Chapter 5
Chapter 5 — अध्ययन नोट्स
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5.1 प्रस्तावना
व्याख्या5.1 प्रस्तावना
इस अनुभाग में बेरोजगारी की समस्या की पृष्ठभूमि और भारतीय आर्थिक विकास में इसकी भूमिका का परिचय दिया गया है। बेरोजगारी का अर्थ है - जब कार्य करने योग्य और इच्छुक व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार काम नहीं मिलता। भारत जैसे विकासशील देश में बेरोजगारी एक गंभीर सामाजिक-आर्थिक समस्या है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करती है, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में भी बाधा उत्पन्न करती है। प्रस्तावना में बताया गया है कि बेरोजगारी के कारण संसाधनों का अपूर्ण उपयोग होता है, जिससे राष्ट्रीय आय में वृद्धि नहीं हो पाती। बेरोजगारी के विभिन्न प्रकार, कारण और इसके प्रभावों को समझना आवश्यक है ताकि उपयुक्त नीतियाँ बनाई जा सकें। इस अध्याय में बेरोजगारी की परिभाषा, प्रकार, कारण, प्रभाव और समाधान के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई है।
- बेरोजगारी का अर्थ है - काम करने की इच्छा और योग्यता रखने के बावजूद रोजगार न मिलना।
- बेरोजगारी भारत की प्रमुख सामाजिक-आर्थिक समस्या है।
- यह समस्या देश की आर्थिक प्रगति में बाधा उत्पन्न करती है।
- बेरोजगारी के कारण मानव संसाधनों का अपूर्ण उपयोग होता है।
- इस अध्याय में बेरोजगारी के प्रकार, कारण और समाधान का विश्लेषण किया गया है।
- 📌 बेरोजगारी: काम करने की इच्छा और योग्यता रखने के बावजूद रोजगार न मिलना।
- 📌 आर्थिक विकास: देश की उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि।
5.2 बेरोजगारी की परिभाषा और माप
परिभाषा5.2 बेरोजगारी की परिभाषा और माप
इस अनुभाग में बेरोजगारी की औपचारिक परिभाषा और इसे मापने के विभिन्न तरीकों का वर्णन किया गया है। बेरोजगारी वह स्थिति है जिसमें कार्य करने की योग्यता और इच्छा रखने वाले व्यक्ति को उपयुक्त रोजगार नहीं मिलता। भारत में बेरोजगारी को मापने के लिए विभिन्न पद्धतियाँ अपनाई जाती हैं, जैसे - वार्षिक स्थिति, साप्ताहिक स्थिति और दैनिक स्थिति। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) द्वारा इन मापदंडों का उपयोग किया जाता है। बेरोजगारी दर का अर्थ है - कुल श्रमशक्ति में बेरोजगार व्यक्तियों का प्रतिशत।
- बेरोजगारी की स्थिति में व्यक्ति काम करने के लिए इच्छुक और सक्षम होता है, परंतु उसे काम नहीं मिलता।
- भारत में बेरोजगारी मापने के लिए NSSO द्वारा तीन प्रमुख पद्धतियाँ अपनाई जाती हैं।
- वार्षिक स्थिति: पिछले एक वर्ष में व्यक्ति ने अधिकांश समय काम नहीं किया।
- साप्ताहिक स्थिति: पिछले एक सप्ताह में व्यक्ति ने एक भी दिन काम नहीं किया।
- दैनिक स्थिति: सर्वेक्षण अवधि के प्रत्येक दिन की स्थिति को देखा जाता है।
- 📌 बेरोजगारी दर: कुल श्रमशक्ति में बेरोजगार व्यक्तियों का प्रतिशत।
- 📌 श्रमशक्ति: 15-59 वर्ष के वे व्यक्ति जो काम करने के योग्य और इच्छुक हैं।
5.3 भारत में बेरोजगारी के प्रकार
अवधारणा5.3 भारत में बेरोजगारी के प्रकार
इस अनुभाग में भारत में पाए जाने वाले बेरोजगारी के विभिन्न प्रकारों का विस्तार से वर्णन किया गया है। बेरोजगारी के प्रकार मुख्यतः तीन हैं - खुली बेरोजगारी, छिपी बेरोजगारी, और मौसमी बेरोजगारी। खुली बेरोजगारी वह है जिसमें व्यक्ति पूरी तरह से बेरोजगार होत
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Issues in Indian Economic Development · Vardhman Mahaveer Open University
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