Minerals and Mining Economy
Minerals and Mining Economy — अध्ययन नोट्स
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राजस्थान में खनिज संपदा का परिचय
व्याख्याराजस्थान में खनिज संपदा का परिचय
राजस्थान भारत का सबसे प्रमुख खनिज उत्पादक राज्य है, जहाँ विविध प्रकार के खनिज भंडार पाए जाते हैं। राज्य के भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 2% भाग खनिजों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। यहाँ धात्विक (Metallic) और अधात्विक (Non-Metallic) दोनों प्रकार के खनिज पाए जाते हैं। राजस्थान देश में सीसा (Lead), जस्ता (Zinc), चांदी (Silver), संगमरमर (Marble), जिप्सम (Gypsum), फेल्स्पार (Feldspar), अभ्रक (Mica), वोलास्टोनाइट (Wollastonite), फ्लोराइट (Fluorite) आदि के उत्पादन में अग्रणी है। राज्य की खनिज संपदा न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है, बल्कि यहाँ के औद्योगिक विकास को भी गति देती है। खनिजों की खोज, उत्खनन, प्रसंस्करण एवं विपणन से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। राजस्थान में खनिज सर्वेक्षण का कार्य भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (Geological Survey of India) तथा राज्य खनिज विभाग द्वारा किया जाता है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राजस्थान में खनिज सर्वेक्षण का प्रारंभ 1859 में हुआ। • राज्य में 79 प्रकार के खनिजों की खोज की गई है। • देश के कुल सीसा-जस्ता भंडार का 80% राजस्थान में है। • खनिजों के प्रमुख उत्पादक जिलों को मानचित्र पर अवश्य याद रखें। • सीसा-जस्ता, संगमरमर, जिप्सम के उत्पादन में राजस्थान की भूमिका बार-बार पूछी जाती है।
- राजस्थान में 79 प्रकार के खनिजों की खोज की गई है।
- राज्य के कुल क्षेत्रफल का लगभग 2% भाग खनिज दृष्टि से समृद्ध है।
- देश के कुल सीसा-जस्ता भंडार का 80% राजस्थान में है।
- राजस्थान में खनिज सर्वेक्षण का कार्य 1859 में प्रारंभ हुआ।
- राज्य में लगभग 58,000 खनिज पट्टे (leases) स्वीकृत हैं।
- 📌 धात्विक खनिज: वे खनिज जिनसे धातु प्राप्त होती है, जैसे – लौह, तांबा, सीसा।
- 📌 अधात्विक खनिज: वे खनिज जिनसे धातु नहीं प्राप्त होती, जैसे – जिप्सम, संगमरमर।
राजस्थान के प्रमुख धात्विक खनिज
अवधारणाराजस्थान के प्रमुख धात्विक खनिज
राजस्थान में धात्विक खनिजों में मुख्यतः सीसा (Lead), जस्ता (Zinc), तांबा (Copper), लौह (Iron), चांदी (Silver) आदि का उत्खनन होता है। इनमें से सीसा-जस्ता के भंडार एवं उत्पादन में राजस्थान देश में अग्रणी है। उदयपुर, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, झुंझुनूं, सीकर, नागौर आदि जिले धात्विक खनिजों के लिए प्रसिद्ध हैं। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc Ltd.) जैसी कंपनियाँ यहाँ खनन कार्य में संलग्न हैं। इन खनिजों का उपयोग औद्योगिक, विद्युत, निर्माण, आभूषण उद्योग आदि में होता है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • रामपुरा-आगुचा खान विश्व की सबसे बड़ी भूमिगत जस्ता खान है। • राजस्थान देश का एकमात्र चांदी उत्पादक राज्य है। • खेतड़ी तांबा परियोजना 1967 में प्रारंभ हुई। • सीसा-जस्ता, तांबा, चांदी के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों के नाम और जिले याद रखें। • खेतड़ी, जावर, रामपुरा-आगुचा, दरिबा – इन नामों पर बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं।
- सीसा-जस्ता का सर्वाधिक उत्पादन जावर, दरिबा, रामपुरा-आगुचा (भीलवाड़ा) में होता है।
- राजस्थान देश का एकमात्र चांदी उत्पादक राज्य है (मुख्यतः जावर खान)।
- तांबा उत्पादन के लिए खेतड़ी (झुंझुनूं) विश्व प्रसिद्ध है।
- लौह अयस्क उत्पादन में भीलवाड़ा, उदयपुर, अलवर प्रमुख हैं।
- राजस्थान में 2022-23 में 18.3 लाख टन सीसा-जस्ता उत्पादित हुआ।
- 📌 सीसा (Lead): एक धातु जिसका उपयोग बैटरियों, केबल्स आदि में होता है।
- 📌 जस्ता (Zinc): धातु, जिसका उपयोग गैल्वनाइजिंग, मिश्रधातु निर्माण में होता है।
राजस्थान के अधात्विक खनिज
व्याख्याराजस्थान के अधात्विक खनिज
राजस्थान में अधात्विक (Non-Metallic) खनिजों की प्रचुरता है। इनमें प्रमुख हैं – संगमरमर (Marble), जिप्सम (Gypsum), फेल्स्पार (Feldspar), अभ्रक (Mica), वोलास्टोनाइट (Wollastonite), फ्लोराइट (Fluorite), फॉस्फोराइट (Phosphorite), चूना पत्थर (Limestone),
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Economy of Rajasthan · Rajasthan General Knowledge