Chapter 9
Chapter 9 — अध्ययन नोट्स
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9.1 परिचय
व्याख्या9.1 परिचय
इस अनुभाग में गुणक एवं प्रवर्तक सिद्धांत का परिचय दिया गया है। यह सिद्धांत मैक्रो अर्थशास्त्र में आय और व्यय के संबंध को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। गुणक (Multiplier) का अर्थ है कि जब निवेश या व्यय में परिवर्तन होता है, तो उससे उत्पन्न आय में कितनी गुना वृद्धि होती है। प्रवर्तक (Accelerator) सिद्धांत बताता है कि जब आय में वृद्धि होती है, तो उससे प्रेरित होकर निवेश में कितनी वृद्धि होती है। इन दोनों सिद्धांतों के माध्यम से हम अर्थव्यवस्था में विस्तार और संकुचन के चक्र को समझ सकते हैं। गुणक सिद्धांत को सबसे पहले जॉन मेनार्ड कीन्स ने प्रस्तुत किया था, जबकि प्रवर्तक सिद्धांत को पॉल ए. सैम्यूलसन ने विकसित किया। इस अध्याय में इन दोनों सिद्धांतों की व्याख्या, गणना, और उनके प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा।
- गुणक सिद्धांत निवेश और आय के संबंध को दर्शाता है।
- प्रवर्तक सिद्धांत आय और निवेश के संबंध को स्पष्ट करता है।
- दोनों सिद्धांत अर्थव्यवस्था के विस्तार और संकुचन को समझने में सहायक हैं।
- गुणक सिद्धांत की शुरुआत कीन्स ने की थी।
- प्रवर्तक सिद्धांत सैम्यूलसन द्वारा विकसित किया गया।
- 📌 गुणक: निवेश में परिवर्तन से उत्पन्न आय में गुणात्मक वृद्धि।
- 📌 प्रवर्तक: आय में वृद्धि से प्रेरित निवेश में वृद्धि।
9.2 गुणक सिद्धांत
अवधारणा9.2 गुणक सिद्धांत
गुणक सिद्धांत (Multiplier Theory) कीन्स द्वारा प्रस्तुत किया गया था। यह सिद्धांत बताता है कि जब स्वायत्त निवेश (Autonomous Investment) में परिवर्तन होता है, तो उससे उत्पन्न आय में कितनी गुना वृद्धि होती है। गुणक का मान इस बात पर निर्भर करता है कि उपभोग प्रवृत्ति (Marginal Propensity to Consume - MPC) कितनी है। यदि MPC अधिक है, तो गुणक भी अधिक होगा। गुणक का सूत्र है: गुणक = 1/(1 - MPC)। इसका अर्थ है कि यदि MPC 0.8 है, तो गुणक 1/(1 - 0.8) = 5 होगा। इसका तात्पर्य है कि यदि निवेश में 100 करोड़ रुपये की वृद्धि होती है, तो कुल आय में 500 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। गुणक सिद्धांत के अनुसार, निवेश में वृद्धि से आय, रोजगार, और उत्पादन में वृद्धि होती है।
- गुणक सिद्धांत कीन्स द्वारा प्रस्तुत किया गया।
- गुणक का मान MPC पर निर्भर करता है।
- गुणक का सूत्र: गुणक = 1/(1 - MPC)।
- गुणक के माध्यम से आय में गुणात्मक वृद्धि होती है।
- गुणक सिद्धांत आर्थिक विस्तार में सहायक है।
- 📌 स्वायत्त निवेश: वह निवेश जो आय से स्वतंत्र होता है।
- 📌 उपभोग प्रवृत्ति (MPC): आय में वृद्धि का वह भाग जो उपभोग में खर्च होता है।
9.3 गुणक की गणना
सूत्र9.3 गुणक की गणना
इस अनुभाग में गुणक की गणना की प्रक्रिया बताई गई है। गुणक का मान उपभोग प्रवृत्ति (MPC) पर निर्भर करता है। गुणक का सूत्र है: गुणक = 1/(1 - MPC)। यदि MPC ज्ञात है, तो गुणक आसानी से निकाला जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि MPC 0.8 है, तो गुणक = 1/(1 - 0.8)
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Macro Economics · Vardhman Mahaveer Open University