Banking and Financial System in Rajasthan
Banking and Financial System in Rajasthan — अध्ययन नोट्स
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राजस्थान में बैंकिंग प्रणाली का विकास
व्याख्याराजस्थान में बैंकिंग प्रणाली का विकास
राजस्थान में बैंकिंग प्रणाली का विकास स्वतंत्रता के पश्चात तीव्र गति से हुआ। राज्य में बैंकिंग सेवाओं की शुरुआत ब्रिटिश काल में हुई थी, जब 1943 में जयपुर में 'इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया' की शाखा स्थापित की गई। 1950 के दशक के बाद राष्ट्रीयकृत बैंकों के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में भी बैंकिंग सुविधाएँ पहुँचीं। राजस्थान में सहकारी बैंकिंग, ग्रामीण बैंकिंग, वाणिज्यिक बैंकिंग तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (Regional Rural Banks) का विशेष योगदान रहा है। 1969 में बैंकों के राष्ट्रीयकरण के बाद, राजस्थान के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हुआ। आज राज्य में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, राजस्थान राज्य सहकारी बैंक, राजस्थान ग्रामीण बैंक, आदि प्रमुख बैंक कार्यरत हैं। डिजिटल बैंकिंग और माइक्रोफाइनेंस के क्षेत्र में भी राजस्थान ने उल्लेखनीय प्रगति की है। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • 1969 में बैंक राष्ट्रीयकरण के बाद ग्रामीण बैंकिंग का विस्तार हुआ। • राजस्थान में 2023 तक 7,000+ बैंक शाखाएँ हैं। • राजस्थान राज्य सहकारी बैंक की स्थापना 1953 में हुई। • पहली बैंक शाखा की स्थापना (1943, जयपुर) अक्सर पूछी जाती है। • राष्ट्रीयकरण के वर्ष (1969) और उसके प्रभाव याद रखें।
- 1943 में जयपुर में इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया की पहली शाखा खुली।
- 1969 में 14 प्रमुख बैंकों के राष्ट्रीयकरण के बाद राजस्थान में बैंकिंग विस्तार हुआ।
- राजस्थान राज्य सहकारी बैंक 1953 में स्थापित हुआ।
- राज्य में 2023 तक 7,000 से अधिक बैंक शाखाएँ कार्यरत हैं।
- राजस्थान ग्रामीण बैंक 1976 में स्थापित हुआ, जिसका मुख्यालय अजमेर में है।
- 📌 राष्ट्रीयकृत बैंक: भारत सरकार द्वारा स्वामित्व वाले बैंक
- 📌 सहकारी बैंक: सहकारी समितियों द्वारा संचालित बैंक
राजस्थान में प्रमुख बैंक एवं उनकी भूमिका
अवधारणाराजस्थान में प्रमुख बैंक एवं उनकी भूमिका
राजस्थान में बैंकिंग क्षेत्र में कई प्रमुख बैंक कार्यरत हैं, जिनमें राष्ट्रीयकृत बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा सहकारी बैंक शामिल हैं। भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) राज्य में सबसे बड़ा वाणिज्यिक बैंक है। बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया आदि की भी राज्य में सशक्त उपस्थिति है। राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (Rajasthan State Cooperative Bank) तथा जिला स्तरीय सहकारी बैंक (District Central Cooperative Banks) कृषि ऋण तथा ग्रामीण वित्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राजस्थान ग्रामीण बैंक (Rajasthan Gramin Bank) तथा बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (Baroda Rajasthan Kshetriya Gramin Bank) ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन के लिए कार्यरत हैं। निजी बैंकों में HDFC, ICICI, Axis Bank आदि की भी शाखाएँ उपलब्ध हैं। ⭐ परीक्षा महत्वपूर्ण तथ्य: • बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक का मुख्यालय अजमेर में है। • राजस्थान राज्य सहकारी बैंक की स्थापना 1953 में हुई। • भारतीय स्टेट बैंक की सबसे अधिक शाखाएँ राजस्थान में हैं। • प्रमुख बैंकों के मुख्यालय और स्थापना वर्ष याद रखें। • सहकारी बैंक और वाणिज्यिक बैंक में अंतर पूछा जाता है।
- भारतीय स्टेट बैंक की 1,200 से अधिक शाखाएँ राजस्थान में हैं।
- राजस्थान राज्य सहकारी बैंक की 29 जिला शाखाएँ हैं।
- बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना 2013 में हुई।
- पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक आदि की सशक्त उपस्थिति।
- निजी बैंकों की शाखाओं में 2010 के बाद वृद्धि हुई।
- 📌 वाणिज्यिक बैंक: लाभ कमाने के उद्देश्य से संचालित बैंक
- 📌 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक: ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से स्थापित बैंक
राजस्थान में सहकारी बैंकिंग प्रणाली
व्याख्याराजस्थान में सहकारी बैंकिंग प्रणाली
राजस्थान में सहकारी बैंकिंग प्रणाली का आरंभ 1912 के सहकारी समितियों अधिनियम के लागू होने के पश्चात हुआ। सहकारी बैंकिंग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, कारीगरों और छोटे व्यापारियों को सुलभ ऋण उपलब्ध कराना है। राजस्थान राज्य सहकारी बैं
राजस्थान की अर्थव्यवस्था के सभी 10 अध्याय
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