Budget and Fiscal Policy of Rajasthan
Budget and Fiscal Policy of Rajasthan — अध्ययन नोट्स
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राजस्थान का बजट: परिचय एवं महत्व
व्याख्याराजस्थान का बजट: परिचय एवं महत्व
राज्य बजट (Budget) वह वार्षिक वित्तीय दस्तावेज है जिसमें सरकार आगामी वित्त वर्ष के लिए आय (Revenue) और व्यय (Expenditure) का अनुमान प्रस्तुत करती है। राजस्थान में बजट का महत्व अत्यधिक है क्योंकि यह राज्य की आर्थिक दिशा, विकास योजनाओं, सामाजिक कल्याण, और अधोसंरचना के लिए वित्तीय संसाधनों का आवंटन सुनिश्चित करता है। बजट में सरकार की प्राथमिकताएं, नीतियाँ, और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की योजनाएँ स्पष्ट होती हैं। बजट के माध्यम से राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, पर्यटन, खनिज, और अन्य क्षेत्रों के लिए धन आवंटित करती है। बजट के दौरान राजस्व प्राप्ति (Revenue Receipts), पूंजीगत प्राप्ति (Capital Receipts), राजस्व व्यय (Revenue Expenditure), और पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) जैसी श्रेणियों का विवरण दिया जाता है। बजट का प्रस्तुतीकरण राजस्थान विधानसभा में वित्त मंत्री द्वारा किया जाता है। बजट के अंतर्गत राज्य के आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय, रोजगार सृजन, और वित्तीय अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राजस्थान का पहला बजट 1952 में प्रस्तुत किया गया था। • 2024-25 में बजट का आकार ₹3,90,000 करोड़ था। • राजस्थान के वित्त मंत्री बजट प्रस्तुत करते हैं। • राज्य बजट के आकार, प्रमुख योजनाओं, और आवंटन पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। • बजट प्रस्तुतीकरण की तिथि और वित्त मंत्री का नाम याद रखें।
- राजस्थान का बजट प्रतिवर्ष मार्च माह में विधानसभा में प्रस्तुत किया जाता है।
- 2024-25 में राजस्थान का बजट आकार ₹3,90,000 करोड़ से अधिक था।
- राजस्व प्राप्ति में कर (Tax) और गैर-कर (Non-Tax) आय शामिल होती है।
- राज्य सरकार की प्राथमिकताएँ बजट में स्पष्ट रूप से दर्शाई जाती हैं।
- बजट में सामाजिक कल्याण, अधोसंरचना, और आर्थिक विकास के लिए योजनाएँ सम्मिलित होती हैं।
- 📌 राजस्व प्राप्ति: सरकार की आय जिसमें कर और गैर-कर दोनों शामिल होते हैं।
- 📌 पूंजीगत व्यय: अधोसंरचना, परियोजनाओं, और संपत्ति सृजन पर खर्च।
राजस्व प्राप्तियाँ: स्रोत एवं विश्लेषण
अवधारणाराजस्व प्राप्तियाँ: स्रोत एवं विश्लेषण
राजस्व प्राप्तियाँ (Revenue Receipts) राजस्थान सरकार की आय का प्रमुख स्रोत हैं। यह दो भागों में विभाजित होती है: कर प्राप्तियाँ (Tax Revenue) और गैर-कर प्राप्तियाँ (Non-Tax Revenue)। कर प्राप्तियाँ में राज्य के अपने कर (State Taxes) जैसे वैट (VAT), स्टाम्प ड्यूटी, वाहन कर, भूमि राजस्व, और केंद्र से प्राप्त हिस्सा (Share of Central Taxes) शामिल है। गैर-कर प्राप्तियाँ में शुल्क (Fees), लाइसेंस, सेवाओं से प्राप्त आय, खनिज रॉयल्टी, और अन्य स्रोत सम्मिलित हैं। राजस्थान में खनिज रॉयल्टी, पर्यटन शुल्क, और शराब पर कर प्रमुख आय स्रोत हैं। राजस्व प्राप्तियों का उपयोग राज्य के दैनिक संचालन, वेतन, पेंशन, और कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाता है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राजस्थान में GST के तहत केंद्र से प्राप्त हिस्सा 2023-24 में ₹22,000 करोड़ था। • खनिज रॉयल्टी राजस्थान की राजस्व आय का प्रमुख स्रोत है। • राजस्व प्राप्तियाँ राज्य के संचालन के लिए आवश्यक होती हैं। • राजस्व प्राप्तियों के प्रमुख स्रोतों के आंकड़े और नाम याद रखें। • खनिज रॉयल्टी, पर्यटन शुल्क, और शराब कर पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।
- राजस्थान में खनिज रॉयल्टी से 2023-24 में ₹8,000 करोड़ की आय हुई।
- राज्य के अपने करों में वैट, स्टाम्प ड्यूटी, वाहन कर प्रमुख हैं।
- केंद्र से प्राप्त करों का हिस्सा GST के माध्यम से मिलता है।
- गैर-कर आय में पर्यटन शुल्क, लाइसेंस फीस, और सेवाओं से प्राप्त आय शामिल है।
- राजस्व प्राप्तियाँ राज्य के दैनिक खर्चों के लिए होती हैं।
- 📌 कर प्राप्तियाँ: राज्य के अपने कर और केंद्र से प्राप्त हिस्सा।
- 📌 गैर-कर प्राप्तियाँ: शुल्क, लाइसेंस, सेवाओं, खनिज रॉयल्टी आदि से आय।
राजस्व और पूंजीगत व्यय: संरचना एवं उपयोग
व्याख्याराजस्व और पूंजीगत व्यय: संरचना एवं उपयोग
राजस्व व्यय (Revenue Expenditure) और पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) राज्य बजट के दो प्रमुख व्यय घटक हैं। राजस्व व्यय में वेतन, पेंशन, ब्याज भुगतान, कल्याणकारी योजनाएँ, और प्रशासनिक खर्च शामिल हैं। यह खर्च राज्य के दैनिक संचालन के लिए होता है और इ
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Economy of Rajasthan · Rajasthan General Knowledge