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Agriculture Economy and Major Crops

🎓 Rajasthan General Knowledge📖 राजस्थान की अर्थव्यवस्था📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट

Agriculture Economy and Major Cropsअध्ययन नोट्स

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राजस्थान की कृषि अर्थव्यवस्था का परिचय

व्याख्या

राजस्थान की कृषि अर्थव्यवस्था का परिचय

राजस्थान की अर्थव्यवस्था में कृषि (Agriculture) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। राज्य की लगभग 60% जनसंख्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। राजस्थान का भौगोलिक विस्तार, जलवायु विविधता और सीमित जल संसाधन इसकी कृषि व्यवस्था को विशिष्ट बनाते हैं। यहाँ की कृषि मुख्यतः मानसून पर निर्भर है, जिससे फसल उत्पादन में वर्ष दर वर्ष परिवर्तन देखने को मिलता है। राज्य में खरीफ (Kharif) और रबी (Rabi) दोनों प्रकार की फसलें बोई जाती हैं। राजस्थान भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 10.4% भाग घेरता है, किन्तु सिंचित क्षेत्र की कमी के कारण कृषि उत्पादकता राष्ट्रीय औसत से कम है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राज्य की 60% से अधिक जनसंख्या कृषि पर निर्भर (2021 जनगणना अनुमान)। • राजस्थान का कुल भौगोलिक क्षेत्र 3,42,239 वर्ग किमी। • सिंचित क्षेत्र 86 लाख हेक्टेयर (2020-21)। • राजस्थान की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के आँकड़े याद रखें। • कृषि में मानसून की भूमिका पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।

  • राजस्थान की 60% से अधिक जनसंख्या कृषि पर निर्भर करती है।
  • राज्य का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किमी है।
  • सिंचित क्षेत्र लगभग 86 लाख हेक्टेयर (2020-21) है।
  • राज्य में वर्षा का औसत 531 मिमी है, जो असमान रूप से वितरित है।
  • राजस्थान की कृषि मानसून पर अत्यधिक निर्भर है।
  • 📌 कृषि (Agriculture): फसलों, पशुपालन, बागवानी आदि से संबंधित गतिविधियाँ।
  • 📌 सिंचित क्षेत्र (Irrigated Area): वह क्षेत्र जहाँ कृत्रिम सिंचाई द्वारा कृषि की जाती है।

राजस्थान की प्रमुख फसलें

अवधारणा

राजस्थान की प्रमुख फसलें

राजस्थान में विविध जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं। राज्य में मुख्यतः खाद्यान्न (Cereals), दलहन (Pulses), तिलहन (Oilseeds), नकदी फसलें (Cash Crops) और बागवानी फसलें (Horticulture Crops) बोई जाती हैं। प्रमुख फसलों में गेहूँ, बाजरा, जौ, मक्का, चना, सरसों, ग्वार, कपास, गन्ना, मूंगफली, अरंडी आदि शामिल हैं। राजस्थान बाजरा, ग्वार, सरसों, जीरा, मैथी, इसबगोल आदि के उत्पादन में देश में अग्रणी स्थान रखता है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • राजस्थान बाजरा उत्पादन में देश में प्रथम स्थान (2020-21)। • सरसों उत्पादन में देश में प्रथम स्थान (2020-21)। • ग्वार उत्पादन में देश में प्रथम स्थान (2020-21)। • प्रमुख फसलों के उत्पादन में राजस्थान की स्थिति अवश्य याद रखें। • नकदी फसलों के जिले व उत्पादन क्षेत्रवार पूछे जाते हैं।

  • राजस्थान देश में बाजरा, ग्वार, सरसों, जीरा उत्पादन में प्रथम स्थान पर है।
  • गेहूँ, जौ, मक्का, चना, मूंग, मोठ, उड़द प्रमुख खाद्यान्न फसलें हैं।
  • सरसों, मूंगफली, तिल, अरंडी प्रमुख तिलहन फसलें हैं।
  • कपास, गन्ना, ग्वार, इसबगोल नकदी फसलें हैं।
  • जीरा, धनिया, सौंफ, मैथी, अजवाइन प्रमुख मसाला फसलें हैं।
  • 📌 खाद्यान्न (Cereals): मुख्य रूप से भोजन हेतु उत्पादित फसलें जैसे गेहूँ, बाजरा।
  • 📌 नकदी फसलें (Cash Crops): वे फसलें जो मुख्यतः व्यापार हेतु बोई जाती हैं।

राजस्थान की कृषि जलवायु क्षेत्र (Agro-Climatic Zones)

अवधारणा

राजस्थान की कृषि जलवायु क्षेत्र (Agro-Climatic Zones)

राजस्थान की कृषि जलवायु विविधता के आधार पर राज्य को 10 कृषि जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक, जलवायु, मृदा और सिंचाई की स्थिति के अनुसार फसलें भिन्न-भिन्न होती हैं। इन क्षेत्रों का निर्धारण कृषि अनुसंधान, विस्तार