Chapter 1
Chapter 1 — अध्ययन नोट्स
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आजादी के बाद शुरुआत में कांग्रेस का चुनाव चिह्न दो बैलों की जोड़ी था
अवधारणाआजादी के बाद शुरुआत में कांग्रेस का चुनाव चिह्न दो बैलों की जोड़ी था
आजादी के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का चुनाव चिह्न दो बैलों की जोड़ी था। यह चुनाव चिह्न पार्टी की एकता और सामूहिक प्रयासों का प्रतीक था। परंतु समय के साथ कांग्रेस पार्टी के भीतर विभिन्न मतभेद और गुटबंदी उभरने लगी, जिससे पार्टी के भीतर फूट पड़ने लगी। इस कार्टून में दिखाया गया है कि आजादी के 22 वर्ष गुजरने के बाद कांग्रेस किस कदर फूट का शिकार हो गई थी। यह राजनीतिक बदलाव कांग्रेस प्रणाली की चुनौतियों और पुनर्स्थापना की कहानी का आरंभिक बिंदु है। इस अध्याय में हम कांग्रेस प्रणाली के उद्भव, उसके प्रभुत्व को चुनौती देने वाले विपक्षी दलों, और इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की पुनःस्थापना की प्रक्रिया को समझेंगे।
- आजादी के बाद कांग्रेस का चुनाव चिह्न दो बैलों की जोड़ी था।
- समय के साथ कांग्रेस के भीतर मतभेद और गुटबंदी बढ़ी।
- 1960 के दशक में कांग्रेस प्रणाली को पहली बार चुनौती मिली।
- विपक्ष पहले से अधिक संगठित और ताकतवर हुआ।
- अंदरूनी चुनौतियों ने कांग्रेस के प्रभुत्व को कमजोर किया।
- इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने पुनः प्रभुत्व स्थापित किया।
- 📌 कांग्रेस प्रणाली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रभुत्व वाली राजनीतिक व्यवस्था।
- 📌 चुनाव चिह्न: राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव में उपयोग किया जाने वाला प्रतीक।
राजनीतिक उत्तराधिकार की चुनौती
व्याख्याराजनीतिक उत्तराधिकार की चुनौती
1964 में जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद भारत में राजनीतिक उत्तराधिकार का सवाल उठा। नेहरू के बाद देश का नेतृत्व कौन करेगा, यह एक बड़ा प्रश्न था। भारत जैसे नव-स्वतंत्र देश में यह चिंता थी कि क्या लोकतंत्र कायम रह पाएगा या सेना राजनीतिक भूमिका में आ जाएगी। नेहरू के निधन के बाद लालबहादुर शास्त्री को प्रधानमंत्री चुना गया। शास्त्री ने 1964 से 1966 तक देश का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में भारत ने चीन के साथ युद्ध के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया और 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ। शास्त्री ने 'जय जवान-जय किसान' का नारा दिया, जो देश की सैन्य और कृषि दोनों चुनौतियों का प्रतीक था। 1966 में शास्त्री की मृत्यु के बाद इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री पद संभाला। इस प्रकार, भारत ने शांति और लोकतांत्रिक तरीके से राजनीतिक उत्तराधिकार का प्रश्न हल किया, जो अन्य नव-स्वतंत्र देशों के लिए एक मिसाल था।
- 1964 में नेहरू की मृत्यु के बाद राजनीतिक उत्तराधिकार का सवाल उठा।
- भारत में लोकतंत्र के स्थायित्व को लेकर आशंकाएँ थीं।
- लालबहादुर शास्त्री को प्रधानमंत्री चुना गया।
- शास्त्री के कार्यकाल में भारत ने चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध किया।
- 'जय जवान-जय किसान' नारा शास्त्री ने दिया।
- शास्त्री की मृत्यु के बाद इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनीं।
- 📌 राजनीतिक उत्तराधिकार: किसी नेता के बाद सत्ता का हस्तांतरण।
- 📌 जय जवान-जय किसान: शास्त्री द्वारा दिया गया नारा, जो सैनिकों और किसानों के महत्व को दर्शाता है।
शास्त्री के बाद इंदिरा गाँधी
व्याख्याशास्त्री के बाद इंदिरा गाँधी
लालबहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद कांग्रेस पार्टी में प्रधानमंत्री पद के लिए दो प्रमुख दावेदार थे: मोरारजी देसाई और इंदिरा गांधी। मोरारजी देसाई पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री थे, जबकि इंदिरा गांधी ने शास्त्री के मंत्रिमंडल में सूचना मंत्री के
अभ्यास प्रश्न — Chapter 1
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.अवधारणा -भारतीय किसान यूनियन भारतीय किसान यूनियन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- 1. भारतीय किसान यूनियन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के किसानों का एक संगठन था । 2. यह 80 के दशक के किसान आंदोलन के अग्रणी संगठनों में से एक था। उपरोक्त में से कौन सा कथन सत्य है ?
उत्तर:
1 और 2 दोनों
Q2.अवधारणा -सूचना के अधिकार का आंदोलन सूचना के अधिकार को कानूनी मान्यता किस वर्ष में मिली?
उत्तर:
2005
Q3.अवधारणा -सूचना के अधिकार का आंदोलन सूचना के अधिकार का आंदोलन किस वर्ष में शुरू हुआ?
उत्तर:
1990
Q4.अवधारणा -सरदार सरोवर परियोजना सरदार सरोवर परियोजना के अंतर्गत आने वाले प्रभावित राज्य
उत्तर:
मध्य प्रदेश ,गुजरात महाराष्ट्र
Q5.अवधारणा -नर्मदा बचाओ आंदोलन नर्मदा बचाओ आंदोलन किस परियोजना को रोकने के लिए शुरू किया गया-
उत्तर:
सरदार सरोवर परियोजना
Q6.अवधारणा-ताड़ी विरोधी आंदोलन ताड़ी विरोधी आंदोलन आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में किस वर्ग ने आरंभ किया?
उत्तर:
महिला वर्ग
Q7.अवधारणा-भारतीय किसान यूनियन भारतीय किसान यूनियन के प्रमुख नेता का नाम-
उत्तर:
महेंद्र सिंह टिकैत
Q8.अवधारणा-गतिविधि 1972 में महाराष्ट्र के दलित युवाओं द्वारा बनाए गए संगठन का नाम-
उत्तर:
दलित पैंथस संगठन
Swatantra Bharat Mein Rajniti-II के सभी 8 अध्याय
Political Science · Class 12