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Communication Process: links the organization to its environment and links parts within

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Organizational Behaviour (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

Communication Process: links the organization to its environment and links parts withinअध्ययन नोट्स

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परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अनुभाग में संचार प्रक्रिया की भूमिका और महत्व को विस्तार से समझाया गया है। संचार किसी भी संगठन के लिए अत्यंत आवश्यक प्रक्रिया है, क्योंकि यह संगठन को उसके बाहरी पर्यावरण से जोड़ता है और संगठन के आंतरिक हिस्सों के बीच संबंध स्थापित करता है। संचार के माध्यम से संगठन के सदस्य सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं, जिससे संगठन के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता मिलती है। संचार न केवल सूचना का प्रवाह है, बल्कि यह संगठनात्मक संस्कृति, मूल्यों और दृष्टिकोणों के आदान-प्रदान का भी माध्यम है। संचार के अभाव में संगठन में भ्रम, गलतफहमी और कार्यों में असंगति उत्पन्न हो सकती है।

  • संचार संगठन को बाहरी पर्यावरण से जोड़ता है।
  • संचार संगठन के आंतरिक हिस्सों के बीच समन्वय स्थापित करता है।
  • संचार के बिना संगठन में असमंजस और गलतफहमी बढ़ सकती है।
  • संचार संगठनात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक है।
  • संचार संगठन की संस्कृति और मूल्यों का आदान-प्रदान करता है।
  • 📌 संचार: सूचना, विचारों, भावनाओं का आदान-प्रदान।
  • 📌 संगठन: लोगों का समूह जो किसी विशेष उद्देश्य के लिए कार्य करता है।

संचार की प्रक्रिया

अवधारणा

संचार की प्रक्रिया

संचार की प्रक्रिया में मुख्यतः पाँच तत्व होते हैं: प्रेषक (Sender), संदेश (Message), माध्यम (Medium), प्राप्तकर्ता (Receiver), और प्रतिक्रिया (Feedback)। प्रेषक वह व्यक्ति है जो सूचना भेजता है। संदेश वह सूचना है जिसे प्रेषित किया जाता है। माध्यम वह चैनल है जिसके द्वारा संदेश भेजा जाता है, जैसे मौखिक, लिखित या इलेक्ट्रॉनिक। प्राप्तकर्ता वह व्यक्ति है जो संदेश प्राप्त करता है। प्रतिक्रिया वह उत्तर है जो प्राप्तकर्ता द्वारा प्रेषक को दिया जाता है। संचार की प्रक्रिया में कूटबद्ध (Encoding) और कूटमुक्त (Decoding) करने की प्रक्रिया भी शामिल होती है। कूटबद्ध करना संदेश को उपयुक्त रूप में बदलना है, जबकि कूटमुक्त करना संदेश को समझना है। संचार की प्रक्रिया में शोर (Noise) भी बाधा उत्पन्न कर सकता है, जिससे संदेश का अर्थ बदल सकता है।

  • संचार प्रक्रिया के पाँच मुख्य तत्व होते हैं।
  • कूटबद्ध और कूटमुक्त करना संचार का अभिन्न भाग है।
  • प्रतिक्रिया से संचार की पूर्णता होती है।
  • शोर संचार में बाधा उत्पन्न कर सकता है।
  • प्रत्येक तत्व की भूमिका संचार की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।
  • 📌 प्रेषक: संदेश भेजने वाला व्यक्ति।
  • 📌 संदेश: भेजी गई सूचना।
  • 📌 माध्यम: संदेश भेजने का तरीका।

संचार के प्रकार

परिभाषा

संचार के प्रकार

संचार के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं: औपचारिक संचार और अनौपचारिक संचार। औपचारिक संचार वह है जो संगठन की निर्धारित संरचना के अनुसार होता है, जैसे आदेश, निर्देश, रिपोर्ट आदि। अनौपचारिक संचार वह है जो व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर होता है, जैसे मित्रों के

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