठनात्मक व्यवहार में एक नवीन और समग्र दृष्टिकोण के रूप में परिभाषित किया गया है। यह दृष्टिकोण संगठन को एक प्रणाली के रूप में देखता है, जिसमें विभिन्न उप-प्रणालियाँ (Sub-systems) एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। प्रणाली दृष्टिकोण के अनुसार, संगठन के सभी घटक—लोग, संरचना, तकनीक, कार्यप्रणाली—एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। इसकी मुख्य विशेषताएँ हैं: समग्रता (Wholeness), अंतर्संबंध (Interdependence), पर्यावरण से संबंध (Environment Relationship), गतिशीलता (Dynamic Nature), और फीडबैक (Feedback)।

  • प्रणाली दृष्टिकोण संगठन को एक समग्र इकाई मानता है।
  • संगठन के सभी घटक आपस में जुड़े होते हैं।
  • संगठन अपने पर्यावरण से निरंतर प्रभावित होता है।
  • फीडबैक के माध्यम से संगठन अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है।
  • गतिशीलता के कारण संगठन में निरंतर परिवर्तन होते रहते हैं।
  • 📌 उप-प्रणाली (Sub-system): प्रणाली के भीतर कार्यरत छोटी प्रणालियाँ।
  • 📌 फीडबैक (Feedback): आउटपुट का पुनः इनपुट के रूप में प्रयोग, जिससे सुधार संभव हो सके।

संगठनात्मक प्रणाली के घटक

अवधारणा

संगठनात्मक प्रणाली के घटक

इस अनुभाग में संगठनात्मक प्रणाली के मुख्य घटकों का विस्तार से वर्णन किया गया है। संगठनात्मक प्रणाली के चार प्रमुख घटक हैं: (1) लोग (People), (2) संरचना (Structure), (3) तकनीक (Technology), और (4) पर्यावरण (Environment)। ये सभी घटक एक-दूसरे से जुड़े ह

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